उपनिषदों में योग चर्चा

बुधवार,जुलाई 5, 2017
श्वान संचालन (Down Dog/up Dog) : आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की क्या श्‍वान संचालन योग भी होता है। निश्‍चित ही कुछ आसन ...
आज पूरा विश्व भारत की तरफ टकटकी लगाए देख रहा है और भारत के सामने योग का एक बहुत बड़ा बाजार है। दरअसल पीएम मोदी ने 27 ...
आधुनिक युग में योग का महत्व बढ़ गया है। इसके बढ़ने का कारण व्यस्तता और मन की व्यग्रता है। आधुनिक मनुष्य को आज योग की ...
योग व्यायाम का ऐसा प्रभावशाली प्रकार है, जिसके माध्याम से न केवल शरीर के अंगों बल्कि मन, मस्तिष्क और आत्मा में संतुलन ...
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पहले अखाड़े हुआ करते थे अब जिम का प्रचलन है। अखाड़े भी है, लेकिन उनमें अब बहुत कम ही लोग जाते हैं। सुना यह भी है कि ...
योग का वर्णन वेदों में, फिर उपनिषदों में और फिर गीता में मिलता है, लेकिन पतंजलि और गुरु गोरखनाथ ने योग के बिखरे हुए ...
हर साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है। इस साल पूरे विश्व में तृतीय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया ...

अस्पर्श योग

शुक्रवार,जून 16, 2017
श्री आनंदगिरिजी ने इस कारिका का अर्थ इस प्रकार किया है- 'वर्णाश्रम धर्म से, पापादि मल से जिसको स्पर्श नहीं होता, जो ...
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भावातीत ध्यान अनुभव की पूर्ण अवस्था को पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करता है। इससे अनुभव की क्षमता बढ़ जाती है। यह जीवन को ...
अनियमित और मसालेदार भोजन के अलावा आरामपूर्ण जीवनशैली के चलते तोंद एक वैश्विक समस्या बन गई है जिसके चलते डायबिटीज और ...
ध्यान शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य के लिए बिलकुल निःशुल्क हानिरहित उपचार पद्धति है। इस सत्य को प्रायः हर उम्र तथा हर वय ...

भोग में योग

शुक्रवार,जून 9, 2017
योग विषय अनंत तथा असीम है। सभी आचार्यों ने इसकी पृथक-पृथक परिभाषाएं की हैं। योग जैसे गहन और दुरूह विषय में ...

योग शिक्षा का महत्व

गुरुवार,जून 8, 2017
योग एक मानस शास्त्र है जिसमें मन को संयत करना और पाशविक वृत्तियों से खींचना सिखाया जाता है। जीवन की सफलता, किसी भी ...

मृत्युंजय योग क्या है?

मंगलवार,जून 6, 2017
जिस प्रकार महाभारत में अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश किया था, उसी प्रकार श्रीद्वारकापुरी में उद्धवजी को भी ...
मां बनने का अर्थ है जीवन में नई जिम्मेदारियों से रूबरू होना। एक स्त्री, जो मां बनने वाली है, उसे अपने आपको मानसिक व ...
जप के अनेक प्रकार हैं। उन सबको समझ लें तो एक जपयोग में ही सब साधन आ जाते हैं। परमार्थ साधन के कर्मयोग, भक्तियोग, ...
‘षड्दर्शन’ से ही दुनिया के सभी धर्मों का आधार है। ये ‘षड्दर्शन’ है:- 1.न्याय 2.वैशेषिक 3.सांख्य 4.योग 5.मीमांसा ...
यदि यह सिद्ध हो जाता है कि प्राचीन मानव कम से कम 500 वर्षों तक आसानी से जिंदा रह सकता था तो हमें इतिहास को फिर से लिखना ...
योग और ध्यान को, भारत की ही तरह, यूरोप में भी मूल रूप से एक धार्मिक-आध्यात्मिक विषय ही माना जाता था। उनकी उपयोगिता को ...