| | | | | सर्वांगासन  | | सर्व अंग और आसन अर्थात सर्वांगासन। इस आसन को करने से सभी अंगों को व्यायाम मिलता है इसीलिए इसे सर्वांगासन कहते हैं। दमा, मोटापा, दुर्बलता एवं थकानादि विकार दूर होते है। इस आसन का... | | | | | |
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| | | | | | महर्षि पतंजलि | | योगसूत्र के रचनाकार पतंजलि काशी में ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी में चर्चा में थे। इनका जन्म गोनारद्य (गोनिया) में हुआ था लेकिन कहते हैं कि ये काशी में नागकूप में बस गए थे... | | | | | |
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| | | | क्या है बंध और मुद्रा | | घेरंड ने 25 मुद्राओं एवं बंध का उपदेश दिया है और भी अनेक मुद्राओं का उल्लेख अन्य ग्रंथों में मिलता है। हठयोग प्रदीपिका में 10 मुद्राओं का उल्लेखकर उनके अभ्यास पर जोर दिया। ये हैं- महामुद्रा महाबंधों महावेधश्च खेचरी। उड्यानं मूलबंधश्च बंधों जालंधराभिश्च... | | | | |
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