| | | | जानें धौती कर्म को | | ...शरीर को स्वस्थ्य और शुद्ध करने के लिए छ: क्रियाएँ विशेष रूप से की जाती हैं। जिन्हें षट्कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त होता सकता है। | | | | |
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| | | | | | त्राटक और नेती का चमत्कार | | शरीर को स्वस्थ्य और शुद्ध करने के लिए छ: क्रियाएँ विशेष रूप से की जाती हैं। जिन्हें षट्कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त होता सकता है। ये क्रियाएँ हैं... | | | | | |
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| | | | हिंदू धर्मग्रंथ को पढ़कर समझने वाले ही धर्म को जानते हैं और फिर उस पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने, बहस करने से कतराते... | | | | | अकसर यह आरोप लगाया जाता है कि हिंदू धर्म में भ्रम और विरोधाभास ज्यादा है। इससे समाज में बिखराव और जातिवाद पनपता है। मूर्ति पूजा का प्रचलन... | | |
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| | | | | भुजंगासन  | | इस आसन में शरीर की आकृति फन उठाए हुए भुजंग अर्थात सर्प जैसी बनती है इसीलिए इसको भुजंगासन या सर्पासन कहा जाता है... | | | | | |
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