आलेख | योगासन
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योग से जाग्रत करें सेक्स ऊर्जा
'भुवन ज्ञानम्‌ सूर्ये संयमात।'- सूर्य पर संयम संपन्न करने से सौर ज्ञान की उपलब्धि होती है। सूर्य ऊर्जा का केंद्र है हमारी काम वासना। या यूँ कहें की कामवासना का केंद्र हमारे भीतर की सूर्य ऊर्जा होती है। कामवासना के कारण ही व्यक्ति ऊष्ण और उत्तेजित हो जाता है। हमारे भीतर जो सूर्य उर्जा है उस पर संयम करने से सौर ज्ञान को जाना जा सकता है। सौर ज्ञान को जानने से ही सेक्स की ऊर्जा जाग्रत की जा सकती है।
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साँसों में तूफान पैदा करो...
प्राणायाम के बारे में सभी ने सुना और प्राणायाम की विधि व लाभ के बारे में पढ़ा भी है, लेकिन प्राणायाम कैसे करते हैं, इसकी प्रक्रिया क्या है तथा यह किस तरह से लाभ पहुँचाता है, यह कम ही पढ़ने को मिला होगा। थ्‍योरी और प्रेक्टीकल अर्थात सिद्धांत और प्रायोग- इन दोनों के ‍बीच भी कुछ चीजें होती है, जिन्हें हम प्राणायाम की पूर्व तैयारी भी नहीं कह सकते, बल्कि कहेंगे की कुछ ऐसी...
सनातन धर्म का सत्य
सनातन का अर्थ है जो शाश्वत हो, सदा के लिए सत्य हो। जिन बातों का शाश्वत महत्व हो वही सनातन कही गई है। जैसे सत्य सनातन है। ईश्वर ही सत्य है, आत्मा ही सत्य है, मोक्ष ही सत्य है और...
पहला मानव 'स्वायंभुव'
स्वायंभुव 'मनु' को आदि भी कहा जाता है। 'आदि' का अर्थ प्रारंभ। सभी भाषाओं के मनुष्य-वाची शब्द मैन, मनुज, मानव, आदम, आदमी आदि सभी मनु शब्द से प्रभावित है। यह समस्त मानव जाती के...
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पादहस्तासन 
इसमें हम दोनों हाथों से अपने पैर के अँगूठे को पकड़ते हैं, पैर के टखने भी पकड़े जाते है। चूँकि हाथों से पैरों को पकड़कर यह आसन किया जाता है इसलिए इसे पादहस्तासन कहा जाता है।