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लघु कहानी : अपराध बोध...

बुधवार,दिसंबर 13, 2017
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मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल के सामने से एप्रन पहने 3 लड़कियां दौड़ पड़ी सड़क किनारे। सुबह के 9 बजने में कुछ ही मिनट बचे ...
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संगति का असर तो होता ही है। यह बात रमेश को उस समय समझ आई, जब 1 माह तक अपनी बुरी आदतों को छोड़कर वह सादगी से अपने कर्म ...
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लघु कथा : चोर

गुरुवार,नवंबर 16, 2017
आज शाम से मैंने अपनी छत पर गुलेल और कुछ कंकर इकट्ठा कर रख लिए थे। कल सुबह सूरज निकलने के पहले वह फूल तोड़ने आएगा तो ...
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अरे मेरी अर्द्धांगिनी, तुम नहीं समझोगी कि कितनी मुश्किल से टिकट मिली है। महिला सीट है और मैं इस पर चुनाव नहीं लड़ सकता, ...
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एक अमीर महिला मोहल्ले में बड़ी-बड़ी डींगे हाकती रहती थी। उसके पास पैसा है। उसी मोहल्ले में गरीब व मध्यम परिवार के लोग भी ...
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आज मैं दीपावली की सफाई में पत्नी का हाथ बंटा रहा था कि अचानक मेरे हाथ में अपने गांव की पुरानी फोटो लग गई जिसमें पूरा ...
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लघुकथा - रक्तदान

मंगलवार,सितम्बर 26, 2017
छोटे बेटे की बीमारी से परेशान सुनीता जैसे-तैसे अपने दिन काट रही थी। मजदूर पति सुरेश सुबह ही दिहाड़ी के लिए निकल जाता। ...
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65 पार कर चुके रमेश को अपनी जिंदगी से कोई शिकायत नहीं थी। सदा प्रसन्न रहने वाले सेवानिवृत रमेश का भरा-पूरा परिवार था। ...
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लघुकथा : "उलझनों के पार "

मंगलवार,सितम्बर 19, 2017
मेरी नाव चल पढ़ी थी बारिश के पानी की बहती धरा के साथ। जैसे ही वो हिचकोले खाती, मेरे दिल की धड़कन भी ऊपर नीच हो जाती। वो ...
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लघु कहानी : वास्तुदोष

शुक्रवार,सितम्बर 15, 2017
बड़े शौक से घर के मुख्य द्वार पर सुंदर-सा झूमर टांगा। हवा के स्पंदन से झूमर की क्रिस्टल वाली छड़ें टकराकर मधुर ध्वनियां ...
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हिन्दी कहानी : मैं बूढ़ा हूं...

बुधवार,सितम्बर 13, 2017
आईने के सामने कुछ बचे-कुचे शेष बालों पर कंघी फेरते हुए भौंहों के मध्‍य से झांकते हुए दो सफेद बालों को देखकर एक दम चौंक ...
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पुराने जमाने मे मिजो जनजातियां भोजन के लिए मक्का, ज्वार-बाजरा, फल-फूल, साग-सब्जियों एवं विभिन्न पशु-पक्षियों के मांस का ...
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लघुकथा - देह की दुर्गति

मंगलवार,अगस्त 29, 2017
चार भाई बहनों में बड़ी, नाजों से पली राजो का बचपन हंसते खेलते बीत गया था। कैशोर्य की अल्हड़ता और प्रस्फुटित हो रही मादकता ...
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सहजता से चल रही रमा और राजन की गृहस्थी में बेखबर फासले दस्तक दे चुके थे। मन के किसी कोने में दोनों ही एक अलगाव-सा महसूस ...
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उत्साह और उम्र का भला क्या संबंध? उत्साह पैदा होते ही उम्र को कहीं पीछे धकेल देता है। उम्र कितनी ही हो जाए, बेटियों का ...
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दीपा क्लास के दरवाजे पर इस तरह खडी हो गई कि अवनि क्लास के अंदर नहीं आ पाए, जानबूझकर दीपा ऐसे काम करती जिससे अवनि को ...
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आज वैभव का पत्र आया था। भाई के पत्र का कितने दिनों का इंतजार आज खत्म हुआ। पर आज जब पत्र उसके हाथ में है, अंजली उसे ...
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लघुकथा - संस्कारों का मान

सोमवार,जुलाई 24, 2017
बात रमेश के अस्तित्व पर आकर अटक गई थी। रह-रह कर उसका मन अपनी जिंदगी को यूं ही खत्म करने के लिए उकसाता था, पर वह इन ...
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कल सुबह नींद खुली तो मैंने देखा कि एक चिड़िया, जिसका सिर्फ एक ही पैर था, आंगन में फुदक रही थी। बहुत मुश्किल से वह अपना ...
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