कविता : गंगा जल अमृत बन जाएगा

नदियों के जल जब निर्मल होंगे, गंगा जल अमृत बन जाएगा। जन-जन में जब आस जागेगी, गंदगी न कोई फैलाएगा। मुर्दाघाट जब अलग बनेगा, कोई लाश नहीं ...

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हिन्दी कविता : ईश्वर बंट गया है आज...

ईश्वर बंट गया है आज, यह अल्लाह की इबादत या राम की आराधना की वजह से नहीं बंटा। यह तो बंटा ...

हिन्दी कविता : देश के गांवों को सलाम

लगा सोचने बैठकर इक दिन, शहर और गांवों में अंतर, बोली यहां की कितनी कड़वी, गांवों में ...

..जब कांप उठा था जलियांवाला बाग

आधुनिक इतिहास के सबसे नृशंस हत्याकांडों में शुमार तेरह अप्रैल 1919 का दिन वह तवारीखी लम्हा है, जब बैसाखी के दिन हजारों लोग रोलेट एक्ट और ...

हिन्दी कविता : ओ बदसूरत...

लोग कहते हैं न सूरत है न सीरत, बेबसी की बस है मूरत ओ बदसूरत। यह सच है कि अल्लाह ने मुझे ...

हिन्दी कविता : संघर्ष ही विजय

जीवन उसी का नाम है, जो संघर्षों से गुजरे, उसका जीवन क्या जीवन है, जो बच-बच के निकले। माना ...

कविता : दूध का उफान

'लो फिर दूध उफन गया' कहते हुए, दौड़ते हुए मैंने गैस बंद कर दी। इतनी देर से दूध के गरम होने ...

हिन्दी कविता : औरत होती है एक किताब

जब औरत भूख बेलती है बेलन से और जब लगाती है छौंके मैथी- जीरे के तो जायके सारे होंठों पे ...

हिन्दी कविता : पेड़ की पुकार...

रो-रोकर पुकार रहा हूं, हमें जमीं से मत उखाड़ो। रक्तस्राव से भीग गया हूं मैं, कुल्हाड़ी अब ...

कविता : ...जब धरती करवट लेती है

जब पाप बढ़े अत्याचार बढ़े तब धरती करवट लेती है, जब एक गरीब की आह निकले तब धरती करवट लेती ...

हिन्दी कविता : नींव की ईंट

मैं नींव की ईंट हूं, दबी हुई पड़ी हुई। कराहती बिलखती, कुछ दर्दभरे नगमे सुनाती। मेरे ऊपर ...

हिन्दी कविता : शर्मिन्दा हैं हम

शर्मिन्दा हैं हम, क्योंकि हम उस एहसास को प्रणाम नहीं कर पाए। जो मेरे गर्भ में आने, पर ...

दीपावली@अस्पताल.कॉम : सामाजिक यथार्थ का दस्तावेज

मधु जी की कहानियों का आकार संक्षिप्त है। छोटे कथ्य में महत्वपूर्ण संदेश बयान करने का जो ...

हिन्दी कविता : इल्म

अलग क्यों मानते हैं, क्यों सब तरफ लकीरें खींच दी हैं। तान दिए इमारतों के शामियाने, बैठा ...

हिन्दी कविता : दंगाइयों से कह दो

मैं हिन्दू था, वह मुसलमान थी। हम दोनों के बीच, एक बच्चा था जिसका नाम हिन्दुस्तान था। मेरे प्यारे शहर में दंगा फैल गया

जीवन का मूल स्वर है 'दर्द का कारवां'

आम जीवन की बेबाकी से जिक्र करना और इसकी विसंगतियों की सारी परतें खोल देना यह विवेक और ...

उजाले की परछाई : दो गांधी आमने-सामने

बापू और हरिलाल दोनों अपनी जगह अच्छे थे, सच्चे थे, सही थे लेकिन परिस्थितियों के दंश ने एक ...

बापू और पुत्र के बीच मतभेद की वजह क्या थी?

प्रख्यात इतिहासकार रामचंद्र गुहा की हाल में प्रकाशित पुस्तक 'गांधी- भारत से पहले' में यह ...

माखनलाल चतुर्वेदी : भारतीय आत्मा

बीसवीं सदी के पूर्वार्द्ध में अनेक महापुरुषों ने राष्ट्रीय परिदृश्य पर अपने बहुआयामी व्यक्तित्व और कालजयी कृतित्व की छाप छोड़ी है। ऐसे महापुरुषों ...

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लाइफ स्‍टाइल

लाजवाब मिठाई : सत्तू के लड्‍डू

एक जमाना था जब लोग घर में तैयार किए गए सत्तू का सुबह-सुबह सेवन करके दिनभर धूप का मुकाबला करने के ...

कूल-कूल शुगर केन कुल्फी

सबसे पहले बटर स्कॉच बनाने के लिए 2 बड़े चम्मच चीनी को भारी तले के बर्तन में पिघलाएं। पिघली चीनी में ...

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जरुर पढ़ें

भारत गांधी के बाद, नेहरू के बाद

अकादमिक रूप से इतिहास को अगर कोई पढ़ना चाहे, तो सारी पाठ्य-पुस्तकें सन 47 में यूनियन जैक उतारकर और ...

सेक्स से जुड़े 16 आश्चर्यजनक तथ्य

सेक्स को हमेशा से इंसान एक खास संवेदना के रूप में देखता आया है और अगर कहा जाए कि किसी भी व्यक्ति के ...

बाल कविता : पापा ऑफिस गए

मेरे पापा मुझे उठाते, सुबह-सुबह से बिस्तर से। और बिठाकर बस में आते, बिदा रोज करते घर से। भागदौड़ ...

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