धूप घनी तो अम्मा बादल छांव ढली तो अम्मा पीपल गीली आंखें, अम्मा आंचल मैं बेकल तो अम्मा बेकल। रात की आंखें अम्मा काजल बीतते दिन का अम्मा पल-पल जीवन...
जीजी को अपने नीम के पेड़ से बड़ा मोह था। मजाल कि कोई एक पत्ती, डाली या निंबोली तोड़ ले! दातून के लिए भी नीम को हाथ नहीं लगा सकते थे। जब कभी हमें शरारत...