हिन्दी की बोलियों को महत्व देगा दूरदर्शन

प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी जवाहर सरकार ने कहा है कि दूरदर्शन अपने कार्यक्रमों में हिन्दी की बोलियों को अधिक महत्व देगा, क्योंकि हिन्दी पट्टी में उत्तर भारत की इन बोलियों ने ही हिन्दी को जीवंत भाषा बनाया है।

रक्षाबंधन पर कविता

जाति-धर्म के तोड़ता बंधन, फिर भी सबको है भाता। कांटे भी खिलते फूलों से, जब रक्षाबंधन है ...

व्यंग्य रचना : पुलिस का हृदय परिवर्तन

आपने पुलिस के एक अधिकारी को मुख्य आरोपी के माथे को चूमने पर निलम्बित होने की खबर पढ़ी ...

लघुकथा : मां

हमारे घर के पीछे खाली जमीन है। माली वहां से गुजर रहा था तभी उसने बताया था कि उसने वहां एक ...

राजीव गांधी एक विलक्षण व्यक्तित्व

भारत के नौवें प्रधानमंत्री भारतरत्न राजीव गांधी भारत की महान नेत्री स्व. इंदिरा गांधी व ...

समरसिद्धा : प्रेम, पीड़ा और प्रतिशोध की गाथा

पेंगुइन बुक्स प्रकाशन से संदीप नैयर का पहला उपन्यास आया है- समरसिद्धा। भाषा, प्रस्तुति, ...

सीमा व्यास के कथा संग्रह 'क्षितिज की ओर' का

वरिष्ठ कथाकार मालती जोशी ने कहा कि जब भी मैं किसी स्त्री को दो मोर्चे संभालते हुए देखती ...

सुधीर कुमार सोनी की कविताएं

म सभी अचम्भित हैं कि इस नीले आसमान के ऊपर क्या होगा किस पर टिकी है यह धरती हलचल है कब से ...

काव्य संसार : शाश्वत

स्याही सूखी, कलम भी टूटी, सपने भी टूटे तो क्या, अभी शेष समंदर मन में, आंसू भी सूखे तो ...

प्राण साब, हो सके तो लौट आइए

आज 30 से 40 साल तक के 'बच्चों' की आंखें नम है.... उनके बचपन का एक ऐसा कोमल काल्पनिक ...

भारत के वॉल्ट डिज्नी थे प्राण कुमार शर्मा

प्राण कुमार शर्मा ने आज 75 साल की उम्र में अपनी अंतिम सांस ली। प्राण नाम से पहचाने जाने ...

व्यंग्य रचना : गुजारता दिन गरीब

जब से हमने अक्षरों को पहचानना सीखा तब से हमें 'ग' से गधा, गमला, गागर या फिर और अधिक हुआ तो गाय बताया गया जिसको आज तक हम नहीं भूले। मुझे आश्चर्य ...

लघुकथा : अनमोल तोहफा

मुझे याद है, मैं आठ साल की थी, अपनी सहेलियों के साथ बगीचे में खेल रही थी तभी हमने एक आवाज सुनी- 'चाय के कप ले लो', 'चाय के कप ले लो'। एक छोटा ...

बरसात की बूंदें

बरसात की बूंदें बादलों से धरती के बीच की दूरी को मापती हुई बूंदें, हरियाली की प्रचुरता देती है धरती को।

कैसे जिंदगी की बात करें...

गुमनाम आवाज़ों के लश्कर में खोई-खोई बहार है,रुठा-रुठा मौसम है कैसा उदास मंज़र है इसमें तुम और मैं दीवानों की मानिंद मिलकर कैसे जिंदगी की बात करें ...

नोबेल पुरस्कार उपन्यासकार नादिने गोर्डिमर नहीं ...

दक्षिण अफ्रीका की नोबेल पुरस्कार से सम्मानित लेखक और रंगभेद नीति के खिलाफ सक्रिय रहे नादिने गोर्डिमर का 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।

व्यंग्य रचना : सुविधा शुल्क

चुनावी बहार दीवारों को 5 साल बाद मयस्सर होती हैं लेकिन एक मौका ऐसा भी है जो इन्हें हर वर्ष प्राप्त होता है,जब इन पर बहार छाती हैं तो इनकी ...

गुलाम मंडी : थर्ड जेंडर के दर्द को उकेरता उपन्यास

सुविख्यात लेखिका निर्मला भुराड़िया विशेष बधाई की हकदार हैं कि उपन्यास 'गुलाम मंडी' लिखकर उन्होंने ना सिर्फ एक जटिल विषय को अपने लेखन का केंद्र ...

आप आए तो खयाले दिले नाशाद आया

आप आए, अच्छा लगा। देश का प्रथम नागरिक आए तो अच्छा लगना ही चाहिए। फिर आप बच्चों को उपाधि देने आए तो इससे भी खुशी ही हुई। लेकिन कई कारण हैं, जो ...

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संपादकीय

न तो युद्घ विकल्प है, न संवादहीनता

-अनिल जैन

तेजस्वी तेस्कर के हत्यारे...

भोपाल की रहने वाली 22 वर्षीय तेजस्वी तेस्कर ने भेल की सारंगपाणी झील में कूदकर ख़ुद्कुशी कर ली। ...

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'ब्रांड इंडिया' का लाभ लेना चाहते हैं मोदी

वाशिंगटन। ओलिंपिक पदक विजेता और भाजपा सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा है कि प्रधानमंत्री ...

न्‍यूयॉर्क म्‍यूजियम ने किया ओम पुरी को सम्‍मानित

जाने-माने अभिनेता और उम्‍दा कलाकार ओम पुरी को हाल ही में न्‍यूयॉर्क के एक प्रसिद्ध म्‍यूजियम द्वारा ...

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