0

संक्रांति पर पढ़ें नन्ही चिड़िया की कहानी : प्लीज, हमें बचा लो...

शनिवार,जनवरी 13, 2018
0
1
जब भी मकर संक्रांति आती है मुझे याद आती है अपने मम्मी पापा की। तब मैं बहुत छोटा था। मेरे पंख बहुत नाजुक थे। मैं उड़ भी ...
1
2

प्रेरक कहानी : दो आने दाम

मंगलवार,दिसंबर 26, 2017
राजा बुद्धिमान था। वह साहूकार के कहने का आशय समझ गया कि यदि राजकुमार को वर्तमान में एक साधारण व्यक्ति की तरह काम पर या ...
2
3

ब्यूटी और बीस्ट कहानी

मंगलवार,दिसंबर 12, 2017
एक समय की बात है, एक व्यापारी की 3 बेटियां थीं। एक दिन उसे किसी काम से दूर देश जाना था, जाने से पहले उसने अपनी बेटियों ...
3
4
बंदर दिल का अच्छा था। उसने सोचा कि पेड पर इतने फल हैं, इस बेचारे को भी उनका स्वाद चखना चाहिए। उसने एक फल तोड़कर मगर की ...
4
4
5
एक विचित्र पक्षी रहता था। उसके दो सिर थे। दो सिर होने के कारण भारुंड के दिमाग भी दो थे, जिनमें से एक पूरब जाने की ...
5
6
एक बार एक जंगल के निकट दो राजाओं के बीच घोर युद्ध हुआ। एक जीता दूसरा हारा। सेनाएं अपने नगरों को लौट गईं। बस, सेना का एक ...
6
7
काशी में शास्त्रों का अध्ययन कर गांव लौटे पंडित जी के पास एक किसान आया और उसने पूछा- पंडित जी आप यह बताइए कि पाप का ...
7
8

लघु बाल कहानी : ऑटोग्राफ

शुक्रवार,सितम्बर 8, 2017
एक बार एक बच्चे ने ऑटोग्राफ पुस्तिका नेहरूजी के सामने रखते हुए कहा- साइन कर दीजिए। बच्चे ने ऑटोग्राफ देखे, देखकर ...
8
8
9

लघु कहानी : भारत महान है...

सोमवार,अगस्त 14, 2017
15 अगस्त के अवसर पर एक विदेशी सामाजिक संस्था के प्रमुख भारत के सबसे बड़े बाल आश्रम में झंडावंदन के कार्यक्रम में ...
9
10

रोचक लोककथा : लपसी और तपसी

गुरुवार,अगस्त 10, 2017
एक लपसी था, एक तपसी था। तपसी हमेशा भगवान की तपस्या में लीन रहता था। लपसी रोजाना सवा सेर की लापसी बनाकर भगवान का भोग लगा ...
10
11
सेठ जी के बगीचे में राधा नाम की एक मालन बग-बगीचे की देखभाल किया करती थी। उसका एक बेटा नंदन था जो विमला और राजू की ...
11
12
सावन आते ही चारों ओर प्राकृतिक सुषमा छा गई थी। जहां-तहां नए पौधों के अंकुर फूटने लगे थे। नई कोंपलों और रंग-बिरंगे फूलों ...
12
13
महाकवि कालिदास रास्ते में थे। प्यास लगी। वहां एक पनिहारिन पानी भर रही थी। कालिदास बोले : माते! पानी पिला दीजिए बड़ा ...
13
14

बाल कहानी : पौधा तुलसी का...

बुधवार,जुलाई 19, 2017
पन्द्रह दिन विद्यालय खुले हो गए थे, पर अभी सब बच्चों के पास पुस्तकें नहीं आ पाई थीं इसलिए विषयों के पाठ पढ़ाना मुश्किल ...
14
15
सातवीं के छात्र मृदुल को आजकल दिन-रात एक ही सपना दिखाई देता है और वह था कि उसने साइकल रेस जीत ली है। ऐसा नहीं था कि वो ...
15
16
मेरी खिड़की पर चिड़ियों एक घोंसला बना था। मैंने देखा कि उसमें से कुछ दिनों से आवाज नहीं आ रही थी। मुझे लगा, अब इसे हटा ...
16
17
नेहरूजी इंग्लैंड के हैरो स्कूल में पढ़ाई करते थे। एक दिन सुबह अपने जूतों पर पॉलिश कर रहे थे तब अचानक उनके पिता पं. ...
17
18
'दरियां ले लोऽऽऽ, दरियांऽऽऽ, रंग-बिरंगी मजबूत टिकाऊ दरियां'। जैसे ही टीना ने आवाज सुनी, वह बस्ता जस का तस छोड़कर बाहर की ...
18
19
एक बार अकबर-बीरबल हमेशा की तरह टहलने जा रहे थे। रास्ते में एक तुलसी का पौधा दिखा तो मंत्री बीरबल ने झुककर प्रणाम ...
19