बाल कविता : छोटी चिड़िया...

छोटी चिड़िया आंगन में आकर, चावल के किनके चुगती थी। चारों तरफ फुदक-फुदक के, ची-ची-ची-ची करती थी। उस समय आंगन में मेरे, अद्भुत शोभा होती थी।

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वर्ल्‍ड बुक डे : कल्पना और शब्दों की जादुई

कहते हैं बुक्‍स इंसान की सबसे अच्‍छी फ्रेंड होती हैं। ये न कुछ माँगती हैं न ही पलट के जवाब देती हैं। और खर्चा भी आपसे सि‍र्फ एक बार ही कराती हैं ...

कविता : गर्मी का शंखनाद

शंख बजे ज्योंही गर्मी के मौसम ने यूं पलटा खाया, दहक उठा कण-कण धरती का कड़ी धूप ने बिगुल ...

मजेदार कहानी : नकल में अकल चाहिए...

एक पहाड़ की ऊंची चोटी पर एक बाज रहता था। पहाड़ की तराई में बरगद के पेड़ पर एक कौआ अपना ...

पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल : क्या कहती है धरती हमारी

आपने पढ़ा है कि जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान है। जानते हो क्यों? तुम्हारी माता ने ...

बाल साहित्य : वह कूड़ा बीनने वाली लड़की

वह कूड़ा बीनने वाली, नन्ही सी लड़की दिखती है मुझे नित्य प्रात: की सैर पर, अपनी आंखों में ...

बच्चों की मनोरंजक कविता : आओ चिड़िया

आओ चिड़िया आओ चिड़िया, कमरे में आ जाओ चिड़िया। पुस्तक खुली पड़ी है मेरी, एक पाठ पढ़ जाओ ...

बाल साहित्य : गाय हमारी माता है...

गाय हमारी माता है, जन-जन घर पूजी जाती है। जिस खूंटे पर बंधी रहती है, सुख-समृद्धि सब लाती ...

...आज भी तात्या टोपे की याद दिलाती है वह वीरान ...

सन्‌ 1857 की क्रांति के वीर अमर शहीद तात्या टोपे को शिवपुरी नगर में 18 अप्रैल 1859 को ...

स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी तात्या टोपे

तात्या टोपे का जन्म 1814 में येवला में हुआ। तात्या का वास्तविक नाम रामचंद्र पांडुरंग राव ...

बच्चों की कविता : क्यों बापू याद न आए

किसने एटम बम बनाया, किसने तोप बनाई। तोप बनाकर पीछे से फिर, किसने आग लगाई? आग लगाकर तोप ...

क्यों मनता है अग्निशमन सेवा दिवस...

14 अप्रैल 1944 का एक धधकता शुक्रवार था, जब विक्टोरिया डाक बंबई में सेना की विस्फोट ...

बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी बाबासाहेब अम्बेडकर

इतिहास मानव संघर्ष की कहानी है। बिना संघर्ष के क्या जीवन? जय-पराजय, मान-अपमान से ऊपर उठकर ...

अद्वितीय प्रतिभा के धनी डॉ. भीमराव अम्बेडकर

14 अप्रैल 1891 को महू में सूबेदार रामजी शकपाल एवं भीमाबाई की 14वीं संतान के रूप में डॉ. ...

बालगीत : कभी न खाना तम्बाकू

किसी किराने की दुकान से, तम्बाकू के पाउच ले आते। गली-गली में बच्चे दिखते, खुल्ल्म-खुल्ला ...

फनी कविता : तितली रानी

पूर्व दिशा से उड़ती आई, कलियों पर मंडराती है। इन फूलों पर बैठ-बैठकर, अपनी कला दिखाती है। ...

महात्मा ज्योतिबा फुले

महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को पुणे में हुआ था। उनकी माता का नाम ...

बाल साहित्य : बहुत जोर से भूख लगी है

गप्पड़-गप्पड़ सत्तर-अस्सी, खाए समोसे खड़े-खड़े। तीस गिलास पिएंगे लस्सी, इसी बात पर अड़े खड़े।

बाल कविता : चींटी मेरी बेस्ट फ्रेंड है

चींटी मेरी बेस्ट फ्रेंड है, बीए पास बीएड ट्रेंड है। हर दिन लांग ड्राइव पर जाती, अपने खुद ...

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लाइफ स्‍टाइल

...जब द्व‍ितीय विश्वयुद्ध के जीवित सैनिक को मान बैठे थे शहीद

द्व‍ितीय विश्वयुद्ध के दौरान ब्रह्मावली में एक बेहद संवेदी घटना घटी थी। उस दौरान यहां का एक सिपाही ...

कहानी : चितचोर का महल

बरखा सहेलियों संग मेले से वापस आ रही थी। प्यास के मारे गला सूख रहा था। घर को आने वाली राह पर न कोई ...

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जरुर पढ़ें

भारत गांधी के बाद, नेहरू के बाद

अकादमिक रूप से इतिहास को अगर कोई पढ़ना चाहे, तो सारी पाठ्य-पुस्तकें सन 47 में यूनियन जैक उतारकर और ...

सेक्स से जुड़े 16 आश्चर्यजनक तथ्य

सेक्स को हमेशा से इंसान एक खास संवेदना के रूप में देखता आया है और अगर कहा जाए कि किसी भी व्यक्ति के ...

बाल कविता : पापा ऑफिस गए

मेरे पापा मुझे उठाते, सुबह-सुबह से बिस्तर से। और बिठाकर बस में आते, बिदा रोज करते घर से। भागदौड़ ...

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