बाल कविता : लकड़ी का घोड़ा

लकड़ी का घोड़ा है मेरा देखो कैसा टप-टप चलता मेरी टांगों के अंदर से अपना मुंह ऊंचा कर चलता है ...1 हिन हिन हिन हिन जब मैं करता मेरे साथ ...

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चटपट‍ी-अटपटी मजेदार बाल पहेलियां

जल से जीवन मुझ में रहता मैं भी साथ-साथ बहती हूं जल ना रहता नदी तलहटी सांस रोक तपती ...

बाल कविता : मां! मुझसे कुछ बातें कर लो

मां! मुझसे कुछ बातें कर लो जब से आया विद्यालय से सब्जी काट रही हो तब से मेरे मन में ...

बच्चों की रोचक कविता : जादुई गलीचा

जादुई एक गलीचा उतरा आसमान से छत पर प्रसून पहुंचा निकट उसी के जो खेल रहा था छत पर ...

डॉ. बिधान चंद्र राय : बहुमुखी प्रतिभा के धनी

डॉ॰ बिधान चंद्र राय का जन्म 1 जुलाई 1882 को पटना (बिहार) जिले के बांकीपुर गांव में हुआ ...

राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन के बारे में 11 बातें ...

भारत के प्रमुख स्वाधीनता सेनानी राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन का जन्म इलाहाबाद ...

बाल साहित्य : गप्पी...

सुबह-सुबह से उठे रामजी, पर्वत एक उठा लाए। नदी पड़ी थी बीच सड़क पर, उसे जेब में भर लाए। फिर ...

90s के बचपन की वो यादगार चीज़ें...

रॉक-पेपर-सीजर, रिंगा रिंगा रोजेज, छोटा भीम, डोरोमोन, एंग्री बर्ड और टेम्पल रन; कुछ नाम और ...

नटखट कविता : आओ! पकड़ा पाटी खेलें

रामू आओ! श्यामू आओ! टोनी आओ! गोनी आओ! निप्पू आओ! संजू आओ! चम्पू आओ! गुड्डू आओ! मिलकर ...

बच्चों की मजेदार कविता : दर्जी और हाथी

बहुत पुरानी एक कहानी हाथी बहुत बड़ा था जब चलता था कभी सड़क पर सूंड उठा बढ़ता था ...1

चुलबुली चंचल कविता : चींटी और चिड़िया

एक कहानी बहुत पुरानी दादी कहती मुझको उसे सुनाता हूं मैं बच्चों अभी-अभी तुम सबको ...

बाल कविता : जीवन देगा कौन भला

पेड़ मिला था, पेड़ मिला। मुझे राह में पेड़ मिला। पत्ते सूखे-सूखे थे। डालों के मन रूखे थे। ...

फनी कविता : बुड्ढी के बाल

लेकर आया लल्लू लाल, लाल-लाल बुड्ढी के बाल। हरे गुलाबी पीले भी हैं श्वेत बैंगनी नीले भी ...

बच्चों की कविता : गंदी कुल्फी

मेरे घर के ठीक सामने, आया कुल्फी वाला। बोला- कुल्फी ले लो लाली, ले लो कुल्फी लाला। ...

नन्ही कविता : बागड़

बागड़ खेत किनारे लगती, औ' फसलों की रक्षा करती। खेजड़ की डाली-डाली से, खेत-खेत को घेरे रखती ...1। पशु अंदर जाने ना पाते मानव की अवरोधक बनती। ...

चुलबुली कविता : पांच फुग्गे...

पुनी‍त पांचों फुग्गे लेकर उड़ा रहा था, उनको ऊपर, ऊपर, ऊपर गैस से भरे थे वे सब पांचों ...

नन्ही कविता : हरी-भरी है प्यारी दूब

हरी-भरी है प्यारी दूब सबके मन को भाती दूब आंखों को ठंडाई देती हमें निकट बुलाती दूब ...

याद हैं वे दिन पापा ..

मुझे आज भी याद है वो दिन, जब आपकी गोद में बैठकर रंगबिरंगी फ्रॉक पहनकर मैं जाती थी,घूमने ...

बाल कविता - वर्षा आई

वर्षा आई वर्षा आई,पानी की बौछारें लाई ,ठंडे पानी में हम सबने ,धमा चौकड़ी खूब मचाई

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बरसते मौसम में गुणकारी अदरक, पढ़ें 11 उपाय

आमतौर पर चाय और भोजन में उपयोग किया जाने वाला अदरक अपने आप में एक महत्वपूर्ण औषधि है। इस के सूखे ...

पेन ड्राइव की जांच पर क्यों घबरा रही शिवराज सरकार?

इंदौर। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी दिग्विजय सिंह द्वारा जो पेन ड्राइव व्यापमं घोटाले के ...

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वज्रासन से शरीर बनेगा सुडौल, देखें वीडियो

वज्र का अर्थ होता है कठोर और दूसरा यह कि इंद्र के एक शस्त्र का नाम वज्र था। इससे पैरों की जांघें ...

जब ऑडियो कैसेट में धड़कते थे दिल...

इंटरनेट के दौर में कई पुरानी तकनीक बाज़ार से बाहर हो गई, उनके स्थान पर नई तकनीक तो आ गई लेकिन कुछ ...

हिन्दी कविता : एक सवाल?

सांस लेना, प्रार्थना करना। बोलना, खाना-पीना। उठना-बैठना, हंसना-रोना, नाचना-गाना

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