भगवान महावीर ने देखे थे ये 10 शुभ स्वप्न...


*
जानिए भगवान के 10 शुभ स्वप्न...

महावीर को तप करते हुए 12 वर्ष व्यतीत हो गए। एक बार गहरी तप-साधना के बाद महावीर थककर चूर हो गए थे। थकान के कारण रात्रि के अंतिम कुछ घंटे में कुछ समय के लिए उन्हें झपकी आ गई। इसी दौरान उन्होंने दस विचित्र स्वप्न देखे। जिनकी व्याख्या बाद में इस प्रकार की गई...

पहला स्वप्न : ताल दैत्य को पराजित करना।
व्याख्‍या : मोहनीय कर्म की समाप्ति।
दूसरा स्वप्न : सफेद
पंखों वाला पक्षी।
व्याख्‍या : हमेशा निर्मल विचार रखना।

तीसरा स्वप्न : बहुरंगी पंखों वाला पक्षी।
व्याख्‍या : नियमानुकूल बहुमुखी ज्ञान का प्रवर्तन।

चौथा स्वप्न : रत्नों की दो लडि़यां।
व्याख्या : दो-मार्गी धर्म का उपदेश-साधक और गृहस्थ।
पाचवां स्वप्न : श्वेत गौओं का झुंड।
व्याख्या : चार शाखाओं वाला संगठन- श्रमण, आर्यिका, श्रावक और श्राविका।

छठा स्वप्न : खिले कमलों से भरा जलाशय।
व्याख्‍या : चारों लोकों के देवता आपकी (महावीर) सेवा करेंगे।

सातवां स्वप्न : झागदार महासागर को तैरकर पार करना।
व्याख्या : पुनर्जन्म से मुक्ति।
आठवां स्वप्न : चारों ओर सूर्य की किरणों का प्रसार।
व्याख्‍या : केवलज्ञान प्राप्ति का समय निकट।

नौवां स्वप्न : मनुष्योत्तर पर्वत की परिक्रमा।
व्याख्‍या : आत्मप्रकाश से ब्रह्माण्ड को आलोकित करना।

दसवां स्वप्न : मेरु पर्वत पर रखे सिंहासन पर आसीन।
व्याख्या : उच्च सिंहासन पर आसीन होकर धार्मिक प्रवचन देना।


वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

दुर्घटनाएं अमावस्या और पूर्णिमा पर ही क्यों होती है? आइए ...

दुर्घटनाएं अमावस्या और पूर्णिमा पर ही क्यों होती है? आइए जानते हैं यह रहस्य-
पूर्णिमा के दिन मोहक दिखने वाला और अमावस्या पर रात में छुप जाने वाला चांद अनिष्टकारी होता ...

सूर्य-चन्द्र ग्रहण से कैसे जानें शकुन-अपशकुन, पढ़ें 9 काम ...

सूर्य-चन्द्र ग्रहण से कैसे जानें शकुन-अपशकुन, पढ़ें 9 काम की बातें...
अथर्ववेद में सूर्य ग्रहण तथा चन्द्र ग्रहण को अशुभ तथा दुर्निमित कहा गया है। यहां पाठकों ...

कुरुक्षेत्र के युद्ध में कौन किस योद्धा का वध करता है,

कुरुक्षेत्र के युद्ध में कौन किस योद्धा का वध करता है, जानिए
महाभारत का युद्ध 18 दिनों तक चला और लगभग 45 लाख सैनिक और योद्‍धाओं में हजारों सैनिक लापता ...

जया-पार्वती व्रत 25 जुलाई को, जानिए पूजन विधि और पौराणिक ...

जया-पार्वती व्रत 25 जुलाई को, जानिए पूजन विधि और पौराणिक व्रत कथा
जया-पार्वती व्रत अथवा विजया-पार्वती व्रत सौभाग्य सुंदरी व्रत की तरह है। इस व्रत से माता ...

प्राचीनकाल के नायक और नायिकाओं की जाति का रहस्य जानिए

प्राचीनकाल के नायक और नायिकाओं की जाति का रहस्य जानिए
अक्सर आपने प्राचीन मंदिरों के बाहर स्तंभों पर देवी, देवता, यक्ष और अप्सराओं की मूर्तियां ...

देवताओं की रात्रि प्रारंभ, क्यों नहीं होते शुभ कार्य कर्क ...

देवताओं की रात्रि प्रारंभ, क्यों नहीं होते शुभ कार्य कर्क संक्रांति में...
कर्क संक्रांति में नकारात्मक शक्तियां प्रभावी होती हैं और अच्छी और शुभ शक्तियां क्षीण हो ...

सूर्य कर्क संक्रांति आरंभ, क्या सच में सोने चले जाएंगे सारे ...

सूर्य कर्क संक्रांति आरंभ, क्या सच में सोने चले जाएंगे सारे देवता... पढ़ें पौराणिक महत्व और 11 खास बातें
सूर्यदेव ने कर्क राशि में प्रवेश कर लिया है। सूर्य के कर्क में प्रवेश करने के कारण ही इसे ...

यदि आप निरोग रहना चाहते हैं, तो पढ़ें यह चमत्कारिक मंत्र

यदि आप निरोग रहना चाहते हैं, तो पढ़ें यह चमत्कारिक मंत्र
भागदौड़ भरी जिंदगी में आजकल सभी परेशान है, कोई पैसे को लेकर तो कोई सेहत को लेकर। यदि आप ...

ज्योतिष सच या झूठ, जानिए रहस्य

ज्योतिष सच या झूठ, जानिए रहस्य
गीता में लिखा गया है कि ये संसार उल्टा पेड़ है। इसकी जड़ें ऊपर और शाखाएं नीचे हैं। यदि कुछ ...

व्रत कथा : देवशयनी एकादशी की पौराणिक एवं प्रा‍माणिक कहानी ...

व्रत कथा : देवशयनी एकादशी की पौराणिक एवं प्रा‍माणिक कहानी यहां पढ़ें...
धर्मराज युधिष्ठिर ने कहा- हे केशव! आषाढ़ शुक्ल एकादशी का क्या नाम है? इस व्रत के करने की ...

राशिफल