वेश्यावृत्ति के 'डेरों' में बदलाव की बयार

- मुस्तफा हुसैन, से 
नीमच, मंदसौर, रतलाम के 65 गांवों में 250 डेरे सरेआम वेश्यावृत्ति के लिए कुख्यात हैं, लेकिन बदनाम में अब बदलाव की खुशनुमा बयार चल रही है। इस अभिनव पहल का झंडा बुलंद किया है नीमच के पुलिस अधीक्षक तुषारकांत विद्यार्थी ने।
विद्यार्थी बांछड़ा समाज के युवक-युवतियों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रशिक्षण शिविर लगा रहे हैं, जिसमें पुलिस भर्ती, पटवारी और वन विभाग सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी स्वयं करवा रहे हैं। इस काम में अन्य अधिकारी, कर्मचारी भी उनका सहयोग कर रहे हैं। साथ ही सबको किताबें भी निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
 
इन शिविरों में उन युवक-युवतियों को भी जोड़ा जा रहा है, जो कि पढ़े-लिखे नहीं हैं। ऐसे युवाओं को स्वरोजगार का प्रशिक्षण दिलवाया जा रहा है। एसपी की इस पहल से बांछड़ा समुदाय के युवा काफी प्रभावित होकर लगातार जुड़ रहे हैं और प्रशिक्षण शिविरों का लाभ ले रहे हैं।
 
एसपी विद्यार्थी बांछड़ा बहुल गांवों में भी जाकर बच्चों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करने के साथ ही उनके परिजनों को भी जागरूक कर रहे हैं। उन्हें देह व्यापार की कुप्रथा से मुक्ति पाने के लिए भी समझाइश दे रहे हैं। इसके साथ ही नाबालिग युवतियों से देह व्यापार करवाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। 
बांछड़ा समाज के उत्थान को लेकर चल रहे एनजीओ नई आभा चेतना के सदस्य आकाश चौहान ने एसपी विद्यार्थी की युवाओं को रोजगार से जोड़े जाने की पहल को समाज सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि समाज की बुराइयों को दूर करने को लेकर सरकार काफी प्रयास कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर वह उतना नजर नहीं आता। ऐसे में पुलिस कप्तान का यह कदम सराहनीय है। 
 
एसपी विद्यार्थी ने बताया कि नीमच क्षेत्र में बांछड़ा समाज के युवक-युवतियां अवांछनीय गतिविधियों में लिप्त हैं, जिन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने को लेकर हम लगातार प्रयासरत हैं। हमारे द्वारा समाज के 10वीं और 12वीं पास युवक-युवतियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाकर उन्हें पढ़ाया जा रहा है। विद्यार्थी ने बताया कि हमारे एक्सपर्ट पढ़ाने के साथ क्लास टेस्ट भी ले रहे हैं। 
 
उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चियों को देह व्यापार में न धकेला जाए, इस दिशा में भी हम सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं, ताकि नए लोग देह व्यापार के दलदल में न फंसें।

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