बंद से डरी मप्र सरकार, मध्यप्रदेश में पेट्रोल पंप भी बंद रहेंगे, 40 से ज्यादा संगठन समर्थन में उतरे

Last Updated: बुधवार, 5 सितम्बर 2018 (21:17 IST)
भोपाल। SC-ST एक्ट के विरोध में 6 सितंबर को बंद को लेकर सरकार डरी हुई है। सबसे अहम बात है कि इस बंद को सवर्ण समाज और पिछड़े वर्ग के 40 से ज्यादा संगठनों का समर्थन मिल गया है। एसोसिएशन ने भी कल बंद रखने की घोषणा की है।
एक्ट के विरोध में गुरुवार को देशव्यापी बंद के मद्देनजर पूरे मध्यप्रदेश में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने वेबदुनिया प्रतिनिधि को बताया कि राज्य में 6 सितंबर को बंद के मद्देनजर पेट्रोल पंप भी बंद रहेंगे। इसके अलावा ब्राह्मण, राजपूत, वैश्य एवं पिछड़े वर्ग के 40 ज्यादा संगठनों ने बंद को समर्थन दिया है।

व्यापारी संगठनों ने आह्वान किया है सभी लोग स्वेच्छा से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखे। उनका कहना है कि किसी से भी जोर जबर्दस्ती नहीं की जाएगी। यह बंद पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा।
स्वैच्छिक बंद : व्यापारियों के साथ ही विभिन्न संगठनों ने आह्वान किया है सभी लोग स्वेच्छा से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखें। उनका कहना है कि किसी से भी जोर जबर्दस्ती नहीं की जाएगी। यह बंद पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा। इसके लिए सोशल मीडिया पर मुहिम चलाई जा रही है। उनका कहना है कि आपको जो भी सामान या पेट्रोल लेना है, वह 5 तारीख की रात तक ले लें। हालांकि संगठनों ने अपील की है कि बंद के दौरान सड़क पर किसी भी तरह का हुड़दंग न किया जाए।

इंदौर के व्यापारिक संगठनों ने किया समर्थन : मालवा चैंबर ऑफ कॉमर्स और अहिल्या चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बंद का समर्थन किया है। इसके साथ ही पुस्तक प्रकाशक विक्रेता संघ, मप्र सकल अनाज दलहन तिलहन व्यापारी महासंघ समिति, दवा बाजार संगठन, सराफा, लोहामंडी, जेल रोड इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल्स मर्चेंट एसोसिएशन, टाइल्स व्यापारी एसोसिएशन आदि संगठनों ने बंद का समर्थन किया है।


इंदौर में सीबीएसई स्कूल बंद : सहोदय समूह के अध्यक्ष मोहित यादव ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर इंदौर के सभी सीबीएससी स्कूल बंद रहेंगे।

मंत्री-सांसदों के कार्यक्रम स्थगित : प्राप्त जानकारी के अनुसार बंद के डर से राज्य सरकार ने अपने सभी मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को सार्वजनिक कार्यक्रम निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। सरकार को डर है कि बंद के दौरान यदि कार्यक्रम होते हैं तो जनप्रतिनिधियों को काले झंडे दिखाए जा सकते हैं या फिर उनके साथ अभद्रता भी की जा सकती है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने सभी जिलों के कलेक्टरों को विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।

इसके साथ संवेदनशील जिलों शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, नीमच मंदसौर आदि जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही आंसू गैस के गोलों का भंडारण करने के आदेश भी दिए गए हैं। खबर तो यह भी है कि ग्वालियर, भिंड और मुरैना में हथियारों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।

इंटरनेट सेवा हो सकती है ठप : सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के मद्देनजर सरकार गुरुवार को इंटरनेट सेवा बंद करने जैसा कदम भी उठा सकती है। हालांकि इसकी अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

गृहमंत्री की अपील : SC-ST Act के खिलाफ बंद के मद्देनजर राज्य के गृहमंत्री भूपेन्द्रसिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लोग किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करें और राज्य में शांति कायम रखने में सहयोग करें।


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