कमलनाथ ने महाकाल को लिखा पत्र, भाजपा सरकार के कुशासन से दिलाएं मुक्ति

पुनः संशोधित शनिवार, 14 जुलाई 2018 (07:51 IST)
भोपाल। नवंबर में होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भगवान को एक ‘खुला पत्र’ लिख कर भगवान से मांग की है कि वह राज्य की जनता को आशीर्वाद देकर उनको (जनता) के कुशासन से मुक्ति दिलाएं।

मीडिया को जारी किए गए एक पत्र में कमलनाथ ने भगवान महाकाल से कहा, 'महाकाल आप अंतर्यामी हैं। ठगने वाले (मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान) एक बार फिर आपके सामने आ रहे हैं। छल एवं प्रपंच की तैयारी है। लेकिन अब आशीर्वाद नहीं, धोखे एवं कर्मों के फल देने का समय आ गया है। अब आप जनता को आशीर्वाद देकर उनको शिवराज सरकार के कुशासन से मुक्ति दिलाएं।
पत्र में लिखा गया है कि पांच साल पहले विधानसभा चुनाव के समय चौहान ने आपके समक्ष पत्र लिखकर राज्य की साढ़े सात करोड़ जनता के लिए आपकी अंश मान अर्चना की थी। प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ प्रदेश बनाने का वादा किया था।

कमलनाथ ने लिखा कि आज वही शिवराज आपकी नगरी में फिर चुनावी ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ निकालने के लिए (14 जुलाई को) आपके समक्ष आ रहे हैं। धार्मिक आस्थाओं के नाम पर मतदाताओं को ठगने को खेल खेलने की तैयारी है।
इसमें लिखा गया है कि आज राज्य की स्थिति भयावह है। किसान कर्ज के बोझ से एवं खेती घाटे का धंधा बनने से बड़ी संख्या में आत्महत्या कर रहा है। उसे हक मांगने पर न्याय की बजाय सीने में गोलियां मिलती हैं। युवा बेरोजगारी के कारण खुद को ठगा महसूस कर मौत को गले लगा रहा है। मामा (चौहान) के राज में मासूम भांजियां प्रतिदिन दरिंदगी का शिकार हो रहीं हैं। भ्रष्टाचार, घपले-घोटाले, खुद की ब्रांडिंग व प्रचार प्रसार पर करोड़ों रूपये खर्च कर राज्य को कर्ज के दलदल में धकेल दिया गया है। महंगाई के कारण जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। नर्मदा नदी के आंचल को अवैध उत्खनन से रोज छलनी किया जा रहा है।
पत्र में लिखा है, 'दावा विकास को लेकर सर्वश्रेष्ठ का किया गया था, लेकिन जनता विकास के खोखले दावे की हकीकत समझ चुकी है।'

गौरतलब है कि 14 जुलाई से शिवराज की उज्जैन से जन आशीर्वाद यात्रा शुरू हो रही है। वह महाकाल का आशीर्वाद लेने के बाद जनता के बीच जाएंगे। उधर, कांग्रेस 18 जुलाई से पोल खोल यात्रा शुरू करेगी। तराना से कमलनाथ यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे और मुख्यमंत्री जहां-जहां रथ लेकर पहुंचेंगे, पीछे-पीछे कांग्रेस भी यात्रा निकालेगी। (भाषा)


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