अभिभावकों की प्रेरणा से ही तैयार होंगे अच्छे खिलाड़ी : राजा रमण

Last Updated: शनिवार, 13 मई 2017 (20:36 IST)
इंदौर। जी. राजा रमण ने कहा है कि देश को यदि अच्छे खिलाड़ी चाहिए तो अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को खेल के लिए तो प्रोत्साहित करें। वे आज यहां द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला के अंतिम दिन जाल सभागार में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मैं आज सुबह नेहरू स्टेडियम गया था। इस स्टेडियम में जब बच्चों को अपने अभिभावकों के साथ खेल में भाग लेने के लिए आते हुए देखा तो बहुत खुशी हुई। रमण ने कहा कि अभी तो स्टेडियम में ग्रीष्मकालीन शिविर चल रहे हैं इसलिए बड़ी संख्या में बच्चे इन शिविरों में भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं,
लेकिन इनके समाप्त होने के पश्चात यदि इसी तरह बड़ी संख्या में बच्चे खेलों में भाग लेने के लिए आएंगे, तभी बच्चों और खेल दोनों का भला होगा।
उन्होंने विश्वनाथ आनंद से लेकर सचिन तेंदुलकर तक कई खिलाड़ियों के अतीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह वे एक बड़े खिलाड़ी के रूप में तैयार हुए। उन्होंने कहा कि जीवन में यदि हमें सफलता पाना है तो हमारा खिलाड़ी होना बहुत आवश्यक है। एक खिलाड़ी जीत और हार दोनों का सामना करता है, इससे उसे मजबूत आत्मबल मिलता है।

इसके कारण वे खिलाड़ी जीवन के उतार-चढ़ाव का भी सामना करने के लिए तैयार हो जाता है। खेल के माध्यम से हमें टीम वर्क करने की प्रेरणा मिलती है। यह प्रेरणा जीवन में बहुत काम आती है। किसी भी बच्चे में खेल की भावना उसके जगाते हैं जबकि उसकी प्रतिभा को उसके कोच निखारते हैं जिस दिन हमारे देश में अभिभावक अपने बच्चों को खेल के लिए प्रोत्साहित करना शुरू कर देंगे तो उस दिन यह सवाल नहीं बन सकेगा कि इतनी बड़ी आबादी वाले देश में आखिर दो ही पदक क्यों आए हैं। अतिथि का स्वागत संजय जगदाले एवं अनिल मुंडक ने किया। कार्यक्रम का संचालन शब्बीर हुसैन ने किया। आभार प्रदर्शन रामेश्वर गुप्ता ने किया। अतिथि को स्मृति चिंह निजामुद्दीन ने भेंट किया।

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