अहमदाबाद लोकसभा क्षेत्र

साबरमती नदी के तट पर स्थित का एक महत्‍वपूर्ण शहर है। 1411 ई. में सुल्तान अहमद शाह द्वारा इसकी नींव रखी जाने के कारण इस शहर का नाम अहमदाबाद पड़ा। पूर्व में इस शहर को कर्णावती के नाम से भी जाना जाता रहा है। अहमदाबाद 1970 से पहले गुजरात की राजधानी भी था।
कपड़ा उद्योग के लिए प्रसिद्ध इस शहर को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी भी घोषित किया गया है। इसी शहर में महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम की स्थापना की और स्‍वतंत्रता संघर्ष से जुड़े अनेक आंदोलनों की शुरुआत भी यही से हुई थी। यहां अहमदाबाद पूर्व और पश्चिम दो लोकसभा सीटें हैं।

जनसंख्‍या : जनगणना 2011 के मुताबिक, यहां की जनसंख्‍या 72 लाख 14 हजार 225 है।

अर्थव्यवस्था : यह एक प्रमुख औद्योगिक शहर के रूप में जाना जाता है। यहां मुख्‍य रूप से कपड़ों का कारोबार किया जाता है। यह सूचना प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक उद्योगों का बढ़ता केंद्र है। यहां की अधिकांश आबादी वस्त्र उद्योग तथा अन्य लघु उद्यमों पर आश्रित है।
मतदाताओं की संख्‍या : लोकसभा चुनाव 2014 के मुताबिक, यहां पूर्व क्षेत्र के मतदाताओं की कुल संख्‍या 16 लाख 1 हजार 832 है, जिसमें 8 लाख 52 हजार 765 पुरुष और 7 लाख 49 हजार 67 महिलाएं हैं। साथ ही पश्चिम क्षेत्र के मतदाताओं की कुल संख्‍या 15 लाख 34 हजार 400 है, जिसमें 8 लाख 933 पुरुष और 7 लाख 33 हजार 467 महिलाएं हैं।

भौगोलिक स्थिति : यह शहर साबरमती नदी के तट पर बसा हुआ है। यह गुजरात के मध्य भाग में स्थित है। इसका दक्षिणी कुछ भाग समुद्री सीमाओं से लगा हुआ है।
16वीं लोकसभा में स्थिति : अहमदाबाद (पूर्व) लोकसभा सीट से भाजपा के परेश रावल और पश्चिम सीट से भाजपा के ही किरीट प्रेमजी भाई सोलंकी सांसद हैं। ये दोनों लोकसभा चुनाव 2014 में अपने-अपने क्षेत्रों से विजयी हुए थे। 2004 तक अहमदाबाद में एक ही लोकसभा क्षेत्र था। इसके बाद 2009 से यहां दो लोकसभा क्षेत्र अस्तित्व में आए। 1989 से हरिन पाठक लगातार 7 बार अहमदाबाद लोकसभा सीट से चुनाव जीत चुके हैं।


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