अगर खराब हुई मारुति कार, बाइक से तुरंत पहुंचेगा मैकेनिक

पुनः संशोधित शुक्रवार, 24 अगस्त 2018 (17:35 IST)
नई दिल्ली। अगर आपके पास है तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। कई बार आप कार लेकर निकलते और कार रास्ते में खराब हो जाती है ऐसे में आपको कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आपकी इसी परेशानी को समझते हुए कंपनी ने QRT सेवा शुरू की है।
QRT सेवा की शुरुआत कंपनी की प्रबंधक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कीनिचि आयूकावा ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्राहक की सुविधा मारुति के लिए हमेशा सर्वोपरि रही है। कंपनी लगातार ग्राहकों को ऐसी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है जो ग्राहकों के लिए सुविधाजनक हो। उन्होंने कहा कि दो दशक पहले कंपनी ने सड़क के किनारे सहायता सेवा उपलब्ध कराने की शुरुआत की थी और क्यूआरटी इस दिशा में और बड़ा कदम है जो ग्राहकों की चिंताओं को दूर करने में बहुत मददगार साबित होगा।
क्या है QRT : क्यूआरटी का मतलब है क्विक रिस्पांस टीम ऑन बाइक्स। जैसे ही कंपनी को कार खराब होने संबंधी शिकायत मिलती है। मौके पर तुरंत मैकेनिक पहुंचाया जाता है और कार दुरुस्त की जाती है।

इन लोगों को मुफ्त मिलेगी यह सेवा : क्यूआरटी सेवा कार मालिकों को विस्तार वारंटी पेशकश के तहत फ्री मुहैया कराया जाएगा। ऐसे कार मालिक जो मारुति सुजूकी की वारंटी और विस्तार वारंटी सेवा के दायरे में नहीं हैं उन्हें क्यूआरटी सेवा को प्रति कॉल के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।
इसका शुल्क जहां पर ग्राहक की कार खराब होती है और उसकी दूरी कितनी है उस पर निर्भर करेगा। यह शुल्क 420 रुपए से 575 रुपए के बीच होगा।

इस नंबर पर करें कॉल : इस सेवा का इस्तेमाल ग्राहक मारुति केयर ऐप अथवा मारुति आन रोड सर्विस के टाल फ्री नंबर पर कर प्राप्त कर सकेंगे। कंपनी की ऐरेना सेवा के लिए टोल फ्री नंबर 18001021800 और नेक्सा के लिए 18001026392 होगा। ऐप या टोल फ्री नंबर पर शिकायत मिलने के बाद वेब आधारित प्रणाली जीपीएस स्थान का पता लगाएगा और उसके बाद मैकनिक को शिकायत दे दी जाएगी।
उपभोक्ता और मैकेनिक फोन पर भी बातचीत कर सकते हैं। इसके जरिए ग्राहक को यह पता चल जायेगा कि मैकेनिक कितनी देर में पहुंच जाएगा। क्यूआरटी मैकेनिक करीब 90 प्रतिशत तक त्रुटि वहीं दुरुस्त करने में सक्षम होंगे।

251 शहरों में मिलेगी यह सुविधा : पहले चरण में 251 शहरों में 350 बाइक सवार मैकनिकों के दस्ते की शुरुआत की है। इसे धीरे-धीरे वर्ष 2020 तक 500 शहरों में पहुंचाया जाएगा और मैकनिकों की संख्या एक हजार की जाएगी। ये मैकनिक पूरी तरह निपुण होंगे और ग्राहक की कार जहां खराब हुई है वहां से फोन कॉल आने के बाद कम से कम समय में पहुंचकर त्रुटि को दूर करेंगे।

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