भूलकर भी ना करें यह बड़ी गलती, नहीं मिलेगा लोन

नृपेंद्र गुप्ता|
अकसर देखने में आता है कि लोग जब लेने जाते हैं तो बड़े और प्रतिष्‍ठित बैंक उन्हें इसके लिए मना कर देते हैं। इसके बाद उन्हें ज्यादा ब्याज पर अन्य बैंकों से लोन लेना पड़ता है। कभी आपने सोचा है कि लोगों को फोन कर लोन देने की पेशकश करने वाले बैंक आपको इसके लिए क्यों मना कर देते हैं। इसका बड़ा कारण है आपका सिबिल खराब होना। अगर आपने समय पर लोन नहीं भरा है या बिल का भुगतान समय पर नहीं किया है तो निश्‍चित तौर पर आपका खराब है।

क्या होता है सिबिल : सिबिल स्कोर तीन अंकों का एक नंबर होता है, जो आपकी क्रेडिट समरी बनाता है। जब भी आप लोन के लिए आवेदन करते हैं, तब ऋणदाता आपके सिबिल स्कोर और रिपोर्ट को जांचते हैं। लोन्स और क्रेडिट कार्ड्स से संबंधित आपके भुगतानों के रिकॉर्ड्स को मासिक आधार पर बैंकों और अन्य कर्जदाताओं द्वारा सिबिल के पास जमा किया जाता है। इसी आधार पर आपका सिबिल रिकॉर्ड तैयार होता है।
अगर आपने किसी लोन का सेटलमेंट किया है या आप पर कोई राशि बकाया है तो सिबिल के माध्यम से यह जानकारी ऋणदाता तक पहुंच जाती है। जो आपके लोन आवेदन का मूल्यांकन करने और उन्हें मंजूरी देने में बड़ी मददगार साबित होती है।

कितना होना चाहिए सिबिल स्कोर : अगर आपका सिबिल स्कोर 750 से कम है तो आपको किसी भी तरह का लोन मिलने का चांस बहुत ही कम है। इस बात की बहुत संभावना है कि आपकी लोन एप्लीकेशन को रिजेक्ट कर दिया जाए। आपका स्कोर जितना ऊंचा होता है, आपके लोन आवेदन के मंजूर होने की संभावनाएं उतनी ही अधिक होती है।

कैसे
सुधारें
सिबिल स्कोर :
उतना ही लोन लें जितना
कि
आप समय पर चुका पाएं। आप अपनी समय पर चुकाएं। अगर आप अपनी किस्तों को अकसर ही निश्चित समयावधि में चुकाने में चूक जाते हैं तो एक रिमाइंडर तय करें या बेहतर होगा कि आप ऑटो डेबिट फैसिलिटी के जरिए भुगतान करें। क्रेडिट कार्ड का बुद्धिमतापूर्ण और निरंतर उपयोग आपका क्रेडिट स्कोर बढ़ाने में मददगार हो सकता है।

इसके अलावा पर्सनल लोन भी आपको अपना क्रेडिट स्कोर बढ़ाने में मदद कर सकता है। यह एक अनसिक्योर्ड लोन होता है, जो कि आपके क्रेडिट स्कोर को सर्वाधिक प्रभावित करता है।
लोन सेटलमेंट ना करें : जो लोग समय पर लोन का भुगतान नहीं कर पाते वह अकसर लोन सेटलमेंट कर लेते हैं और सोचते हैं कि उन्हें इस लोन से छुटकारा मिल गया लेकिन यह धारणा पूरी तरह गलत है। इससे आपको बैंकों से आने वाले फोनों से तो छुटकारा मिल जाएगा, पर समस्या कम होने की जगह बढ़ जाएगी। इस माध्यम से बैंकों की कुछ रिकवरी हो जाएगी लेकिन यह सेटलमेंट सिबिल रिपोर्ट में जरूर दिखाई देगा।

अब आप अगले सात साल तक कोई लोन नहीं ले पाएंगे। सात साल बाद आपका नाम इस सिबिल रिपोर्ट से निकल पाएगा, लेकिन उसके बाद भी आपकी क्रेडिट रेटिंग इतनी कम रहेगी कि आपको लोन देने से पहले बैंक बारीकी से विचार करेगा।


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