नोटबंदी के बाद सरकार का एक और झटका, एटीएम ट्रांजेक्शन पर लगेगा चार्ज

Last Updated: सोमवार, 16 जनवरी 2017 (17:20 IST)
केंद्र सरकार नकदीरहित लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए जनता के लिए एक और कड़ा फैसला ले सकती है। सूत्रों के मुताबिक अब सरकार की नजर के पर फीस बढ़ाने की है। अखबार इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार एटीएम से मुफ्त निकासी की संख्या को घटाकार महज 3 करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। 
वर्तमान में बैंक को 8 से 10 करीब ट्रांजेक्शन फ्री देते हैं। रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ बजट से पूर्व विचार-विमर्श के दौरान बैंकर्स की ओर से यह प्रस्ताव रखा गया था। इसमें कहा गया कि डिजीटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए यह एक तरीका साबित हो सकता है।
 
एक सीनियर बैंकर के मुताबिक एटीएम के फ्री ट्रांजेक्शन को घटाकर 3 किए जाने के प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय से चर्चा हुई थी और इसे कैश का इस्तेमाल घटाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। एक अन्य बैंकर ने बताया कि फ्री ट्रांजेक्शन का फैसला एक अलग दौर में लिया गया था, लेकिन अब चीजें बदल चुकी हैं और इसमें बदलाव करने की जरुरत है। अगर लोगों को सिर्फ तीन फ्री ट्रांजेक्शन की इजाजत दी जाएगी तो लोग डिजीटल लेन-देन की ओर शिफ्ट होंगे।
 
वर्तमान में ज्यादातर बैंक अपने कस्टमर्स को महीने में पांच ट्रांजेक्शन तक फ्री देते हैं। पांच ट्रांजेक्शन की लिमिट पूरी के होने के बाद प्रति लेन-देन 20 रुपए चार्ज किए जाते हैं। 6 मेट्रो शहरों मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में बैंक, दूसरे बैंकों के ग्राहकों को तीन फ्री ट्रांजेक्शन का ऑफर देते हैं। बाकी शहरों में कस्टमर्स को पांच फ्री ट्रांजेक्शन मिलते हैं। यह नियम साल 2014 से लागू है।
 
डिजीटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही केंद्र सरकार ने नोटबंदी के फैसले के कारण लोगों को होनी वाली परेशानियों को देखते हुए 30 दिसंबर 2016 तक एटीएम ट्रांजेक्शन पर सरचार्ज को खत्म कर दिया था। इसके कारण एटीएम से कितने भी ट्रांजेक्शन करें या कैश निकालें, आपको इसके लिए किसी भी तरह के चार्ज देने की आवश्यकता नहीं थी। हालांकि नोटबंदी के दौरान एटीएम से पैसे के निकासी की लिमिट सरकार की ओर से पहले ही तय कर दी गई थी।

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