1. लाइफ स्‍टाइल
  2. नन्ही दुनिया
  3. कविता
  4. hindi poem

कविता : हमको आगे बढ़ना है

poem
मंजिल को जब है पाना,
खतरों से क्यों कर डरना।
बाधाओं से टकराकर,
हमको है आगे बढ़ना।
 
आंधी हो चाहे तूफान,
पथ पर हमें न है रुकना।
हर सूरत में जैसा भी हो,
हमको है आगे बढ़ना।
 
पढ़-लिखकर हम सबको,
भारत का है शान बढ़ाना।
इसकी सेवा में रत रहकर,
हमको है आगे बढ़ना।
लेखक के बारे में
डॉ. प्रमोद सोनवानी 'पुष्प'
ये भी पढ़ें
आरुषि, फिर तुम कैसे मरी?