जैन धर्म के 12 पवित्र तीर्थ स्थल

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
प्रस्तुति : अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'
 
जैन धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म है। राजा जनक भी जिन परंपरा से ही थे और उनके गुरु अष्टावक्र भी जिन परंपरा से थे। भगवान राम पूर्वज नाभिराज के कुल में ऋषभदेव हुए। नाभि के कुल में ही इक्ष्वाकु हुए। ऋषभदेव जैन धर्म के प्रवर्तक और पहले तीर्थंकर हैं और राम का जन्म इक्ष्वाकु कुल में ही हुआ था।
jain tirth
पहले जिन परंपरा को वातरशना मुनियों, विदेहियों की परंपरा माना जाता था। पार्श्वनाथ के काल में इस परंपरा को स्पष्ट व्यवस्था मिली और 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के काल में इसका सरलीकरण करके एक संघीय व्यवस्था में बदला गया। वीडियो देखने के लिए क्लिक करें...>  
 
पूरे भारत में जैन धर्म के अनेक तीर्थ क्षेत्र हैं। यहां प्रस्तुत हैं प्रमुख 12 तीर्थों की महत्वपूर्ण जानकारी।
 
अगले पन्ने पर पहला तीर्थ...
 

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
Widgets Magazine



और भी पढ़ें :