जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर


- प्रोफेसर महावीर सरन जैन
 
के संस्थापक नहीं 
 
बहुत से इतिहासकारों एवं विद्वानों ने भगवान महावीर को जैन धर्म का संस्थापक माना है। भगवान महावीर जैन धर्म के प्रवर्तक नहीं हैं। वे प्रवर्तमान काल के चौबीसवें तीर्थंकर हैं। जैन धर्म की भगवान महावीर के पूर्व जो परंपरा प्राप्त है, उसके वाचक निगंठ धम्म (निर्ग्रंथ धर्म), आर्हत्‌ धर्म एवं श्रमण परंपरा आदि रहे हैं। जैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ के समय तक 'चातुर्याम धर्म' था। भगवान महावीर ने छेदोपस्थानीय चारित्र (पांच महाव्रत, पांच समितियां, तीन गुप्तियां) की व्यवस्था की। लेखक ने अपने ग्रंथ 'भगवान महावीर एवं जैन दर्शन' में श्रमण परंपरा, आर्हत्‌ धर्म, निर्ग्रंथ धर्म तथा प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव अथवा आदिनाथ, बाईसवें तीर्थंकर नेमिनाथ तथा तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ के ऐतिहासिक संदर्भों की विस्तृत विवेचना प्रस्तुत की है।
 
द्रष्टव्य :
प्रोफेसर महावीर सरन जैन : भगवान महावीर एवं जैन दर्शन- लोक भारती प्रकाशन, इलाहाबाद
http://www.herenow4u.net/index.php?id=65998 Jain, Dr. Mahavir Saran : Antiquity of Jainism
Antiquity of Jainism
http://www.scribd.com/doc/22566494/Antiquity-of-Jainism
 
 

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

रोचक जानकारी : यह है उम्र के 9 खास पड़ाव, जानिए कौन सा ग्रह ...

रोचक जानकारी : यह है उम्र के 9 खास पड़ाव, जानिए कौन सा ग्रह किस उम्र में करता है असर
लाल किताब अनुसार कौन-सा ग्रह उम्र के किस वर्ष में विशेष फल देता है इससे संबंधित जानकारी ...

3 स्वर, 3 नाड़ियां... जीवन और सेह‍त दोनों को बनाते हैं शुभ, ...

3 स्वर, 3 नाड़ियां... जीवन और सेह‍त दोनों को बनाते हैं शुभ, जानिए क्या है स्वरोदय विज्ञान
स्वर विज्ञान को जानने वाला कभी भी विपरीत परिस्थितियों में नहीं फंसता और फंस भी जाए तो ...

आषाढ़ पूर्णिमा 27 जुलाई को है सबसे बड़ा चन्द्रग्रहण, किस राशि ...

आषाढ़ पूर्णिमा 27 जुलाई को है सबसे बड़ा चन्द्रग्रहण, किस राशि पर कैसा होगा असर, यह 4 राशियां रहें सावधान
इस साल का सबसे बड़ा चन्द्रग्रहण 27-28 जुलाई 2018 को आषाढ़ पूर्णिमा के दिन खग्रास ...

असम की मस्जिद बनी मिसाल, यहां बाइबल और वेद पढ़ते हैं लोग

असम की मस्जिद बनी मिसाल, यहां बाइबल और वेद पढ़ते हैं लोग
क्‍या मस्जिद के अंदर भी बाइबल और वेद पढ़े जा सकते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन जी ...

क्या सचमुच ही पंचक में मरने वाला पांच अन्य को भी साथ ले ...

क्या सचमुच ही पंचक में मरने वाला पांच अन्य को भी साथ ले जाता है?
गरुड़ पुराण सहित कई धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि यदि पंचक में किसी की मृत्यु हो जाए तो ...

ब्रज में मुड़िया पूनो मेला शुरू, 2 करोड़ श्रद्धालुओं के भाग ...

ब्रज में मुड़िया पूनो मेला शुरू, 2 करोड़ श्रद्धालुओं के भाग लेने की संभावना
मथुरा। ब्रजभूमि के 'मिनी कुंभ' के नाम से मशहूर मुड़िया पूनो मेला में अब तक 5 लाख से अधिक ...

देवी लक्ष्मी ने आखिर बिल्ववृक्ष का रूप क्यों लिया, पढ़ें एक ...

देवी लक्ष्मी ने आखिर बिल्ववृक्ष का रूप क्यों लिया, पढ़ें एक ऐसी कथा जो आपने कहीं नहीं सुनी
हे प्रभु, मेरी यह जानने की बड़ी उत्कट इच्छा हो रही है कि आपको बिल्व पत्र इतने प्रिय क्यों ...

देवशयनी एकादशी के 3 खास मंत्र, क्या कहती है आपकी राशि, ...

देवशयनी एकादशी के 3 खास मंत्र, क्या कहती है आपकी राशि, जानिए अचूक उपाय, राशि मंत्र
देवशयनी एकादशी को देव प्रबोधिनी एकादशी के समान ही बड़ी और पवित्र माना गया है। इस दिन ...

श्रावण से पूर्व ही इस सोमवार को करें शिव की ऐसे पूजा, ...

श्रावण से पूर्व ही इस सोमवार को करें शिव की ऐसे पूजा, मिलेगा शुभ आशीर्वाद(12 राशि अनुसार)
श्रावण के आरंभ होने से पहले वाले सोमवार को भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हर राशि के ...

चमत्कारी है महामृत्युंजय मंत्र, लेकिन जरूरी हैं यह 16 ...

चमत्कारी है महामृत्युंजय मंत्र, लेकिन जरूरी हैं यह 16 सावधानियां,  कब करें इस मंत्र का जाप...
महामृत्युंजय मंत्र से शिव पर अभिषेक करने से जीवन में कभी सेहत की समस्या नहीं आती। ...

राशिफल