आधार से पैन को जोड़ने के लिए मिली एक और सुविधा

पुनः संशोधित शनिवार, 1 जुलाई 2017 (20:16 IST)
नई दिल्ली। ने आधार को से जोड़ने के लिए ऑनलाइन और एसएमएस सुविधाओं के बाद एक पेज का फॉर्म भी जारी किया है। एक व्यक्ति अपनी पैन और आधार संख्या, उन पर लिखे नाम और एक साइन किया हुआ घोषणा पत्र देकर अपने आधार को किसी भी अन्य पैन के साथ लिंक करवा सकता है।
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व्यक्ति को फार्म में यह घोषणा भी करनी होगी कि जमा किए गए पैन और आधार संख्या पर कोई अन्य पैन आवंटित नहीं किया गया है। साथ ही यह भी घोषणा करना होगा, 'मैं मानता हूं कि आधार-आधारित प्रमाणीकरण के उद्देश्य के लिए मेरे व्यक्तिगत पहचान की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी।'

टैक्स विभाग के एक अधिकारी ने कहा, '1 जुलाई से आधार को पैन डेटाबेस से जोड़ने के लिए यह फॉर्म एक और प्रक्रिया है, एसएमएस और ऑनलाइन मोड्स भी उपलब्ध हैं।' विभाग ने पैन को आधार लिंक करने की और पैन आवेदनों के लिए आधार देने की प्रक्रिया और प्रारूप को 29 जून के सीबीडीटी अधिसूचना में औपचारिक रूप बता दिया है।
मोबाइल आधारित एसएमएस सेवा का उपयोग करके, NSDL और UTIITSL जैसे पैन सेवा प्रदाताओं की वेबसाइट पर लॉग इन करके, पैन सेवा केंद्र पर जाकर या कर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाकर भी पैन से आधार को लिंक किया जा सकता है। विभाग ने नए पैन आवेदनों में आधार संख्या को दर्ज कराने की प्रक्रिया और पैन डेटा में बदलाव या सुधार की प्रक्रिया को भी अधिसूचना में बताया है। विभाग ने पैन और ई-फाइलिंग सेवा प्रदाताओं को भी आधार धारक के पहचान की जानकारी, जनसांख्यिकीय और बायोमेट्रिक जानकारी का उपयोग केवल आधार के प्रमाणीकरण के लिए करने को कहा है। इन जानकारियों का गलत इस्तेमाल करने पर कानूनी करवाई की जाएगी।
सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले महीने इनकम टैक्स एक्ट के प्रावधान धारा 139AA की वैधता को बरकरार रखा था जिससे आधार को पैन कार्ड और आईटीआर फाइलिंग के लिए अनिवार्य बना दिया गया था, लेकिन संविधान पीठ ने गोपनीयता के अधिकार के हनन की आशंका को सही तरीके से हैंडल किए जाने तक आंशिक रूप से रोक लगा दिया था।

आईटी विभाग के लिए नीति बनाने वाली संस्था केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 10 जून को कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश ने उन लोगों को 'आंशिक राहत' दी है जिनके पास आधार नहीं है या आधार एनरोलमेंट आईडी नहीं है। हम ऐसे व्यक्तियों के पैन 'रद्द नहीं करेंगे।"

1 जुलाई से पैन के लिए आवेदन करने के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, विभाग ने अपने पैन डेटाबेस के साथ 2.62 करोड़ आधार नंबरों को जोड़ा है। आधार को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) जारी करता है, जबकि पैन आईटी विभाग द्वारा एक व्यक्ति, फर्म या इकाई को जारी किया जाने वाला दस अंकों का अल्फान्यूमेरिक संख्या है। बता दें कि भारत में 25 करोड़ से ज्यादा पैन नंबर जारी किया गया है, जबकि लगभग 115 करोड़ लोगों को आधार संख्या आवंटित किया गया है। (भाषा)

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