ISIS के चंगुल से बची यजीदी महिला ने सुनाई दर्दनाक दास्तां (वीडियो)

Last Updated: शनिवार, 19 दिसंबर 2015 (11:07 IST)
नई दिल्ली। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के चंगुल से बची एक यजीदी महिला की दर्द भरी दास्तां सुनकर पूरी दुनिया हिल गई। 16 दिसंबर को उसने संयुक्त राष्ट्र के जरिए लोगों को खुद पर बरपाए गए कहर की कहानी बताई तो हर कोई हैरान रह गया। महिला ने बताया कि कैसे आईएस के कैंप में इराक की यजीदी महिलाओं के साथ रेप होता है, उन्हें मारा-पीटा जाता है और लड़ाके उनके साथ मौत का खेल खेलते हैं।
दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के चंगुल से किसी तरह बचकर निकली 21 साल की यजीदी महिला नादिया मुराद बसी ताहा ने जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने अपनी आप बीती सुनाई तो वहां मौजूद लोगों के रौंगटे खड़े हो गए, अपनी दहशत से खौफ भरने वाला ये संगठन कैंप में महिलाओं पर ऐसे ऐसे जुल्म ढाता है जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। यहां न सिर्फ उसका टॉर्चर हुआ बल्कि लगातार उसके साथ बलात्कार किया गया।
 
नादिया मुराद बसी ताहा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के साथ बलात्कार किया जाता है ताकि वो कभी सामान्य जिंदगी न जी सके। इस्लामिक स्टेट यजीदी महिलाओं का इस्तेमाल करते हैं और फिर उसकी तस्करी भी होती है।
 
इसके आगे जो उसने बताया वो तो और भी रूह कंपाने वाला था। इराक के एक गांव से यजीदी महिला नादिया ताहा को बगदादी के लड़ाके अगस्त में उठाकर अपने गढ़ मोसूल ले गए थे। उसने बताया कि यहां पर आतंकवादी हजारों यजीदी महिलाओं और बच्चों की अदला-बदली गिफ्ट की तरह करते हैं।
 
नादिया मुराद बसी ताहा ने कहा है कि अगवा होने के कुछ दिन बाद एक रात मेरे पास एक शख्स आया और उसने जबरन मेरे कपड़े उतरवाए और जब मैंने भागने की कोशिश की तो गार्ड ने मुझे पकड़ लिया। इसके बाद उसने मुझे दबोच लिया और कुछ गार्ड्स के साथ एक कमरे में ले गया। वहां मेरे साथ तब तक अपराध हुआ जब तक मैं बेहोश नहीं हो गई। ये मेरे लिए बेहद डरावनी रात थी क्योंकि उसके बाद वो हर दिन मुझे बेआबरु करने लगा।
 
ताहा के मुताबिक, बगदादी के लड़ाकों ने उसके कई भाइयों को मार डाला और वो किसी तरह उनके जाल से निकलकर अब जर्मनी में रह रही है। आपबीती सुनाते-सुनाते वो बेहद भावुक हो गई। उसने से आईएस के खात्मे की अपील भी की। वहीं सुरक्षा परिषद ने ताहा के साहस की तारीफ की। ताहा की दर्दभरी दास्तां सुनने के बाद यूएन ने कहा कि आईएस यजीदियों का नामोनिशान मिटाने के लिए नरसंहार को अंजाम दे सकता है। ऐसे में यूएनएससी को मामले में दखल देना चाहिए और इस मामले को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में उठाना चाहिए।
साभार : आईबीएन 7 
 
 

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