भारत के संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर...


 
डॉ. भीमराव अम्बेडकर का बहुआयामी व्यक्तित्व 
 
डॉ. भीमराव अम्बेडकर समाज सुधारक, राजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री, वकील, लेखक, चिंतक, दार्शनिक, सांसद, मंत्री व संविधान निर्माता ऐसे बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उनके इसी  बहुआयामी व्यक्तित्व के कारण न केवल भारत में बल्कि विश्व में भारत की यशश्री को आलोकित किया। 
 
अम्बेडकर एक अमर ज्योति है, जो अंधकारग्रस्त सामाजिक मानवता के लिए अविच्छिन्न आलोक स्रोत बन गई। डॉ. अम्बेडकर भारत के भव्य भाल पर एक सुरम्य तिलक हैं। वे सामाजिक जीवन की लोग कल्पना करते हैं। कुछ चिंतन, कुछ मनन करते हैं। कुछ नए मूल्यों, नए आदर्शों एवं कई आस्थाओं का सृजन करते हैं। नई व्यवस्था देने वाले तथा मार्ग निर्देशन करने वाले ऐसे लोग तटस्थ रहते हैं। मार्क्स ने उपाय बताए, लेनिन ने उन्हें मूर्तरूप दिया, किंतु अम्बेडकर ऐसे महापुरुष हुए जिन्होंने उपाय ही नहीं बताए बल्कि निष्ठा से उन पर आचरण करने के लिए भी जुट गए थे।
 
उन्होंने जो चिंतन-मनन किया वही कहा और जो कहा वही किया। उनमें बात करने एवं आचरण करने का साहस था, सच्चाई थी। उनकी सत्यनिष्ठा एवं दृढ़ता ने उन्हें असाधारण बना दिया। डॉ. अम्बेडकर कोरे आदर्शवादी स्वप्नदृष्टा नहीं थे। उनका आदर्श आचरण ही समाज के लिए एक शिक्षा है। उन्होंने मानव जीवन को अविभाज्य मानकर उनकी समग्रता पर बल दिया तथा जीवन का कोई पक्ष अछूता नहीं छोड़ा। वे समाज के संपूर्ण पक्षों की ओर जागरूक थे। 
 
डॉ. अम्बेडकर न्याय के प्रहरी थे। वे दलित मानव कल्याण के मूलभूत सिद्धांत को अपनाकर, उनमें जागृति पैदा कर समाज के प्रतिनिधि बन गए। सच तो यह है कि पद, सत्ता, यश आदि से उन्हें आसक्ति नहीं थी। वे समाज कल्याण हेतु कार्य करना अपना कर्तव्य समझते थे। मनुष्य में महान कार्यों के संपादन के लिए आत्मविजय तथा आत्मविश्वास परम आवश्यक है। बाबासाहेब अम्बेडकर ने संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर जीना सिखाया। जीवन तो सभी जीते हैं किंतु वास्तव में वह सर्वाधिक जीवंत है, जो सर्वाधिक चिंतन करता है, सर्वाधिक अनुभव करता है और सर्वोत्कृष्ट कार्य करता है। 
 
मानव जीवन का मूल्यांकन आयु की दीर्घता, स्वास्थ्य अथवा केवल धन-संचय अथवा सत्ता के आधार पर नहीं होता बल्कि उन गुणों अथवा कर्मों के आधार पर होता है जिनसे व्यक्ति ने सामाजिक उत्थान एवं प्रगति में योगदान किया है।
 
इतिहास मानव संघर्ष की कहानी है। बिना संघर्ष के क्या जीवन? जय-पराजय, मान-अपमान से ऊपर उठकर सत्य और न्याय के लिए संघर्ष करने वाला व्यक्ति ही जीवन में कुछ महान उपलब्धि प्राप्त कर सकता है। बाबासाहेब ने इस देश पर कई उपकार किए हैं। उक्त तथ्यों के आधार पर बाबासाहेब अम्बेडकर को बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी कहने पर अतिशयोक्ति नहीं होगी। डॉ. अम्बेडकर ने इस दिशा में एक ज्वलंत उदाहरण प्रस्तुत किया है जिससे समस्त भारतवासी उनके ऋणी हैं।
 
- डॉ. जगन्नाथ खाण्डेगर

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

इसलिए जरूरी है बच्चों का मुंडन संस्कार, पढ़ें 5 जरूरी बातें

इसलिए जरूरी है बच्चों का मुंडन संस्कार, पढ़ें 5 जरूरी बातें
मुंडन संस्कार के बारे में मान्यता है कि इससे शिशु का मस्तिष्क और बुद्धि दोनों ही पुष्ट ...

दूध नहीं पीते हैं मोटे होने के डर से तो यह 4 स्वादिष्ट ...

दूध नहीं पीते हैं मोटे होने के डर से तो यह 4 स्वादिष्ट विकल्प हैं आपके लिए
अगर आप वजन को बढ़ने से रोकना चाहते हैं और हेल्थ से किसी तरह के समझौते को तैयार नहीं तो ...

हमारे देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मानते हैं मोर ...

हमारे देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मानते हैं मोर पंखों को शुभ, पढ़ें 10 चौंकाने वाली बातें
मोर, मयूर, पिकॉक कितने खूबसूरत नाम है इस सुंदर से पक्षी के। जितना खूबसूरत यह दिखता है ...

अजी अंडा छोड़िए, इन 5 शाकाहारी चीजों में है भरपूर प्रोटीन

अजी अंडा छोड़िए, इन 5 शाकाहारी चीजों में है भरपूर प्रोटीन
हाल ही में पोलैंड की पशु चिकित्सा सेवा ने करीब 40 लाख अंडों को बाजार से हटा लिया है। ये ...

तुरंत फेंक दे अपना पुराना लूफाह वर्ना संक्रमण का है खतरा

तुरंत फेंक दे अपना पुराना लूफाह वर्ना संक्रमण का है खतरा
नहाते हुए अपने शरीर की वह त्वचा व हिस्सा, जो केवल साबुन से साफ नहीं हो पाता, उसकी सफाई के ...

योगा दिवस पर हिन्दी गीत : सेहत का शुभ संयोग हो

योगा दिवस पर हिन्दी गीत : सेहत का शुभ संयोग हो
सेहत का शुभ संयोग हो प्रकृति का सहयोग हो स्वस्थ सारे लोग हो.... योग हो... योग हो

नियमित योग से पाएं ये 6 बेहतरीन लाभ

नियमित योग से पाएं ये 6 बेहतरीन लाभ
21 जून की तारीख पूरे विशव में 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' के नाम से दर्ज हो गई है। योग हमेशा ...

योग दिवस पर कविता : योग से सुंदर बनें

योग दिवस पर कविता :  योग से सुंदर बनें
योग से मन स्वच्छ हो योग से तन स्वस्थ हो योग पर ना धन खर्च हो योग करें हम योग करें

ज्यादा कॉफी पीने से बच्चों को होते हैं ये 5 नुकसान

ज्यादा कॉफी पीने से बच्चों को होते हैं ये 5 नुकसान
कॉफी पीना आजकल हर उम्र के बच्चों की पसंद बन गया है। कई बच्चे ऐसे हैं, जो चाय व दूध के ...

लाल किताब में दिए हैं 12 राशि के अनोखे उपाय, पढ़ें क्या है ...

लाल किताब में दिए हैं 12 राशि के अनोखे उपाय, पढ़ें क्या है आपकी राशि का उपाय
किसी से कोई वस्तु मुफ्त में न लें। लाल रंग का रूमाल हमेशा प्रयोग करें।लाल किताब के ...