मुझे भीड़ नहीं, काम करने वाले चाहिए- बुद्ध

बुद्ध के प्रवचन

WD|
FILE

एक बार को एक जगह देना था। वक्त हो गया, बुद्ध आए और बिना कुछ बोले वहां से चल दिए। वहां पर करीब-करीब डेढ़ सौ श्रोता उपस्थित होंगे।

दूसरे दिन फिर प्रवचन करना था, करीब सौ लोग उपस्थित थे। पचास कम हो गए।
बुद्ध आए, इधर-उधर देख कर बिना कुछ कहे वापस चले गए।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :