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जानिए किन राज्यों में कैसे मनाया जाता हैं रंगपंचमी का त्योहार...

* कई रंगों और रूपों में मनती हैं अलग-अलग जगहों पर  रंगपंचमी 

भारत के कई स्थानों पर धुलेंड़ी के बाद चैत्र कृष्ण पंचमी के दिन रंग खेलने की परंपरा है, जिसे सभी आम भाषा में रंगपंचमी के त्योहार के नाम से जानते हैं। जिसमें बिहार की फगुआ होली, महाराष्ट्र की रंगपंचमी, गोवा की शिमगो, गुजरात की गोविंदा होली और पश्चिमी पूर्व की 'बिही जनजाति की होली' की धूम भी निराली है। आइए जानते हैं किस राज्य में किस प्रकार से मनाया जाता है रंगपंचमी का त्योहार... 


 
* राजस्थान की रंगपंचमी :
यहां विशेष रूप से इस अवसर पर लाल, नारंगी और फिरोजी रंग हवा में उड़ाने की परंपरा हैं। यहां जैसलमेर के मंदिर महल में लोक नृत्यों में डूबा वातावरण देखने का अपना अलग ही मजा है। 
 
* मध्यप्रदेश की रंगपंचमी :
 
मध्यप्रदेश में रंगपंचमी पर बड़ी-बड़ी गेर का आयोजन किया जाता है। जिसमें सड़कों पर रंग मिश्रित सुगंधित जल छिड़का जाता है। सूखे रंगों से होली खेलकर और एक-दूसरे पर रंग उड़ेलकर इस त्योहार का आनंद उठाया जाता है।
 
मध्यप्रदेश के मालवा अंचल के इन दिनों आदिवासी इलाकों में भगोरिया बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। यहां होली के त्योहार और रंगपंचमी पर खास पकवान बनाए जाते हैं। अधिकतर घरों में इस दिन श्रीखंड और भजिए, आलूबड़े, भांग की ठंडाई लुत्फ उठाया जाता है। कई घरों में पूरनपोली तो कई घरों में गुजिया, पपड़ी बनाई जाती है।
विशेष कर पूरे मालवा प्रदेश में जिसमें खास तौर पर इंदौर नगर में होली पर जुलूस निकालने की पुरानी परंपरा है, जिसे गेर कहा जाता हैं। इस गेर के जुलूस में बैंड, बाजे, नाचना, गाना सबकुछ शामिल होता हैं। बड़े टैंकों में रंगीन पानी भर कर जुलूस के तमाम रास्ते भर लोगों पर रंग डाला जाता है। इस जुलूस में सभी धर्म लोग शामिल होते हैं। 
 
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