लघुकथा : पहचान


संपन्न और शिक्षित परिवार में जब रमेश के यहां पहली हुआ तो पूरे कुटुम्ब में खुशी की लहर दौड़ गई। ऐसा नहीं था कि इस परिवार में पहले किसी कन्या का जन्म नहीं हुआ था। पर रमेश के घर जब कन्या ने जन्म लिया तो यह कहकर खुशियां मनाई गईं कि रमेश भी बड़भागी है, जो उसके घर भी पहलेपहल लक्ष्मी का आगमन हुआ।
रमेश की खुशी इस बात को लेकर थी कि भले ही लक्ष्मी चलायमान होती है, पर भविष्य में किसी और परिवार को तो समृद्ध करेगी। उसे कन्यादान का गौरव भी मिलेगा। उसका नाम भी 'लक्ष्मी' ही रखा गया।

समय अपनी गति से चलता रहा और लक्ष्मी की किलकारियों से रमेश का घर गूंजने लगा। जो भी आता, लक्ष्मी की तारीफ किए बिना नहीं रहता। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था। 3 वर्ष की उम्र में पूर्ण ऐहतियात बरतने के बाद भी लक्ष्मी पोलियो का शिकार हो गई।
चिकित्सा चलती रही और उसका उछलता-कूदता बचपन घिसटने लगा। उम्र बढ़ती रही और इसके साथ ही उसकी शिक्षा भी चलती रही। बैसाखियों के सहारे, जमाने के तंज की परवाह किए बिना लक्ष्मी ने इसे अपनी नियति मान सहर्ष स्वीकार लिया और वह पोस्ट ग्रेजुएट हो गई।

इस बीच पिता के देहावसान ने उसे तोड़कर रख दिया, पर लक्ष्मी ने हिम्मत नहीं हारी। अब उसे अपने अलावा अपनी मां का भी ध्यान रखना था। पिता की पेंशन और पैतृक संपत्ति इतनी थी कि दोनों का जीवन आराम से कट सकता था, पर लक्ष्मी को अपनी भी बनानी थी और पिता के नाम को भी रोशन करना था। उसने अपनी बीएड की पढ़ाई जारी रखी और जल्द ही व्याख्याता बन गई।

सरकारी नौकरी तो मिली पर पोस्टिंग जब दूर के किसी ग्रामीण अंचल में हुई तो सबने मना किया, पर लक्ष्मी ने अनेक दिक्कतों को दरकिनार करते हुए इस चुनौती का भी सामना किया। उसकी मेहनत से उसे यथासमय पदोन्नति भी मिलती रही।
बढ़ती उम्र के साथ ही उसकी आध्यात्मिक रुचि भी बढ़ती गई और देखते ही देखते वे गुरु मां के रूप में पहचानी जाने लगीं। सबकुछ ठीक चल रहा था लेकिन नियति से यहां भी लक्ष्मी की खुशियां देखी नहीं गईं और एक दिन अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। चिकित्सकों से मस्तिष्क कैंसर की जानकारी मिली, पर लक्ष्मी ने फिर भी हिम्मत नहीं हारी। वह सबको हौसला देती और मां का ध्यान रखती पर अंतत: एक दिन वह अपनी बीमारी से हार गई और अपने परिजनों को रोता-बिलखता छोड़ संसार से विदा हो गई।

अविवाहित रहकर लक्ष्मी किसी और का घर तो समृद्ध न कर सकी, पर उसने उस मुकाम पर पहुंचकर अपनी पहचान बनाई और प्रेरणा दी, जहां सामान्यत: लोग अवसाद से घिरकर अपनी पहचान खो देते हैं।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

बस,एक छोटा सा 'आभार' कम कर देगा जीवन के कई भार

बस,एक छोटा सा 'आभार' कम कर देगा जीवन के कई भार
आभार व्यक्त तो कीजिए। फिर देखिए, उसकी सुगंध कैसे आपके रिश्तों को अद्भुत स्नेह से सींचती ...

अपने लिए भी वक्त निकालें, यह वक्त का तकाजा है

अपने लिए भी वक्त निकालें, यह वक्त का तकाजा है
थोड़ा समय अपने शौक को देंगे तो आपको अपना आराम और मनोरंजन पूर्ण महसूस होगा।

जरा चेक करें कहीं आपकी कोहनी भी तो कालापन लिए हुए नहीं?

जरा चेक करें कहीं आपकी कोहनी भी तो कालापन लिए हुए नहीं?
भले ही आप चेहरे से कितनी ही खूबसूरत क्यों न हों, देखने वालों की नजर कुछ ही मिनटों में ...

5 मिनट में चमकती स्किन चाहिए तो इसे जरूर पढ़ें

5 मिनट में चमकती स्किन चाहिए तो इसे जरूर पढ़ें
जिस तरह बालों को सॉफ्ट और शाइनी बनाने के लिए आप हेयर कंडीशनिंग करते हैं, उसी तरह से त्वचा ...

पेट फूला-फूला रहता है तुंरत बदलिए लाइफ स्टाइल, पढ़ें 10 काम ...

पेट फूला-फूला रहता है तुंरत बदलिए लाइफ स्टाइल, पढ़ें 10 काम की बातें
लगातार बैठे रहने और कम मेहनत करने वालों का पेट बाहर आ जाता है लेकिन यह जरूरी नहीं है... ...

अभी भी वक्त है कुदरती पानी को सहेजें

अभी भी वक्त है कुदरती पानी को सहेजें
पानी को लेकर विश्वयुद्ध की बातें अब नई नहीं हैं। सुनने में जरूर अटपटी लगती हैं लेकिन ...

जानकारों में मतभेद, हो सकती है नौतपा में भारी बरसात, अच्छे ...

जानकारों में मतभेद, हो सकती है नौतपा में भारी बरसात, अच्छे नहीं हैं प्रदेश के लिए संकेत...
जहां एक तरफ नौतपा के खूब तपने की भविष्यवाणी है वहीं दूसरी तरफ नौतपा के दौरान बारिश की ...

आपने नहीं पढ़ी होगी शनि प्रदोष व्रत की यह पौराणिक कथा...

आपने नहीं पढ़ी होगी शनि प्रदोष व्रत की यह पौराणिक कथा...
शनि प्रदोष के दिन भगवान शंकर और शनिदेव पूजन किया जाता है। शनि प्रदोष के संबंध में वर्णित ...

घर के अंदर सजे पौधों का ऐसे रखें ध्यान, पढ़ें 3 सुझाव

घर के अंदर सजे पौधों का ऐसे रखें ध्यान, पढ़ें 3 सुझाव
जब मौसम गर्मी का हो तो ऐसे में लोग सुबह-शाम बाग-बगीचे में टहलना, बैठना व समय बिताना पसंद ...

आंखें होंगी साफ, स्वस्थ और चमकीली, यह 3 उपाय आजमा कर देखें

आंखें होंगी साफ, स्वस्थ और चमकीली, यह 3 उपाय आजमा कर देखें
हम आपको बता रहे हैं आंखों की सुरक्षा के अचूक उपाय.. जानिए कौन सी 3 चीजें ऐसी हैं जो आंखों ...