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Tue, 27 Oct 2026

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विश्व संगीत दिवस : संगीत जीवन का अभिन्न अंग...

संगीत
जब भी हम बेहद खुश होते हैं, तो दिल से निकलता है संगीत...। जब कभी उदास होते हैं, तो खुश कर देता है संगीत...। कुछ पलों को कभी भावुक कर देता है संगीत... तो कभी मन में सपने संजोने केे लिए, पंख लगा देता है संगीत...। 

जी हां, संगीत से हर किसी का रिश्ता ही कुछ ऐसा होता है, कि जीवन के महत्वपूर्ण पल संगीत से ही होकर गुजरते हैं। जब चाहें, जैसा चाहें.... मूड को जो बदल देता है संगीत। इसलिए तो, जब भी हम तनाव में या दुखी होते हैं, तुरंत रेडि‍यो या फोन में मौजूद एफएम की बटन पर हाथ जाता है और गीतों के जरिए हम अपना मूड ठीक करने की के‍शि‍श करते हैं। भला, संगीत से अच्छा माध्यम और क्या हो सकता है, खुद को खुश, उर्जावान और तनावमु्क्त करने का।
 

यही नहीं, गीत कोई भी हो, हम हर परिस्थि‍ति में खुद को उससे जोड़ लेते हैं, जैसे यदि कोई प्रेम संगीत हो तो उसे सुनकर हम अपने प्रिय को याद कर उसी भाव में खो जाते हैं। या फिर कोई इमोशनल गाना सुनते समय हम भी उन्हीं भावनाओं में बहने लगते हैं। देशभक्ति गीत सुनकर हमारा मन देशभक्ति की भावना से भर उठता है। इसी तरह से गीत हमारी भावनाओं से जुड़कर हमें भावनात्मक सहयोग प्रदान करते हैं। 
 
यही कारण है कि आज बाजार में हर मूड के अनुसार गीत उपलब्ध हैं। इन गीतों को अलग अलग श्रेणी में रखा गया है जैसे- भजन, गीत, गज़ल, रोमांटिक व सेड म्यूजिक। इस तरह से हर केटेगरी के लिए ढेरों गीत आसानी से मिल जाते हैं। 

उदाहरण के लिए देखें तो-  भजन में जय जय संतोषी माता, गणपति बप्पा मोरया जैसे गीत काफी प्रचलित हुए, तो दिल के अरमां, पत्थर के सनम, क्या से क्या हो गया जैसे गीत उदास मूड के लिए। इसके अलावा प्यार हुआ इकरार हुआ जैसे गीत प्रेम के शुरूआती दौर और हमें जबसे मोहब्बत हो गई है ..ये दुनिया खूबसूरत हो गई है जैसे गीत प्रेमियों के भावों को दर्शातेे हैंं। 
 
इतना ही नहीं अब की बरस तुझे धरती की रानी जैसे देशभक्ति‍ गीत आज भी गणतंत्र एवं स्वतंत्रता दिवस के लिए पहचाने जाते हैं। कुलमिलाकर गीतों से हमारा संबंध बहुत गहरा है, जिसके जरिए बगैर शब्दों के यानि बिना कुछ कहे भी भावों की अभि‍व्यक्ति‍ संभव है।

जब हमारे मन के भावों की अभि‍व्यक्ति‍ गीतों के जरिए होती है, तो लगता है कि कुछ कहने को बाकी ही न रह गया हो।अक्सर होता भी यही है, जब भी कोई बात मन में होती है, और हम चाह कर भी उसे कह नहीं पाते तो उन भावों को दर्शाता कोई गाना सुना दिया करते हैं, प्रेमी युगलों में यह सबसे अधि‍क होता है। 
 
संगीत का रिश्ता हर  इंसान से है, फिर वह चाहे बड़ा बुजुर्ग हो, या फिर बच्चे। बच्चों में भी गीतों को लेकर अलग ही उत्साह होता है। महिलाओं के लिए कई तरह के गीत बनाए गए हैं साथ ही साथ पुरूषों की भावनाओं को बयां करते गीत भी कम नहीं है।

संगीत ने हमारे जीवन को प्रभावित ही नहीं किया, बल्कि उसे बदल कर रख दिया है। और भावों की अभिव्यक्ति तो गीतों के माध्यम से ही संभव हुई है।शायद इसीलिए संगीत अब हमारे... हम सबके जीवन का अभिन्न अंग है। 
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