14 सितंबर : हिन्दी हम सबकी प्यारी...


 
* हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में कविता 
 
-संजय जोशी 'सजग'
 
हम सबकी प्यारी,
लगती सबसे न्यारी।
 
कश्मीर से कन्याकुमारी,
राष्ट्रभाषा हमारी।
 
साहित्य की फुलवारी,
सरल-सुबोध पर है भारी। >
अंग्रेजी से जंग जारी,
सम्मान की है अधिकारी।
 
जन-जन की हो दुलारी,
हिन्दी ही पहचान हमारी।> देखें वीडियो

 


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