दिल के दौरे के खतरे को कम करता है बिनौला तेल

Last Updated: रविवार, 20 अगस्त 2017 (15:38 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई के वैज्ञानिकों का दावा है कि कपास के बिनौले का तेल अनेक विशिष्ट गुणों से भरपूर है, जो के लिए बहुत ही उपयुक्त है तथा इसके नियमित उपयोग से दिल का दौरा पड़ने का खतरा बहुत कम हो जाता है।
संस्थान के वैज्ञानिकों ने अपने एक अध्ययन में कहा है कि बिनौले का तेल एक उच्च कोटि का खाद्य तेल है, जो परिष्कृत करने के बाद मानव स्वास्थ्य के लिए अति उपयोगी है। इसका खाने में इस्तेमाल से दिल के दौरे के खतरा बहुत कम हो जाता है। दिन-प्रतिदिन के आहार में इसका उपयोग किया जा सकता है, चाहे वह तेल के मिश्रण के तौर पर हो या फिर वनस्पति या कैप्सूल के रूप इसका उपयोग स्वास्थ्यवर्द्धक है।
बिनौले के तेल में संतृप्त वसा अम्ल कम होता है जिसके कारण इसे अन्य खाद्य तेलों की तुलना में बेहतर माना जाता है। संतृप्त वसा अम्ल को हृदय के लिए हानिकारक माना जाता है। यह उन विशेष तेलों में से है जिसे ने ओके फूड की सूची में दर्ज किया है। इस तेल में 50 प्रतिशत से अधिक लीनोलिक वसा अम्ल पाया जाता है, जो मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। (वार्ता)

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