सरसों तेल के 10 फायदे, जरूर जानें और अपनाएं

के नाम से पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाने वाला सरसों का तेल अपनी तासीर और गुणों के कारण कई तरह की समस्याओं में औषधि‍ के रूप में भी उपयोग किया जाता है। अगर आप अब तक इसके स्वास्थ्यवर्धक गुणों से अनजान हैं, तो जरूर पढ़ें, नीचे दिए जा रहे सरसों के तेल के 10 फायदे -

* सरसों के तेल को बहुत पौष्टिक माना जाता है, इसलिए इसका प्रयोग खाना बनाने के लिए भी किया जाता है। इसकी तासीर गर्म होने से सर्दियों में यह अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

* सरसों के तेल की मालिश करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त संचार भी बेहतर होता है। यह शरीर में गर्माहट पैदा करने में भी मददगार होता है।

* दांतों की तकलीफ में सरसों के तेल में नमक मिलाकर रगड़ने से फायदा होता है, साथ ही दांत पहले से अधिक मजबूत हो जाते हैं।

* त्वचा संबंधी समस्याओं में भी बेहद फायदेमंद होता है। यह शरीर के किसी भी भाग में फंगस को बढ़ने से रोकता है और त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाता है।

* यह बालों की जड़ों को पोषण देकर रक्तसंचार बढ़ाता है जिससे बालों का झड़ना बंद हो जाता है। इसमें ओलिक एसिड और लीनोलिक एसिड पाया जाता है, जो बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए अच्छे होते हैं।

* सरसों तेल को कई लोग एक टॉनिक के रूप में भी प्रयोग करते हैं। यह शरीर की कार्य क्षमता बढ़ा कर शरीर की कमजोरी को दूर करने में सहायता करता है।इस तेल की मालिश के बाद स्नान करने से शरीर और त्वचा दोनों स्वस्थ रहते हैं।

* ठंड के दिनों में सरसों का तेल गर्माहट के लिए रामबाण इलाज है, हल्के गर्म तेल की मसाज से रूखी-सूखी त्वचा भी नर्म, मुलायम व चिकनी हो जाती है। सरसों के तेल की मालिश से गठिया रोग और जोड़ो का दर्द भी ठीक हो जाता है।

* इसमें विटामिन ई भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो त्वचा को अल्‍ट्रावाइलेट किरणों और पल्‍यूशन से बचाता है। साथ ही यह झाइयों और झुर्रियों से भी काफी हद तक राहत दिलाने में मदद करता है।

* भूख नहीं लगने पर भी सरसों का तेल आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर भूख न लगे, तो खाना बनाने में सरसों के तेल का उपयोग करना लाभप्रद होता है। शरीर में पाचन तंत्र को दुरूस्त करने में भी लाभदायक होता है।

* सरसों के तेल का प्रयोग करने से से कोरोनरी हार्ट डिसीज का खतरा भी कम होता है। इसलिए सरसों के तेल को अपने खाने में जरुर शामिल करें।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

बस,एक छोटा सा 'आभार' कम कर देगा जीवन के कई भार

बस,एक छोटा सा 'आभार' कम कर देगा जीवन के कई भार
आभार व्यक्त तो कीजिए। फिर देखिए, उसकी सुगंध कैसे आपके रिश्तों को अद्भुत स्नेह से सींचती ...

अपने लिए भी वक्त निकालें, यह वक्त का तकाजा है

अपने लिए भी वक्त निकालें, यह वक्त का तकाजा है
थोड़ा समय अपने शौक को देंगे तो आपको अपना आराम और मनोरंजन पूर्ण महसूस होगा।

जरा चेक करें कहीं आपकी कोहनी भी तो कालापन लिए हुए नहीं?

जरा चेक करें कहीं आपकी कोहनी भी तो कालापन लिए हुए नहीं?
भले ही आप चेहरे से कितनी ही खूबसूरत क्यों न हों, देखने वालों की नजर कुछ ही मिनटों में ...

5 मिनट में चमकती स्किन चाहिए तो इसे जरूर पढ़ें

5 मिनट में चमकती स्किन चाहिए तो इसे जरूर पढ़ें
जिस तरह बालों को सॉफ्ट और शाइनी बनाने के लिए आप हेयर कंडीशनिंग करते हैं, उसी तरह से त्वचा ...

पेट फूला-फूला रहता है तुंरत बदलिए लाइफ स्टाइल, पढ़ें 10 काम ...

पेट फूला-फूला रहता है तुंरत बदलिए लाइफ स्टाइल, पढ़ें 10 काम की बातें
लगातार बैठे रहने और कम मेहनत करने वालों का पेट बाहर आ जाता है लेकिन यह जरूरी नहीं है... ...

पंडित जवाहरलाल नेहरू पर हिन्दी निबंध

पंडित जवाहरलाल नेहरू पर हिन्दी निबंध
भारत के पहले प्रधानमंत्री रहे पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 इलाहाबाद में हुआ ...

अद्वितीय राजनीतिज्ञ थे पंडित जवाहरलाल नेहरू...

अद्वितीय राजनीतिज्ञ थे पंडित जवाहरलाल नेहरू...
पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 इलाहाबाद के एक धनाढ्य परिवार में हुआ था। उनके ...

कैसे होते हैं रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातक, किस व्यवसाय ...

कैसे होते हैं रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातक, किस व्यवसाय में मिलेगी सफलता... (जानें लग्नानुसार)
रोहिणी नक्षत्र आकाश मंडल में चौथा नक्षत्र है। राशि स्वामी जहां शुक्र है, वहीं नक्षत्र ...

रसोई में रखा जीरा बवासीर को करेगा खत्म, पढ़ें और भी लाभकारी ...

रसोई में रखा जीरा बवासीर को करेगा खत्म, पढ़ें और भी लाभकारी प्रयोग
जीरा पाचक और सुगंधित मसाला है। भोजन में अरुचि, पेट फूलना, अपच आदि को दूर करने में जीरा ...

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर क्यों किया जाता है वट वृक्ष का पूजन, ...

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर क्यों किया जाता है वट वृक्ष का पूजन, जानें पौराणिक महत्व...
भारत के पूज्यनीय वृक्षों में वट यानी बरगद का महत्वपूर्ण स्थान है। इसे अमरता का प्रतीक भी ...