हास्य व्यंग्य : आवाज न दो...

एक व्यक्ति की आदत थी कि वह हर बात का जवाब गाने के द्वारा देता था। वह साइकल से जा रहा था तब हवलदार उसे रोकता है और जो बातें उनके मध्य होती हैं, ...

पति-पत्नी और युवराज ‍सिंह

कल शाम पत्नी सजधज कर अपने पति का इंतज़ार कर रही थी। पति रोज़ के समय से देरी से घर लौटा और बिना पत्नी को तवज्जो दिए उखड़े मन से पत्नी को खाना ...

होली धमाका : रंग में व्यंग्य

आपको रंगों से एलर्जी है चलिए आपको रंग नहीं लगाएंगे मगर साथ तो बैठिएगा रंगीन बातों से ही होली मनाएंगे।

नई जनरेशन और होली

देश के प्रमुख त्योहारों में होली बहुत ही विशेष है। चूंकि इसे मनाने में गांठ में पैसे होना जरूरी नहीं है अत: इसे देश का गरीब से गरीब आदमी भी मना ...

कक्काजी की होली

अब कोई होली मनती है का! होली तो मनाते थे कक्काजी। कक्काजी हमारे गांव के मुखिया थे। तो बात कर रहे थे होली की। कक्काजी की होली खास होती थी खास।

होली का चटपटा रोचक भविष्यफल

नील-गगन के नक्षत्रों के आधार पर, अतिप्राचीन नगरी उज्जयिनी के खगोल और भूगोल-शास्त्री होली के पावन अवसर पर पेश कर रहे हैं, शानदार ज्योतिषीय ...

होली न्यौता

मोरी गलियन लला तुम आइयो होली खेलन, लला तुम आइयो॥ ऐसी रंग रंगीली होली कबहुं ने खेली हुइए तुमने॥ भांग घोटी है हम औरन ने

होली की चटपटी पैरोडी : मुबारक होली के ये रंग

कम मैंने ये सोचा था कब मैंने ये जाना था तुम मेरे निकट आओगे बांहों में लिपटाओगे हाथों में रंग भरोगे मेरे चेहरे पे मलोगे मेरे मेहबूब मेरे सनम मेरे ...

होली और महंगाई

अच्छा हुआ दोस्त जो तूने होली पर रंग लगा कर हंसा दिया वरना अपने चेहरे का रंग तो महंगाई ने कब का उड़ा दिया

दुश्मनी भुलाना

हिन्दुस्तान का कवि कितना आसान है दुश्मनी को भुलाना बस दुश्मन को घेरना

होली की गेर

होली के गेर में सब हैं एक रंग क्या अमीर क्या गरीब

बचना प्रिये

मेरे रंग तुम्हारा चेहरा होली के दिन बिठाना पहरा दिल तुम्हारा पास है मेरे

ध्वजों ने खेली होली

अलग-अलग धर्मों के फ्लेग्स ने होली मनाई, एक-दूसरे को खूब रंगा

मोहब्बत के रंग

होली के रंग आज लगेंगे कल उतर जाएंगे मेरी मोहब्बत के रंग मगर

रंगों से एलर्जी

आपको रंगों से एलर्जी है चलिए आपको रंग नहीं लगाएंगे

होली की पैरोडी : होली का त्योहार है

क्या उमंग है, क्या तरंग है रंगों की क्या बौछार है... होली का त्योहार है ॥ कुछ रंग में, कुछ भंग में डूबा हुआ संसार है... होली का त्योहार है ॥

रंगपंचमी : खट्टा-मीठा काव्य-रस

होली बीते दिन हुए, अब क्यों मले गुलाल। मारेगी ताना सखी, देख गुलाबी गाल ॥

भारतीय नर्क की खासियत....

एक बार एक व्यक्ति मरकर नर्क में पहुंचा तो देखा कि प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी देश के नर्क में जाने की सुविधा है। उसने सोचा चलो अमेरीका के नर्क ...

शादी पर निबंध : शादी क्या है?

शादी एक खुली जेल है। शादी एक ऐसी साझेदारी है, जिसमें पूंजी पति लगाता है और लाभ पत्नी पाती है। शादी एक ऐसी तस्वीर है जो झील के किनारे से शुरू हो ...

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