पद्मावत में लगाए 300 से ज्यादा कट्स!

संजय लीला भंसाली शायद उस घड़ी को कोस रहे होंगे जब उन्होंने 'पद्मावती' फिल्म बनाने की सोची जिसका नाम बदलकर अब 'पद्मावत' कर दिया गया है और के इस फैसले का खूब मजाक भी बन रहा है।

फिल्म को लेकर हो रहे विवाद के कारण सेंसर भी डरा हुआ है और फिल्म में 300 से ज्यादा कट्स लगा दिए गए हैं। इसके बाद फिल्म क्या देखने लायक रह पाएगी? यह सवाल सबके मन में उठ रहा है।

'पद्मावत' के निर्देशक संजय लीला भंसाली इस समय परेल स्थित राजकमल स्टुडियो में जुटे हुए हैं ताकि सेंसर के सुझाव के अनुरूप फिल्म को तैयार किया जाए।

फिल्म 25 जनवरी को प्रदर्शित होने वाली है और अभी भी कहा जा रहा है कि फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा। जब एक दिसम्बर को फिल्म प्रदर्शित होने वाली थी तब पांच राज्य सरकारों, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब, ने कहा था कि वे अपने प्रदेशों में फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे।

सीबीएफसी 'पद्मावत' को सर्टिफिकेट तो दे रहा है, लेकिन इसके पहले कई शर्तें रख दी गई है।

1) फिल्म के शुरुआत में डिस्क्लेमर देना होगा कि फिल्म हिस्टोरिकली एक्यूरेट नहीं है।
2) फिल्म का नाम पद्मावती से बदलकर करना होगा।
3) घूमर गाने में बदलाव करने होंगे।
4) फिल्म में डिस्क्लेमर देना होगा कि यह सती प्रथा को बढ़ावा नहीं देती।
5) फिल्म में कुछ जगह और शहरों के नाम लिए गए हैं, उन्हें हटाना होगा।

5वीं शर्त के मुताबिक फिल्म में 300 से ज्यादा बार दिल्ली, चित्तौड़गढ़, मेवाड़ आदि जगहों के नाम लिए गए हैं। वे सभी हटाना होंगे। सारे कट्स लगाए जाएंगे तो ये सवा तीन सौ के आसपास होते हैं।

भंसाली ने शर्त मान ली है और दिन-रात इन सुझाव पर काम कर रहे हैं ताकि फिल्म प्रदर्शन के लिए तैयार हो। फिल्म का विरोध हो रहा है और 'पद्मावत' की राह अभी भी आसान नहीं है। कुछ संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि फिल्म रिलीज की गई तो वे उन सिनेमाघरों में आग लगा देंगे जहां पर फिल्म रिलीज होगी।

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