मध्यप्रदेश में आयकर विभाग को मिले ‘कालेधन’ के वायरल वीडियो का सच

Last Updated: बुधवार, 10 अप्रैल 2019 (13:00 IST)
- टीम
  बीबीसी न्यूज


ट्विटर पर दक्षिणपंथी रुझान वाले कुछ लोग एक पुराने वीडियो को के मुख्यमंत्री के सचिव के घर बरामद हुए नोटों का बताकर शेयर कर रहे हैं और ये दावा कर रहे हैं कि आयकर विभाग का छापा पड़ने के बाद नोटों के ढेर को जलाने की कोशिश की गई थी।
 
इस वीडियो में गुलाबी नोटों का एक ढेर छोटी ट्रॉली पर रखा हुआ दिखाई देता है और दूसरी तरफ रखे हरे-गुलाबी नोटों के ढेर को देखकर लगता है कि किसी ने उसमें आग लगाने की कोशिश की हो।
 
आयकर विभाग ने शनिवार रात करीब ढाई बजे मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ और उनके पूर्व सलाहकार आर के मिगलानी के कई ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की थी।
 
आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार बीते दो दिनों में भोपाल, इंदौर, गोवा और दिल्ली-एनसीआर के 52 ठिकानों पर इस संबंध में छापे मारे गये हैं।
 


आयकर विभाग का दावा है कि छापेमारी में उन्हें 14।6 करोड़ रुपये नकद में मिले हैं। साथ ही एक बड़े रैकेट के जरिए 281 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन का पता चला है।
 
लेकिन जिस वायरल वीडियो को आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद का बताया जा रहा है, वो फर्जी है।
 
फर्जी दावा
 
ट्विटर पर @RohiniShah73 नाम के एक यूजर ने यह पुराना वीडियो सोमवार को इसी गलत दावे के साथ शेयर किया था।
 
करीब 60 हजार बार उनके ट्वीट में लगा यह वीडियो देखा जा चुका है। सैकड़ों लोग इसे शेयर कर चुके हैं।
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली बीजेपी के महासचिव कुलजीत सिंह भी इस यूजर को ट्विटर पर फॉलो करते हैं।
 
‘चौकीदार रोहिणी’ नाम के इस यूजर के दावे को शब्दश: कई अन्य लोगों ने कॉपी किया है।
 
जिन्होंने इसे कॉपी किया है, उनमें से अधिकांश लोगों के नाम के साथ ‘चौकीदार’ लिखा हुआ है।
 
बीजेपी द्वारा सोशल मीडिया पर चलाए गये ‘मैं भी चौकीदार’ कैंपेन के बाद पार्टी के समर्थकों ने अपने नाम के आगे चौकीदार जोड़ा था। हालांकि इनमें से कितने अकाउंट फर्जी हैं और कितने सही, बीबीसी इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सकता है।
 
लेकिन वायरल वीडियो के साथ इन लोगों ने जो दावा किया है, वो बिल्कुल फर्जी है।
 
ट्विटर के अलावा दक्षिणपंथी रुझान वाले ‘नमो फैन’ और ‘नरेंद्र मोदी 2019’ जैसे फेसबुक पन्नों पर भी यह वीडियो इसी गलत दावे के साथ शेयर किया गया है।
 
कई लोगों ने वॉट्सऐप के ज़रिए बीबीसी को यह वीडियो भेजा है और इस वीडियो की हकीकत जाननी चाही है।
 
वीडियो की सच्चाई
 
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो फरवरी 2018 का है।
 
वीडियो में नोटों का जो ढेर दिखाई देता है वो दरअसल कला का एक नमूना है जिसे लकड़ी के बोर्ड पर पेंसिल से रंग भरकर स्पेन के कलाकार अलेजांद्रो मोंगे ने अपने हाथों से तैयार किया था।
 
कलाकार के अनुसार यह एक थ्री-डी पेंटिंग है जिसे देखकर लगता है कि पुराना नोटों का कोई ढेर है।
 
स्पेन में होने वाले ‘आर्ट मैड्रिड फेयर’ में 21 से 25 फरवरी 2018 के बीच इस आर्ट पीस को जनता के सामने रखा गया था।
 
समाचार एजेंसी एएफपी को दिए एक इंटरव्यू में अलेजांद्रो मोंगे ने बताया था कि आर्ट फेयर में आए किसी दर्शक ने यह वीडियो बनाया था।
 
इंस्टाग्राम पर अलेजांद्रो मोंगे ने इस आर्ट पीस से जुड़े कई फोटो और वीडियो शेयर किये हुए हैं।
 
इसी साल फरवरी में अलेजांद्रो मोंगे ने यह वीडियो दोबारा इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था और लिखा था कि वीडियो में दिख रहे 500 यूरो के नोट हाथ से पेंट किये गए थे।
 
उन्होंने लिखा था, “इंटरनेट पर कहाँ की चीज कहाँ जाकर वायरल हो जाये, इसका पता नहीं लगाया जा सकता। लोगों को सच्चाई पता नहीं होती पर वो उसे शेयर करने लगते हैं।”
 
यह पहली बार नहीं है जब इस वीडियो को किसी घटना से जोड़ा गया है।
 
भारत से पहले रूस, कैमरून, स्पेन और पाकिस्तान में भी इस वीडियो के आधार पर कई बेबुनियाद दावे किए गए हैं और ‘नोटों के ढेर’ की इस पेंटिंग को किसी संस्था या शख्स के खिलाफ इस्तेमाल किया जा चुका है।

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