बाप रे बाप! 1939 के बाद कहां पर रही है इतनी गर्मी?

पुनः संशोधित सोमवार, 8 जनवरी 2018 (11:24 IST)
उत्तर भारत के कई हिस्सों में इन दिनों कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। ट्रेनें समय पर नहीं चल रही हैं। उड़ानें रद्द हो रही हैं। लेकिन हम आपको ले चलते हैं ऐसी जगह जो इन दिनों सबसे ज़्यादा गर्मी से झुलस रही है। जी हां! ऑस्ट्रेलिया का सिडनी शहर आज कल बेहद गर्म हो चला है।
हालत यह हो गई कि 79 साल के बाद वहां का तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार जा पहुंचा। रविवार को पश्चिमी सिडनी के पेनरिथ इलाके में निवासियों को इतनी गर्मी सहनी पड़ी। रविवार के तापमान ने सिडनीवासियों को साल 1939 के हालात याद दिलवा दिए। उस समय भी तापमान 47।8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। पेनरिथ के मौसम विभाग ने बताया है कि रविवार को इलाके का तापमान 47।3 डिग्री सेल्सियस रहा।

खिलाड़ी हुए बेहाल
सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में एशेज सिरीज़ का अंतिम टेस्ट मैच चल रहा है, यहां भी खिलाड़ियों को तेज़ गर्मी से जूझना पड़ा। वहीं सिडनी इंटरनेश्नल टेनिस टूर्नामेंट में खेल रहे खिलाड़ियों को गर्मी की वजह से सुबह 10 बजे कोर्ट से बाहर चले जाने के लिए कहना पड़ा। कोर्ट में जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच गया तो टूर्नामेंट के आयोजकों ने यह फ़ैसला लिया।
इतनी गर्मी की वजह से फ्रांस की खिलाड़ी क्रिस्टीना लैडेनोविक ने मैच बीच में ही छोड़ दिया। उन्होंने इसके लिए माफ़ी भी मांगी। उनका मैच ऑस्ट्रेलिया की एलेन पेरेज़ के साथ चल रहा था। क्रिस्टीना ने ट्वीट किया, ''43 डिग्री तापमान था लेकिन कोर्ट तक पहुंचने पर वह शायद 50 डिग्री हो गया था, मैं अपने प्रशंसकों से माफ़ी मांगती हूं, अपने करियर में पहली बार मैंने कोई मैच बीच में छोड़ा है।''
आग जलाने पर रोक
रविवार को सिडनी में आग जलाने पर भी प्रतिबंध लगा गया, यह ऐतिहाती कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि इतनी गर्मी की वजह से जंगलों में आग लग जाती है, प्रतिबंध के चलते इस संभावना को थोड़ा कम किया जा सकता है। शनिवार को भी सिडनी के कुछ इलाकों में आग लगने की घटनाएं हुई। विक्टोरिया और दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया में इस वजह से काफी संपत्ति का नुकसान हुआ।

सितंबर 2017 में भी ऑस्ट्रेलिया के नागरिकों को जंगल में लगने वाली आग के प्रति चेताया गया था। दिसंबर 2016 से फरवरी 2017 के बीच पूरे ऑस्ट्रेलिया में मौसम संबंधी 200 से ज़्यादा रिकोर्ड टूट चुके हैं। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है जलवायु परिवर्तन के चलते अभी और बुरे हालात का सामना करना पड़ सकता है।
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