आईपीएल: जब 41 साल के तांबे ने किया था IPL डेब्यू

Last Updated: गुरुवार, 3 मई 2018 (14:51 IST)
- वंदना बीबीसी टीवी एडिटर (भारतीय भाषाएं)

41 साल के गेंदबाज़ प्रवीण तांबे ने 2013 तक किसी फ़र्स्ट क्लास साइड तक के लिए कोई बड़ा मैच तक नहीं खेला था। लेकिन 2013 में राहुल द्रविड़ की नज़र उन पर पड़ी और द्रविड़ ने 41 साल के तांबे को में राजस्थान रॉयल्स के लिए चुन लिया। तब तक वे आईपीएल के दौरान एक अधिकारी के तौर पर काम करते थे।

आईपीएल के बाद तांबे चैम्पियंस लीग में भी खेले और सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने। आईपीएल में सफलता के बाद ही 42 साल की उम्र में उन्हें पहली बार मुंबई की रणजी टीम के लिए चुना गया। आईपीएल 2014 में तांबे ने कोलकाता के ख़िलाफ़ हैट ट्रिक भी ली और 2016 तक आईपीएल में खेलते रहे।

तांबे तो क्रिकेट में अनजाना नाम थे लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसे कई दिग्गज खिलाड़ी हैं जिनके लिए आईपीएल पनाहगाह बना हुआ है, जिनके करियर को आईपीएल ने और लंबा किया है, जो रिटायर होने के बावजूद आईपीएल में कई साल तक खेलते रहे या अब भी खेल रहे हैं।

शेन वॉटसन
22 अप्रैल 2013 को ने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ़ शानदार शतक जड़ा था। उस समय वो ऑस्ट्रेलिया के लिए भी खेल रहे थे। लेकिन इसके पांच साल बाद भी शेन वॉटसन ने 30 अप्रैल को दिल्ली डेयरडेविल्स के ख़िलाफ़ 78 रन बनाकर चेन्नई सुपरकिंग्स को जीत दिलाने में बड़ा योगदान दिया।

इससे पहले बीती 20 अप्रैल को 36 साल के हो चुके शेन वॉटसन ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अपनी पुरानी टीम राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ सैकड़ा जड़ा था। शेन वॉटसन ने 2015 के बाद से ऑस्ट्रेलिया के लिए न वनडे खेला और न टेस्ट मैच। 2016 में तो उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट ही ले ली लेकिन आईपीएल में वो अब तक खेल रहे हैं। 2008 में वॉटसन आईपीएल प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट थे।

2008 में आईपीएल की शुरुआत से ही लीग का हिस्सा रहे वॉटसन ने 110 मैचों में 141 की स्ट्राइक रेट से अब तक 2903 रन बनाए हैं। बॉलिंग की बात करें तो 107 मैचों में वॉटसन ने 28 की औसत और आठ की इकॉनमी दर से 92 विकेट लिए हैं। राजस्थान रॉयल्स के लिए वो दो शतक लगा चुके हैं। वैसे 59 टेस्ट में उनकी स्ट्राइक रेट 52।59 रही तो 190 वनडे मैचों में 90।44 की स्ट्राइक रेट रही है।

ब्रेंडन मैकुलम
18 अप्रैल, 2008, आईपीएल टूर्नामेंट का पहला मैच। कोई नहीं जानता था कि इस लीग का भविष्य क्या होगा या इस तरह की लीग जहाँ हर देश का खिलाड़ी एक ही टीम में शामिल हो, उसमें से आख़िर क्या निकलकर आएगा। ऐसे में कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ़ से ब्रैंडन मैकुलम मैदान पर आए और 158 रनों की ऐसी नाबाद पारी खेली कि पूरा स्टेडियम झनझना उठा। ये आईपीएल का पहला शतक था। 2016 में न्यूज़ीलैंड के कप्तान रहते हुए ब्रैंडन ने संन्यास ले लिया।

2018 में 36 साल के ब्रैंडन मैकुलम अब भी आईपीएल में खेल रहे हैं। 107 मैचों में वो 132 की स्ट्राइक रेट से और 28 की औसत से 2839 रन बना चुके हैं। जबकि 260 वनडे खेल चुके ब्रेंडन ने 96.37 की दर से 6083 रन बनाए हैं। वैसे वो भारत के खिलाफ़ 2014 के टेस्ट मैच में ट्रिपल सेंचुरी मार चुके हैं और पाकिस्तान के खिलाफ़ डबल सेंचुरी। टी-20 फॉर्मेट में 9000 से ज़्यादा रन बनाने वाले वो दूसरे सिर्फ़ खिलाड़ी हैं। ब्रेंडन ऑस्ट्रेलिया की बिग बेश लीग में भी खेलते हैं।
लसिथ मलिंगा
27 साल की उम्र में 2011 में मलिंगा ने टेस्ट से रिटायरमेंट ले ली थी। तब श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड उनसे काफ़ी नाराज़ हुआ था क्योंकि वे आईपीएल में खेलते रहे लेकिन इंग्लैंड के ख़िलाफ़ श्रीलंकाई टीम के लिए उपलब्ध नहीं हुए। बोर्ड ने उन्हें तुरंत आईपीएल से लौटने के लिए कहा था। लेकिन मलिंगा 33 साल की उम्र तक, 2017 तक आईपीएल में खेलते रहे और जब तक खेले मुंबई इंडियंस की जान रहे।

110 आईपीएल मैचों में उन्होंने 154 विकेट लिए- औसत रही 19 और इकॉनमी रेट रहा 6.86 । आईपीएल में सबसे ज़्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड उनके ही खिलाफ़ है। 2011 में 28 विकेट के साथ वो पर्पल कैप लेकर गए। हालांकि इस साल किसी टीम ने उन्हें नहीं खरीदा और वो मुंबई इंडियंस के मेंटर बने हैं।

मिचेल जॉनसन
36 साल के ऑस्ट्रेलिया के तेज़ गेदबाज़ 2015 में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं लेकिन अब भी आईपीएल की शान हैं। 153 वनडे मैचों में उन्होंने 25 की औसत से 239 विकेट लिए हैं। जबकि 2013 से लेकर अब तक 50 आईपीएल मैचों में 25 की औसत से 61 विकेट लिए हैं और इकॉनमी रेट 8 रहा है।

जॉनसन ऑस्ट्रेलिया की बिग बेश लीग में भी खेलते हैं। संन्यास ले चुके खिलाड़ियों के अलावा आईपीएल ऐसे खिलाड़ियों की भी पनाहगाह है जो किसी न किसी वजह से अपने देश की टीम का हिस्सा नहीं है जैसे क्रिस गेल।

क्रिस गेल
38 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायर तो नहीं हुए हैं लेकिन टीम प्रबंधन से अनबन की वजह से वो वेस्टइंडीज़ टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं। 2014 के बाद से उन्होंने कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है और वनडे मैच भी 2016 में दो साल बाद खेला।
लेकिन आईपीएल में तो जैसे गेल का ही जलवा है। आईपीएल में वो कुल छह शतक लगा चुके हैं। 104 मैचों में 43 की औसत से 152 की स्ट्राइक रेट से 3855 रन बटोर चुके हैं जिसमें 2013 में 66 गेदों पर नाबाद 175 रन शामिल हैं।

हालांकि। आईपीएल में सबसे ज़्यादा रन बनाने में सुरेश रैना उनसे आगे हैं। 38 साल के गेल पर तो इस बार शुरु में किसी ने बोली भी नहीं लगाई थी। बाद में दिल्ली ने उन्हें दो करोड़ में ख़रीदा।

सौरभ गांगुली
भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक सौरभ गांगुली ने यूँ तो 2008 आते-आते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन 2012 तक दादा आईपीएल में खेलते रहे। 59 आईपीएल मैचों में दादा ने 107 की स्ट्राइक रेट और 25 की औसत से 1348 रन बनाए।

2010 तक तो दादा का दम चला, उन्होंने उस साल 493 रन जोड़े लेकिन अगली बार तो वो आईपीएल में बिके ही नहीं, आख़िरकर पुणे ने उन्हें ख़रीदा और वो 2012 तक खेले पर आख़िर के सालों में उनका प्रदर्शन ख़ास नहीं रहा।

मैथ्यू हेडन
37 साल के हेडन ने 2009 में रिटायरमेंट ले ली थी लेकिन वो 2010 तक आईपीएल में खेलते रहे। 32 आईपीएल मैचों में हेडन ने 138 की औसत से 1107 रन जोड़े।

मुरलीधरन
धुरधंर गेंदबाज़ श्रीलंका के ने 2011 आते-आते टेस्ट और वनडे से रिटायरमेंट ले ली थी। लेकिन उनका आईपीएल करियर 2014 तक चलता रहा। 66 आईपीएल मैचों में उन्होंने 27 की औसत से 63 विकेट लिए। जबकि 133 टेस्ट मैचों में उन्होंने 800 विकेट लिए हैं।

शेन वॉर्न
दुनिया के सबसे सफल गेंदबाज़ों में से एक वॉर्न जनवरी 2007 से में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायर हो गए थे। 2008 में आईपीएल के पहले सीज़न में शेन वॉर्न न सिर्फ़ राजस्थान रॉयल्स के कप्तान बने बल्कि कोच भी और टीम को खिताब भी जितवाया। रिटायर होने के करीब पाँच साल तक वो आईपीएल में खेलते रहे। 55 आईपीएल मैचों में वॉर्न ने 57 विकेट लिए। इस साल वे राजस्थान रॉयल्स के मेंटर हैं।
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