बाबा रामदेव का मेगा फ़ूड पार्क है क्या?

पुनः संशोधित बुधवार, 6 जून 2018 (16:44 IST)
- टीम बीबीसी हिन्दी (नई दिल्ली)

मंगलवार रात समाचार चैनलों ने ब्रेकिंग न्यूज का फ़्लैश दिखाना शुरू किया, 'का मेगा फ़ूड पार्क यूपी से बाहर शिफ़्ट होगा।' आगे लिखा था, 'आचार्य सरकार के रवैये से नाराज़।'
बाबा रामदेव के ने सरकार की तरफ़ से मंज़ूरी ना मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा में बनने वाले प्रस्तावित फ़ूड एंड हर्बल पार्क को शिफ़्ट करने की बात कही।

क्या कहा बालकृष्ण ने?
कंपनी के सर्वेसर्वा आचार्य बालकृष्ण ने ट्वीट किया, ''आज ग्रेटर नोएडा में केन्द्रीय सरकार से स्वीकृत मेगा को निरस्त करने की सूचना मिली। श्रीराम व कृष्ण की पवित्र भूमि के किसानों के जीवन में समृद्धि लाने का संकल्प प्रांतीय सरकार की उदासीनता के चलते अधूरा ही रह गया #पतंजलि ने प्रोजेक्ट को अन्यत्र शिफ्ट करने का निर्णय लिया।''

बालकृष्ण ने इस मेगा फ़ूड पार्क की प्रतीकात्मक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ''यह था पतंजलि फ़ूडपार्क Noida के प्रस्तावित विशाल संस्थान का स्वरूप, जिससे मिलता हज़ारों लोगों को रोज़गार तथा जिससे प्राप्त होता लाखों किसानों को समृद्धशाली जीवन...''


ज़ाहिर है, आचार्य बालकृष्ण के इस तरह से बयान देने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ़ से कोई न कोई कदम उठाया जाना ही था। और वही हुआ।
क्या है ये प्रोजेक्ट?
बुधवार सवेरे ख़बर आई है कि इस विवाद के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत की और इस बारे में जल्द से जल्द फ़ैसला करने का वादा किया।


लेकिन ये मेगा प्रोजेक्ट है क्या, जिसे लेकर ये विवाद खड़ा हो गया है। बाबा रामदेव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क़रीब माने जाते हैं और उत्तर प्रदेश में भी भाजपा का शासन है, ऐसे में इस परियोजना को लेकर खुलेआम इस तरह की बयानबाज़ी हैरान करती है। साल 2016 में उत्तर प्रदेश में तत्कालीन सपा सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पतंजलि के मेगा फ़ूड पार्क की नींव रखी थी। इसे 1666.8 करोड़ रुपए के निवेश से तैयार किया जाना था।

प्रोजेक्ट से जुड़े दावे-वादे
ये मेगा फ़ूड पार्क 455 एकड़ में बनना है और ऐसा दावा किया गया था कि इसके शुरू होने के बाद 8 हज़ार से ज़्यादा लोगों को सीधे तौर पर रोज़गार मिलेगा। हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के अधिकारियों ने बताया था कि ये ज़मीन इंस्टीट्यूशनल और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए आवंटित की गई है।

एचटी ने YEIDA के एडिशनल चीफ़ एग्ज़िक्यूटिव ऑफ़िसर अमरनाथ के हवाले से कहा था, ''उत्तर प्रदेश सरकार ने अलॉटमेंट लेटर जारी कर दिया है, जिसमें योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि योगपीठ को 455 एकड़ ज़मीन दी गई है।''


''हमने 430 एकड़ इंडस्ट्रियल इस्तेमाल और 25 एकड़ संस्थागत इस्तेमाल के लिए दी गई है। बाबा रामदेव की वहां यूनिवर्सिटी और रिसर्च सेंटर बनाने की योजना है।''
कहां है ये प्रस्तावित फ़ूड पार्क
165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे का नियंत्रण YEIDA के हाथों में है। जिस जगह पतंजलि योगपीठ ने ये मेगा फ़ूड पार्क बनाने की योजना बनाई है, वो सेक्टर 24, 24ए और 22बी में है। ये यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली 120 मीटर चौड़ी सड़क से सटा है। ये जगह बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर है। यमुना एक्सप्रेसवे ग्रेटर नोएडा को आगरा और उससे आगे लखनऊ से जोड़ता है।

जब इस परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और पतंजलि योगपीठ के बीच बातचीत चल रही थी, तो बाबा रामदेव के सहयोगियों ने बताया था कि वो मार्च 2018 से यहां कामकाज शुरू करने की योजना बना रहे हैं। पतंजलि योगपीठ का दावा था कि 1600 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट से 50 हज़ार स्थानीय किसानों को फ़ायदा होगा क्योंकि वो इनसे घी, तेल आदि खरीदेगी।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

भारत में इंसानी मल को ढोते हजारों लोग

भारत में इंसानी मल को ढोते हजारों लोग
भारत में 21वीं सदी में भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो इंसानी मल को उठाने और सिर पर ढोने को मजबूर ...

क्या होगा जब कंप्यूटर का दिमाग पागल हो जाए

क्या होगा जब कंप्यूटर का दिमाग पागल हो जाए
क्या होगा अगर कंप्यूटर और मशीनों को चलाने वाले दिमाग यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पागल हो ...

चंद हज़ार रुपयों से अरबपति बनने वाली केंड्रा की कहानी

चंद हज़ार रुपयों से अरबपति बनने वाली केंड्रा की कहानी
गर्भ के आख़िरी दिनों में केंड्रा स्कॉट को आराम के लिए कहा गया था। उसी वक़्त उन्हें इस ...

सिंगापुर डायरी: ट्रंप-किम की मुलाकात की जगह बसता है 'मिनी ...

सिंगापुर डायरी: ट्रंप-किम की मुलाकात की जगह बसता है 'मिनी इंडिया'
सिंगापुर का "लिटिल इंडिया" दो किलोमीटर के इलाक़े में बसा एक मिनी भारत है। ये विदेश में ...

जर्मन बच्चे कितने पढ़ाकू, कितने बिंदास

जर्मन बच्चे कितने पढ़ाकू, कितने बिंदास
जर्मनी में एक साल के भीतर कितने बच्चे होते हैं, या बच्चों को कितनी पॉकेट मनी मिलती है, या ...

खूंटी गैंगरेप मामला : विरोधस्वरूप 10 दिन तक कोई कार्यक्रम ...

खूंटी गैंगरेप मामला : विरोधस्वरूप 10 दिन तक कोई कार्यक्रम पेश नहीं करेंगे कलाकार
जमशेदपुर। झारखंड के खूंटी जिले में इस हफ्ते की शुरुआत में 5 महिलाओं से सामूहिक बलात्कार ...

बैंकर का किसान की पत्नी से यौन इच्छा की पूर्ति की मांग ...

बैंकर का किसान की पत्नी से यौन इच्छा की पूर्ति की मांग हैरान करने वाली : चव्हाण
मुंबई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने महाराष्ट्र के बुल्ढाना जिले में एक बैंक ...

असम में बाढ़ की स्थिति भयावह, दो और जिले प्रभावित

असम में बाढ़ की स्थिति भयावह, दो और जिले प्रभावित
गुवाहाटी। असम में पिछले 2 दिनों से बाढ़ की स्थिति में सुधार नजर आ रहा था लेकिन बढ़ते ...