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राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा : न्योते पर कांग्रेस का सवाल, क्या मंदिर में निमंत्रण से जाया जाता है?
Ayodhya Ram Mandir news : राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कांग्रेस के शामिल नहीं होने के फैसले पर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। भाजपा इस मामले में हमलावर है। इस बीच कांग्रेस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि अयोध्या में धार्मिक नहीं राजनीतिक कार्यक्रम हो रहा है। उन्होंने सवाल किया कि धर्म में राजनीति क्यों हो रही है? क्या मंदिर में निमंत्रण से जाया जाता है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि क्या भगवान के मंदिर में निमंत्रण से जाया जाता है? किस तारीख को किस श्रेणी का व्यक्ति मंदिर जाएगा, क्या यह एक राजनीतिक दल तय करेगा?
उन्होंने सवाल किया कि क्या एक राजनीतिक दल तय करेगा कि मैं अपने भगवान से मिलने कब जाऊं? उन्होंने कहा कि न इंसान किसी को मंदिर में बुला सकता है और न इंसान किसी को मंदिर जाने से रोक सकता।
क्या भगवान के मंदिर में निमंत्रण से जाया जाता है?
— Congress (@INCIndia) January 12, 2024
किस तारीख को किस श्रेणी का व्यक्ति मंदिर जाएगा, क्या यह एक राजनीतिक दल तय करेगा?
क्या एक राजनीतिक दल तय करेगा कि मैं अपने भगवान से मिलने कब जाऊं?
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खेड़ा ने कहा कि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा जब की जाती है तब उसका एक विधि विधान होता है। क्या ये कार्यक्रम धार्मिक है? अगर ये कार्यक्रम धार्मिक है तो क्या विधा विधान से कार्यक्रम किया जा रहा है? अगर ये कार्यक्रम धार्मिक है तो क्या चारों पीठों के हमारे शंकराचार्य की सलाह और देख-रेख से इस कार्यक्रम का स्वरूप तय किया जा रहा?
उन्होंने कहा कि चारों शंकराचार्य कह चुके हैं कि एक अधुरे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठापन नहीं की जा सकती है। अगर ये कार्यक्रम धार्मिक नहीं है तो ये कार्यक्रम राजनीतिक है।
खेड़ा ने दावा किया कि एक पूरा संगठन मेरे धर्म का ठेकेदार बनाकर बैठा है, इनकी पूरी IT सेल चारों पीठों के शंकराचार्यों के खिलाफ एक मुहीम छेड़कर बैठी है। इस पूरे आयोजन में कहीं भी धर्म, नीति और आस्था नहीं दिखाई दे रही, सिर्फ राजनीति दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 22 जनवरी की तारीख का चुनाव नहीं किया गया है, बल्कि चुनाव देखकर तारीख तय की गई है। किसी एक व्यक्ति के राजनीतिक तमाशे के लिए हम अपने भगवान और आस्था के साथ खिलवाड़ होते हुए नहीं देख सकते।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मंदिर निर्माण का कार्य विधिवत पूरा हो, लेकिन इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक दखल कोई भी भक्त बर्दाश्त नहीं करेगा।
एक पूरा संगठन मेरे धर्म का ठेकेदार बनाकर बैठा है, इनकी पूरी IT सेल चारों पीठों के शंकराचार्यों के खिलाफ एक मुहीम छेड़कर बैठी है।
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इस पूरे आयोजन में कहीं भी धर्म, नीति और आस्था नहीं दिखाई दे रही, सिर्फ राजनीति दिखाई दे रही है।
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इस बीच अयोध्या में राम मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष संदेश जारी कर उनके विशेष अनुष्ठान की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या में रामलला की प्राणप्रतिष्ठा में सिर्फ 11 दिन बचे हैं। मेरा सौभाग्य है कि मैं भी इस पवित्र अवसर का साक्षी बनूंगा। भगवान ने मुझे प्राणप्रतिष्ठा के दौरान भारत के सभी नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने के लिए बनाया है। इसे ध्यान में रखते हुए, मैं आज से 11 दिवसीय विशेष अनुष्ठान शुरू कर रहा हूं।
Edited by : Nrapendra Gupta











