ज्योतिष के अनुसार सूर्य की खास विशेषताएं, जो आप नहीं जानते होंगे...

ज्योतिष के अनुसार ग्रह की परिभाषा अलग है। भारतीय ज्योतिष और पौराणिक कथाओं में गिने जाते हैं, सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु।

यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत है के बारे में रोचक जानकारी...

* सूर्य सभी ग्रहों का मुखिया है।

* वैदिक काल से ही भारत में सूर्योपासना का प्रचलन रहा है

* सूर्य के बाल और हाथ सोने के हैं।
* के रथ को 7 घोड़े खींचते हैं, जो 7 चक्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

* सौर देवता, आदित्यों में से एक, कश्यप और उनकी पत्नियों में से एक अदिति के पुत्र।

* पौराणिक कथाओं के अनुसार, सूर्य की अधिक प्रसिद्ध संततियों में हैं शनि (सैटर्न), यम (मृत्यु के देवता) और कर्ण (महाभारत वाले) है।
* सूर्य 'रवि' के रूप में 'रविवार' या 'इतवार' के स्वामी हैं।

* वेदों में सूर्य को जगत की आत्मा कहा गया है।

* सूर्य से ही इस पृथ्वी पर जीवन है।

* ज्योतिष शास्त्र में नव ग्रहों में सूर्य को राजा का पद प्राप्त है।

* सूर्य देव की प्रसन्नता के लिए इन्हें नित्य अर्घ्य देना चाहिए।

* मंत्र 'ॐ घृणि सूर्याय नम:' है।

* प्रतिदिन एक निश्चित संख्या में सूर्य मंत्र का जप करना चाहिए।

* सृष्टि में सबसे पहले सूर्यस्वरूप प्रकट हुआ इसलिए इनका नाम पड़ा। सूर्य का एक अन्य नाम सविता भी है।






-आरके.


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