आज खग्रास चन्द्र ग्रहण : जानिए, क्या होगा आप पर असर

खग्रास चन्द्र ग्रहण को है। यह ग्रहण माघ पूर्णिमा बुधवार को सायंकाल के समय संपूर्ण भारतवर्ष में दृश्यमान होगा। यह ग्रहण असम, मिजोरम, सिक्किम, मेघालय, पूर्वी व प. बंगाल में चन्द्रोदय के बाद प्रारंभ होगा तथा भारत के शेष भागों में इस ग्रहण का आरंभ चन्द्रोदय से पहले ही हो जाएगा, वहां ग्रहण ग्रस्तोदय होगा।
ALSO READ:
ग्रहण काल के समय ध्यान रखें ये नियम, नहीं होगा अनिष्ट


भारत के अलावा और कहां दिखाई देगा?

उत्तरी अमेरिका, पूर्वी व दक्षिणी अमेरिका में चन्द्र अस्त के साथ ग्रहण समाप्त हो जाएगा अर्थात ग्रस्तास्त हो जाएगा, जबकि उत्तरी व पूर्वी यूरोप, एशिया, हिन्द महासागर में चन्द्रोदय के समय यह खग्रास ग्रहण के रूप में प्रारंभ होगा अर्थात ग्रस्तोदय रूप में दिखाई देगा। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड में इस खग्रास चन्द्रग्रहण के सभी घटनाक्रम दिखाई देंगे अर्थात ग्रहण आरंभ से ग्रहण समाप्ति तक दृश्यमान होगा।
भारतीय समयानुसार इस ग्रहण का प्रारंभ व समाप्ति काल इस प्रकार है-

ग्रहण आरंभ- 17 घंटा 18 मिनट 27 सेकंड
खग्रास प्रारंभ- 18 घंटा 21 मिनट 47 सेकंड
ग्रहण मध्य- 18 घंटा 59 मिनट 50 सेकंड
खग्रास समाप्त- 19 घंटा 37 मिनट 51 सेकंड
ग्रहण समाप्त- 20 घंटा 41 मिनट 11 सेकंड

ग्रहण का पर्वकाल-

ग्रहण का पर्वकाल ग्रहण आरंभ से ग्रहण समाप्ति तक का काल माना जाता है, क्योंकि यह ग्रहण भारत के सुदूर पूर्वी क्षेत्र को छोड़कर शेष भारत में ग्रस्तोदय ही होगा। अत: यहां चन्द्रोदय से ग्रहण समाप्ति तक के काल को पर्वकाल माना जाएगा।

ग्रहण का सूतक-

ग्रहण का सूतक 31 जनवरी 2018 की सुबह 8 बजकर 18 मिनट से आरंभ होगा।
ग्रहण का राशिनुसार फल-

यह ग्रहण पुष्य नक्षत्र एवं आश्लेषा तथा कर्क राशि पर घटित होगा। अत: इन नक्षत्रों व राशि वालों के लिए विशेष रूप से कष्टकारी हो सकता है। यदि चन्द्र के साथ कर्क का राहु जन्मकालीन रहा तो परिणाम अशुभ होते हैं। ऐसी स्थिति में ग्रहण काल में महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से कष्टों से राहत मिलती है।
मेष राशिगत फल- कामकाज में सफलता के साथ धनलाभ की उम्मीद कर सकते हैं।

वृषभ राशिगत फल- आर्थिक लाभ के साथ प्रत्येक क्षेत्र में प्रगतिपूर्ण वातावरण रहेगा।

मिथुन राशिगत फल- आर्थिक नुकसान के साथ यात्रा के योग भी हैं।

कर्क राशिगत फल- शारीरिक कष्ट के साथ कार्य में रुकावटें आ सकती हैं।

सिंह राशिगत फल- मानसिक चिंता के साथ आर्थिक नुकसान संभव।
कन्या राशिगत फल- अकस्मात धनलाभ के साथ-साथ सुख-समृद्धि के योग हैं।

तुला राशिगत फल- स्वास्थ्य का ध्यान रखें, किसी कार्य में परिश्रम अधिक होगा।

वृश्चिक राशिगत फल- चिंता रहेगी वहीं संतान कष्ट से खर्च भी होगा।

धनु राशिगत फल- शत्रु पक्ष से बचकर चलें। थोड़े धनलाभ की आशा कर सकते हैं।

मकर राशिगत फल- दांपत्य जीवन में कष्ट रह सकता है, चिंता रहेगी।
कुंभ राशिगत फल- आर्थिक मामलों में सावधानी रखें, खर्च अधिक होगा। चिंता व परिश्रम अधिक रहेगा।

मीन राशिगत फल- कामकाज में विलंब होकर खर्च अधिक रहेगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

राशिफल

जन्मपत्रिका क्या है? और कैसे बताती यह आापका अतीत, वर्तमान ...

जन्मपत्रिका क्या है? और कैसे बताती यह आापका अतीत, वर्तमान और भविष्य...
शायद कभी आपके मन में यह सवाल भी आया हो कि आखिर क्या है ये जन्म पत्रिका जिसे जन्म कुंडली ...

सावन मास में पूरे समय जपते रहें यह छोटे-छोटे मंत्र, मिलेगा ...

सावन मास में पूरे समय जपते रहें यह छोटे-छोटे मंत्र, मिलेगा शिव पूजन का सारा पुण्य
अगर आप पूरे श्रावण मास में विधिवत पूजन का समय नहीं निकाल पा रहे हैं तो हम आपके लिए लाए ...

1 करोड़ कन्यादान के बराबर है 1 बिल्वपत्र को चढ़ाने का ...

1 करोड़ कन्यादान के बराबर है 1 बिल्वपत्र को चढ़ाने का पुण्य, जानिए कुछ और भी जरूरी बातें
बिल्वपत्र भोले-भंडारी को चढ़ाना एवं 1 करोड़ कन्याओं के कन्यादान का फल एक समान है।

जानिए कैसा है सूर्य का स्वभाव, क्या पड़ता है आप पर इसका ...

जानिए कैसा है सूर्य का स्वभाव, क्या पड़ता है आप पर इसका प्रभाव
ज्योतिष में जन्मपत्रिका, बारह राशियों एवं नौ ग्रहों का विशेष महत्व है. .. ये नौ ग्रह ...

13 से 19 अगस्त 2018 : साप्ताहिक राशिफल

13 से 19 अगस्त 2018 : साप्ताहिक राशिफल
अपने बड़ों के सपनों को पूरा करने के लिए तत्पर है। किसी कारणवश आप खुद को राह से भटका हुआ ...

नागपंचमी पर ऐसे करें नागपूजन और विसर्जन, पढ़ें विशेष ...

नागपंचमी पर ऐसे करें नागपूजन और विसर्जन, पढ़ें विशेष प्रार्थना और मंत्र...
नागपंचमी के दिन प्रात:काल स्नान करने के उपरान्त शुद्ध होकर यथाशक्ति (स्वर्ण, रजत, ताम्र) ...

17 अगस्त को हो रहा है सूर्य का राशि परिवर्तन, जानिए किन ...

17 अगस्त को हो रहा है सूर्य का राशि परिवर्तन, जानिए किन राशि‍यों की बदलने वाली है किस्मत ...
सूर्यदेव नवग्रहों के राजा हैं। सिंह राशि के स्वामी हैं। अग्नितत्व प्रधान ग्रह हैं। कुंडली ...

15 अगस्त पर लाल किले की प्राचीर से हो सकती है ये घोषणाएं, ...

15 अगस्त पर लाल किले की प्राचीर से हो सकती है ये घोषणाएं, जानें क्या कहता है ज्योतिष
देश के लिए 15 अगस्त, बुधवार के दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लाल किले की प्राचीर से कई ...

जानिए श्रावण में क्यों आती है नागपंचमी, और क्यों चढ़ाते हैं ...

जानिए श्रावण में क्यों आती है नागपंचमी, और क्यों चढ़ाते हैं नाग देवता को दूध?
नाग पंचमी का पवित्र त्योहार 15 अगस्त 2018 को मनाया जाएगा। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की ...

आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा सूर्य का स्वराशि सिंह में ...

आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा सूर्य का स्वराशि सिंह में प्रवेश (पढ़ें 12 राशियां)
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को नवग्रहों का राजा कहा गया है। सूर्य मनुष्यों की जीवनी शक्ति ...