NRI लेखकों की 10 किताबें जो 2017 में सबसे ज्यादा पढ़ी गई


स्मृति आदित्य

भवानीप्रसाद मिश्र की कविता की मशहूर पंक्तियां हैं कुछ लिख के सो, कुछ पढ़ के सो, तू जिस जगह जागा सवेरे, उस जगह से कुछ बढ़ के सो…किताबें पढ़ना जिनका प्रिय शगल है वे इन पंक्तियों का मर्म समझ सकते हैं। वक्त करवट बदलता है लेकिन इस बदलते वक्त के साथ तारीखें बदलती हैं कुछ परंपरा, कुछ आदतें, कुछ रूचियां कभी नहीं बदलती। लिखने और पढ़ने का शौक ऐसा ही है।

हर साल लाखों की संख्या में किताबें लिखी जा रही हैं और उसी संख्या में पाठकों की दीवानगी भी दिखाई देती है। आइए जायजा लेते हैं भारतीय लेखकों (NRI) की उन 10 ऐसी किताबों का जो 2017 में बाजार में सबसे ज्यादा तलाशी गई... सबसे ज्यादा पढ़ी और पसंद की गई।

1. वेन डिंपल मेट ऋषि : संध्या मेनन
'When Dimple Met Rishi by Sandhya Menon

यह किताब दो विपरीत स्वभाव के युवाओं की रोमांटिक कॉमेडी हैं जिनके माता-पिता उनकी शादी प्लान करते हैं। डिंपल शाह की मां चाहती है वह जल्दी से पारंपरिक भारतीय महिला बन जाए जबकि डिंपल एक खुले विचारों वाली करियर के प्रति संजीदा लड़की है। उसकी मुलाकात पारंपरिक विचारों वाले ऋषि से बड़े नाटकीय ढंग से करवाई जाती है लेकिन कैसे उन दोनों के बीच आकर्षक केमेस्ट्री डेवलेप होती है यह पुस्तक में बड़े ही दिलचस्प अंदाज में बयान किया गया है। साल 2017 में संध्या मेनन की इस किताब को युवाओं ने बहुत पसंद किया। संध्या मेनन न्यू यॉर्क टाइम्स और नेशनल इंडी बेस्ट सैलिंग ऑथर के रूप में पहचानी जाती हैं। साल 2017 में यह क्यूट रोमांटिक बुक हर वर्ग की पसंद बनी...


2 : नो अदर वर्ल्ड : राहुल मेहता
No Other World by Rahul Mehta

यह भारतीय अमेरिकी लड़के किरण की कहानी है जो समलैंगिक है। कैसे नई जगह पर उसे एडजस्ट होने में संघर्ष करना पड़ता है उसे बड़ी ही मार्मिकता और प्रवाह के साथ प्रस्तुत किया है। राहुल मेहता पहले भी इस विषय पर लिख चुके हैं। फिलाडेल्फिया में रहने वाले नॉवेलिस्ट राहुल की बड़ी संख्या में फैन फोलॉइंग है।


3. इरोटिक स्टोरीज् फॉर पंजाबी विडोज : बाल्ली कौर जासवाल
Erotic Stories for Punjabi Widows by Balli Kaur Jaswal

नाम से ही स्पष्ट है कि पुस्तक में क्या है और क्या हो सकता है। लेकिन पुस्तक में इसे प्रस्तुत करने का तरीका बिलकुल अनूठा है। निक्की यूके में पली और बढ़ी है। अपने अतीत और विरासत को भूलने की कोशिश कर रही है। अचानक पिता की मृत्यु से उस पर परिवार की आर्थिक जिम्मेदार आ जाती है। वह एक कॅलेज में क्रिएटिव राइटिंग पढ़ाना शुरू करती है। यहां उसका परिचय पंजाबी विधवा महिलाओं से होता है। इन महिलाओं की आंखों में निक्की आशा की किरण और सपनों की उमंगे देखती है। पुस्तक में विधवा महिलाओं का इरोटिक रोमांटिक फिक्शन पढ़ना और उनमें रचे-बसे सांस्कृतिक मूल्यों के बीच की उहापोह को खूबसूरती से दर्शाया गया है। साल 2017 में इस किताब को ऑनलाइन बहुत सर्च किया गया और पसंद भी किया गया। इस वर्ष सिंगापुर की इस नॉवेलिस्ट को पढ़ना एनआरआई युवाओं को बहुत रास आया।


4. पश्मीना : निधि चनानी
Pashmina by Nidhi Chanani

पश्मिना की कथा एक इंडियन अमेरिकन टीनएजर प्रियंका के आसपास बुनी है लेकिन उसके बहाने इस कॉमिक्स में बहुत कुछ बड़े ही कलात्मक ढंग से समेटा गया है। पुस्तक में एक मां है जो अपनी बेटी को परंपरा और संस्कृति सीखाने के लिए प्रयासरत है। यह कॉमिक एक महिला के अंतर्मन की है, एक संस्कृति की है, एक मां की है और एक बेटी की है। पश्मिना की लेखिका निधि कोलकाता में जन्मी कैलिफोर्निया में पली और सेनफ्रांसिस्को में रह रही हैं। 2017 में टीनएजर के बीच उनकी पश्मिना खासी चर्चा का विषय बनी।


5. द विंड फॉल : दीक्षा बसु
The Windfall by Diksha Basu

यह पुस्तक बताती है कि कैसे अपने छोटे से अपार्टमेंट से मि. और मिसेस झा गुड़गांव के धनाढ्य इलाके के बड़े बंगले में शिफ्ट होते हैं। यहां आकर वे यह नहीं समझ पाते हैं कि उनका कैसा व्यवहार करना सही होगा। वे यहां खुद को फिट नहीं पा कर खुद ही पड़ताल करने की चेष्टा करते हैं कि आखिर यह अलग संस्कृति के लोग उनसे चाहते क्या हैं? यह किताब समाज में पनप रहे वर्ग भेद की पीड़ा को बखूबी रेखांकित करती है। यहां ना पड़ोसियों की गॉसिप है, ना छोटे-छोटे दुखों की बड़ी परेशानियां है ना ही बड़ी-बड़ी चिंताओं की छोटी व्याहारिकताएं हैं। अभिनेत्री से लेखिका बनी दीक्षा बसु की संवेदनशील लेखनी को साल 2017 में अच्छे रिव्यू मिले हैं।


6. द लाइब्रेरी ऑफ फेट्स : अदिति खुराना
The Library of Fates by Aditi Khorana

खूबसूरत आकर्षक भव्य कवर पृष्ठ को देखकर ही आप इसे पढ़ने से खुद को रोक नहीं सकते। इस किताब में भारतीय लोककथा की कलात्मकता है। राजकुमारी अमृता की मासूमियत है। फिक्शन है, फैंटेसी है, दोस्ती की मीठी अनुभूतियां है, भोली आशाएं हैं। पिता चंद्रदेव और राजकुमारी पुत्री अमृ‍ता की भावुकताएं है। राजकुमारी, अपनी प्रजा को बचाने के लिए कई स्तरों पर बलिदान करती है। उसके पास भाग्य को बदलने की चमत्कारी शक्ति है। यानी कुल मिलाकर पुस्तक में वह सब है जो एक फिक्शन प्रेमी को चाहिए। लेखिका
अदिति बतौर पत्रकार एबीसी न्यूज, सीएनएन और पीबीएस में काम कर चुकी हैं।
इन दिनों लॉस एंजिल्स में रहती हैं।

7 . नो वन कैन प्रोनाउन्स माय नेम : राकेश सत्याल
No One Can Pronounce My Name by Rakesh Satyal


राकेश सत्याल की यह किताब अप्रवासियों की समस्याओं पर प्रहार करती है। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक यह समझना चाहते हैं कि अप्रवासियों का बच्चा जीवन भर अपनी पहचान को लेकर संशय में रहता है और अंतत: ना वह पूरी तरह से भारतीय हो पाता है ना ही विदेशी। क्लीवलैंड के बाहर रहने वाले भारतीय अमेरिकियों के समूह को केन्द्र में रखकर रची इस किताब में अप्रवासियों की तरफ से यह सवाल बार-बार सामने आ खड़ा होता है कि हम कौन हैं?जिस देश में हम रहे हैं वहां से हमारे मन के रिश्ते हैं पर हमें यहां पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया जाता। हमारी जड़ें हमें अपनी तरफ खिंचती है पर उनके लिए भी हम पराए हैं क्योंकि भाषा, वेशभूषा, खानपान सब हमें उनसे जुदा करता है। राकेश अमेरिकन नॉवेलिस्ट हैं। अपने पहले नॉवेल ब्लू बॉय के लिए उन्हें Lambda Literary Award मिल चुका है।


8 . ए क्राउन ऑफ विशेज : रोशनी चौकशी
A Crown of Wishes by Roshani Chokshi

इस किताब में एक भारतीय राजकुमारी गौरी है और चालाक दुश्मन है। गौरी कैद कर ली जाती है। विक्रम गौरी से उसका साम्राज्य जीत लेने का अंतिम अवसर देता है। यह सीरिज की दूसरी किताब है पर आप पहली को पढ़े बिना भी इसका पूरा आनंद ले सकते हैं। ए क्राउन ऑफ विशेज फिक्शन प्रेमी पाठक के मानस के लिए अच्छी खुराक है। हालांकि फिक्शन के मानदंडों के आधार पर इसमें कई छोटी-मोटी कमजोरियां हैं लेकिन बावजूद इसके लेखक की प्रतिभा पर पाठक अविश्वास नहीं कर सकते। रोशनी चौकशी अमेरिकन नॉवेलिस्ट है। उनके नॉवेल युवाओं में दिलचस्पी के साथ पढ़े जाते हैं।



9. ए लाइफ ऑफ एडवेंचर एंड डिलाइट : अखिल शर्मा
A Life of Adventure and Delight by Akhil Sharma

एक लेखक के रूप में खुद को ऐसे लेखकों में शामिल करना थोड़ा मुश्किल होता है जो गहरे और सुंदर उपन्यास लिखते हैं अत: उनकी तुलना में लघु कथाएं लिखना बहुत आसान और प्रभावशाली होता है। अखिल शर्मा एक ऐसे लेखक हैं। उनके नॉवेल समीक्षकों द्वारा प्रशंसित रहे हैं। अखिल शर्मा का जन्म दिल्ली में हुआ लेकिन 1979 से वह अमेरिका में निवास कर रहे हैं। इस किताब की लघुकथाओं में आप अखिल शर्मा को अपनी चिरपरिचित अनूठी शैली में पाते हैं। खूबसूरत लघुकथाएं इतनी सादगी और स्पष्टता से लिखी गई है कि आप लेखक के प्रशंसक हुए बिना नहीं रह सकते।

10 . सिलेक्शन डे : अरविंद अडिगा
Selection Day by Aravind Adiga

मैन बुकर पुरस्कार विजेता व्हाइट टाइगर के जाने माने लेखक अरविंद अडिगा की किताब सिलेक्शन डे इस साल खासी पसंद की गई। शहरी भारत की जिंदगी को रेखांकित करती इस किताब में 14 वर्षीय मंजूनाथ है जो मुंबई की झुग्गी बस्ती में रहता है। वह जानता है कि वह अच्छा क्रिकेटर है लेकिन .... इस लेकिन से ही अरविंद नॉवेल को आगे बढ़ाते हैं और शहरी भारत की कई विसंगतियों के साथ उनके जीवन के हल्के फुल्के हास्य और दर्शन को भी स्पर्श करते हैं। मंजू जब मुस्लिम दोस्त से मिलता है तो उसके जेहन में उठते सवाल पाठक को भी वर्तमान स्थिति पर सोचने को मजबूर करते हैं।

1974 में चेन्नई में जन्मे अरविंद का बचपन मंगलौर में बीता। कनाडा हाईस्कूल और सेंट एलोसिस कॉलेज की शिक्षा के उपरांत परिवार के साथ अरविंद सिडनी(ऑस्ट्रेलिया) आ गए। यहा उन्होंने जेआरए हाईस्कूल (जेम्स रूस एग्रीकल्चरल हाईस्कूल) में पढ़ाई जारी रखी। कोलंबिया यूनिवर्सिटी और ऑक्सफोर्ड से अंग्रेजी साहित्य का अध्ययन किया। अरविंद कहते हैं कि चाहे व्हाइट टाइगर का बलराम हलवाई हो या सिलेक्शन डे का मंजूनाथ मेरे पात्र उन सारे आम आदमी का प्रति‍निधि है जिनसे मैं भारत यात्रा के दौरान मिला था। भारत आने पर मैंने अपना बहुत सारा समय रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और झुग्गी बस्तियों की ज़िंदगी को समझने में गुजारा।


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