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योग छोड़कर करेंगे कसरत तो होगा ये भयानक नुकसान

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
पहले अखाड़े हुआ करते थे अब का प्रचलन है। अखाड़े भी है, लेकिन उनमें अब बहुत कम ही लोग जाते हैं। सुना यह भी है कि बहुत से अखाड़ों को भी अब जिम का लुक दे दिया गया है। जिम में बॉडी बनाने के लिए जाते हैं। बॉडी तो बन ही जाती है, लेकिन यह बॉडी कितनी उचित होती है यह तो बॉडी बनाने वाले ही जानते होंगे। यदि जीवन में जिम या अखाड़े की आवश्यकता है तो अवश्यक करें और यदि नहीं है तो फिर क्यों व्यर्थ में शरीर को थकाते हैं।
 
यदि आपको किसी बॉडी प्रतियोगिता में हिस्सा लेना हो, कुश्ती लड़ना हो, हीरो बनना हो या वजन उठाना हो तो जिम या अखाड़े जाना जरूरी है, लेकिन यह सब नहीं करना हो तो फिर थोड़ा सोचना पड़ेगा की आप जिम क्यों जाते हैं। जिम और योग का सबसे बड़ा अंतर यह है कि जिम की करने के बाद आप थका हुआ महसूस करेंगे, लेकिन योग के करने के बाद आप खुद को पहले से कहीं ज्यादा तरोताज महसूस करेंगे।
 
योग का शरीर : बचपन में हमारा शरीर लचकदार था। उम्र बड़ने के साथ हड्डियां कड़क होती गई। हार्ड बोन के टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है। एक बच्चा जब छोटी-मोटी जगह से गिरता है तो फ्रेक्चर होने के कम चांस है, लेकिन जवान व्यक्ति जब गिरता है तो फ्रेक्चर होने के चांस ज्यादा होते हैं। योग हमारी हड्ड़ियों को फिर से लचकदार बनाकर लंबे समय तक उनके कैल्शियम के क्षरण को रोकता है।
 
योग का शरीर लचीला और सॉफ्ट होता है। इसे अतिरिक्त भोजन की आवश्यकता नहीं होती और यह सभी तरह के रोग से बचने की क्षमता रखता है। लगातार योग करने के बाद योग छोड़ भी देते हैं तो इससे शरीर में किसी भी प्रकार का ढलाव नहीं आता और हाथ-पैर में दर्द भी नहीं होता। जब स्फूर्ती दिखाने का मौका होता है तो यह शरीर एकदम से सक्रिय होने की क्षमता रखता है।
 
कसरत का शरीर : जबकि जिम में हमारी हड्डियों के साथ मांस-पेशियां भी हार्ड हो जाती है। माना जाता है कि जिम जाना छोड़ देने के बाद यह बनावटी हार्डनेस व्यक्ति को वक्त से पहले बुढ़ा बना देती है जोकि बहुत ही भयानक होता है। बाद में बुढ़ापे में अंग अंग दुखता है, सड़पता है।
 
देखने में आया है कि जिम का शरीर गठिला, कसा हुआ और हार्ड होता है। उस शरीर को अतिरिक्त भोजन की भी आवश्यकता होती ही है। जिम करने के बाद भी रोग और शोक से बचे रहने की क्षमता की कोई गारंटी नहीं रहती। मानते हैं कि जिम की छोड़ने के बाद शरीर में एकदम से ढलाव आने लगता है इसलिए जिम की कसरत को जारी रखना जरूरी होता है अन्यथा हाथ-पैर दर्द करने लगते हैं। जिम जाने से उम्र बढ़ने के साथ-साथ जोड़ों का दर्द भी बढ़ने लगता है। मांस-पेशियों में खिंचाव की समस्या से लड़ना पड़ता है। अतिरिक्त कसरत करने से कंधे और घुटने के ज्वांइट घिसा जाते हैं और बाद में कई लोगों तो अपने कंधे या घुटने का ऑरेशन कराना होता है। 

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