युवराज को बेस्ट ‍फील्डर बनाना चाहते थे कर्स्टन

मुंबई| भाषा| पुनः संशोधित मंगलवार, 5 अप्रैल 2011 (20:57 IST)
के निवर्तमान ने कहा कि 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' राष्ट्रीय टीम में वापसी के बाद एकाग्र और पहले से फिट क्रिकेटर थे और वह हाल में संपन्न विश्वकप में सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक बनने के लिए प्रतिबद्ध थे।

कर्स्टन ने कहा कि लगभग सात से आठ महीने पहले उसने टेस्ट टीम में अपनी जगह गंवा दी। उसने कुछ निजी फैसले किये और टीम के मानसिक अनुकूलन कोच पैडी उपटन के साथ काफी समय बिताया। मुझे छह महीने पहले महसूस होने लगा था कि वह एक इंसान और क्रिकेटर के रूप में नए मुकाम पर पहुँच रहा है।

दक्षिण अफ्रीका के इस कोच ने विश्वकप में 369 रन बनाने के अलावा 15 विकेट चटकाने वाले इस क्रिकेटर के बारे में कहा कि जब उन्होंने विश्वकप टीम में वापसी की तो मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि वह कितने एकाग्र है। वह पहले से बेहतर फिट थे और उन्होंने अपनी गेंदबाजी पर काफी काम किया था।
उन्होंने कहा कि सबसे प्रभावित करने वाला तथ्य यह था कि वह विश्वकप के सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक बनना चाहते थे। कर्स्टन ने कहा कि तीस गज के घेरे अंदर युवराज के अलावा युवा सुरेश रैना और विराट कोहली की मौजूदगी ने भारतीय क्षेत्ररक्षण को मजबूत किया और टीम को 28 बरस बाद खिताब दिलाने में मदद की। (भाषा)

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