Widgets Magazine

हॉकी से फिल्‍म तक

NDND
वे सात बार हॉकी के नेशनल टूर्नामेंट खेल चुकी हैं। उत्तराखंड की महिला हॉकी टीम की मुख्य स्ट्राइकर होने के बाद भी उन्हें नेशनल खेल कर ही संतुष्ट होना पड़ा, क्योंकि आगे बढ़ने के लिए अधोसंरचना उपलब्ध नहीं थी। दो साल पहले जब वे जबलपुर में एक नेशनल टूर्नामेंट खेल रही थीं, तब निर्देशक शमीत अमीन ने उन्हें फिल्म 'चक दे इंडिया' के लिए चुन लिया। चित्रांशी से बातचीत के कुछ अंश-

* 'चक दे इंडिया' में अभिनय करने का अनुभव कैसा रहा?

मैं देहरादून की हॉकी खिलाड़ी हूँ। मेरे लिए यह फिल्म काफी महत्वपूर्ण है। फिल्म के रिलीज होने के बाद पाँच बार उसे देखा। मीररंजन नेगी और कई वरिष्ठ खिलाड़ी फिल्म के लिए उन अभिनेत्रियों को प्रशिक्षण देते थे, जिन्होंने पहले कभी हॉकी नहीं खेली थी। इससे मुझे भी मार्गदर्शन मिल गया। फिल्म की शूटिंग के दौरान हॉकी के लिए कई बार प्रैक्टिस होती थी। इसमें शाहरुख, सभी 16 कास्ट और प्रशिक्षक एक साथ मैच खेलते थे। उसमें काफी आनंद आता था।

* फिल्म की और आपकी कामयाबी के बाद अब हॉकी के लिए क्या करना चाहेंगी?

मैं मुंबई में बांद्रा के एक कॉलेज में हॉकी की प्रैक्टिस फिर से शुरू करूँगी, जो पिछले कुछ समय से छूट गई है। फिल्म में काम करने से पहले जब मैंने 'बैंड इट लाइक बैकहम' और 'लगान' व 'इकबाल' देखी तो यह सोचा था कि मैं भी एक दिन हॉकी पर कोई फिल्म बनाऊँगी। किस्मत से मुझे ऐसी फिल्म में काम करने का मौका मिल गया। कामयाबी मिलने के बाद अब मैं हॉकी के लिए कुछ न कुछ तो करूँगी। देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के एस्ट्रो टर्फ सतह वाले मैदानों की कमी है। मेरी इच्छा है कि मैं अपनी मेहनत से ऐसा एक मैदान देश में बनाऊँ।

* आपको यह कब महसूस हुआ कि शाहरुख जान-बूझकर गलतियाँ कर रहे हैं?

फिल्म के लिए जो हॉकी खिलाड़ी लड़कियाँ चुनी गई थीं, उन्हें अभिनय नहीं आता था इसलिए हमे जब संवाद दिए गए तो हमने इतनी ज्यादा रिहर्सल की कि सब कुछ रट गया। हममें से अधिकांश लड़कियाँ अभिनय के मामले में गैर अनुभवी थीं। ऐसे में हम असहज महसूस न करें, इसलिए शाहरुख जान-बूझकर गलतियाँ करते थे। पहले तो हम सभी काफी खुश हुए कि शाहरुख भी स्क्रिप्ट भूल जाते हैं, लेकिन बाद में जब वे गलतियाँ करने के बाद मुस्कुराते थे तो महसूस होता था कि वे जान-बूझकर ऐसा कर रहे हैं।

* 'चक दे इंडिया' के बाद क्या फिल्मों के ऑफर मिले हैं?

ND|
एक फिल्म और दो सीरियल के लिए ऑफर मिले हैं। इनके नाम अभी तय नहीं हैं। उम्मीद है कि सफलता मिलेगी।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :