हर तरह की बीमारी-रोग-शोक-आपदा से बचाते हैं यह 3 महादेव मंत्र


अनेक प्राचीन वांग्मय महाकाल की व्यापक महिमा से आपूरित हैं क्योंकि वे कालखंड, काल सीमा, काल-विभाजन आदि के प्रथम उपदेशक व अधिष्ठाता हैं। स्कन्दपुराण के अवंती खंड में, शिव पुराण (ज्ञान संहिता अध्याय 38), वराह पुराण, रुद्रयामल तंत्र, शिव महापुराण की विद्येश्वर संहिता के तेइसवें अध्याय तथा रुद्रसंहिता के चौदहवें अध्याय में भगवान महाकाल की अर्चना, महिमा व विधान आदि का विस्तृत वर्णन किया गया है।
मृत्युंजय महाकाल की आराधना का मृत्यु शैया पर पड़े व्यक्ति को बचाने में विशेष महत्व है। खासकर तब जब व्यक्ति अकाल मृत्यु का शिकार होने वाला हो। इस हेतु विशेष जाप से भगवान महाकाल का लक्षार्चन अभिषेक किया जाता है-

'ॐ ह्रीं जूं सः भूर्भुवः स्वः,
ॐ त्र्यम्बकं स्यजा महे
सुगन्धिम्पुष्टिवर्द्धनम्‌।
उर्व्वारूकमिव बंधनान्नमृत्योर्म्मुक्षीयमामृतात्‌
ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ'

इसी तरह सर्वव्याधि निवारण हेतु इस मंत्र का जाप किया जाता है।

ॐ मृत्युंजय महादेव त्राहिमां शरणागतम
जन्म मृत्यु जरा व्याधि पीड़ितं कर्म बंधनः

श्रावण में शिव-माह समूचे उज्जैन में मनाया जाता है। इन दिनों भक्तवत्सल्य भगवान आशुतोष महाकालेश्वर का विशेष श्रृंगार किया जाता है, उन्हें विविध प्रकार के फूलों से सजाया जाता है। यहां तक कि भक्तजन अपनी श्रद्धा का अर्पण इतने विविध रूपों में करते हैं कि देखकर आश्चर्य होता है।

कोई बिल्वपत्र की लंबी घनी माला चढ़ाता है। कोई बेर,संतरा, केले, और दूसरे फलों की माला लेकर आता है। कोई आंकड़ों के पत्तों पर चंदन से ॐ बना कर अर्पित करता है।
औढरदानी, प्रलयंकारी, दिगम्बर भगवान शिव का यह सुहाना सुसज्जित सुंदर स्वरूप देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। इसे 'सेहरा' के दर्शन कहा जाता है। श्री महाकालेश्वर से परम पुनीत प्रार्थना की जाती है कि इस श्रावण के पावन माह में अखिल सृष्टि पर वे प्रसन्न होकर प्राणी मात्र का कल्याण करें -

'कर-चरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा
श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम,
विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व,
जय-जय करुणाब्धे, श्री महादेव शम्भो॥'

अर्थात हाथों से, पैरों से, वाणी से, शरीर से, कर्म से, कर्णों से, नेत्रों से अथवा मन से भी हमने जो अपराध किए हों, वे विहित हों अथवा अविहित, उन सबको है करुणासागर महादेव शम्भो! क्षमा कीजिए,
श्री महादेव आपकी जय हो,जय हो।


सावन सोमवार की पौराणिक कथा (देखें वीडियो)





Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

शनिवार को क्यों नहीं खरीदते हैं यह 10 तरह की चीजें...

शनिवार को क्यों नहीं खरीदते हैं यह 10 तरह की चीजें...
जानिए ऐसी कौनसी वस्तुएं हैं जो शनिवार को घर नहीं लानी चाहिए या इस दिन इन्हें नहीं खरीदना ...

कैसे होते हैं मिथुन राशि वाले जातक, जानिए अपना

कैसे होते हैं मिथुन राशि वाले जातक, जानिए अपना व्यक्तित्व...
हम वेबदुनिया के पाठकों के लिए क्रमश: समस्त 12 राशियों व उन राशियों में जन्मे जातकों के ...

अद्भुत शक्तियां देता है श्रीयंत्र, प्रतिदिन करें पूजा और ...

अद्भुत शक्तियां देता है श्रीयंत्र, प्रतिदिन करें पूजा और पढ़ें ये मंत्र
प्रतिदिन श्रीयंत्र के दर्शन मात्र से ही इसकी अद्भुत शक्तियों का लाभ मिलना शुरू हो जाता ...

पुरुषोत्तम मास में व्रत कर रहे हैं तो ध्यान रखें इन 3 बातों ...

पुरुषोत्तम मास में व्रत कर रहे हैं तो ध्यान रखें इन 3 बातों का
पुरुषोत्तम मास चल रहा है, हम सभी में जो भी किसी भी धर्म के आस्तिक हैं वह किसी न किसी ...

दौलतमंद बनना है तो घर में स्थापित करें धनदायक गणपति

दौलतमंद बनना है तो घर में स्थापित करें धनदायक गणपति
आज हर व्यक्ति दौलतमंद होना चाहता है। अत: अथाह धन-दौलत पाने के लिए भगवान श्रीगणेश का पूजन ...

गलत समय में सहवास करने से पैदा हुए ये दो दैत्य, आप भी ध्यान ...

गलत समय में सहवास करने से पैदा हुए ये दो दैत्य, आप भी ध्यान रखें
शास्त्रों में सहवास करने का उचित समय बताया गया है। संधिकाल में उच्च स्वर, सहवास, भोजन, ...

क्या है राशि, किस राशि से कैसे जानें भविष्य, पढ़ें सबसे खास ...

क्या है राशि, किस राशि से कैसे जानें भविष्य, पढ़ें सबसे खास जानकारी
आकाश में न तो कोई बिच्छू है और न कोई शेर, पहचानने की सुविधा के लिए तारा समूहों की आकृति ...

9 ग्रहों की ऐसी पौराणिक पहचान तो कहीं नहीं पढ़ी...

9 ग्रहों की ऐसी पौराणिक पहचान तो कहीं नहीं पढ़ी...
भारतीय ज्योतिष और पौराणिक कथाओं में 9 ग्रह गिने जाते हैं, सूर्य, चन्द्रमा, बुध, शुक्र, ...

क्या सच में ग्रहों की चाल प्रभावित करती है हमारे जीवन को, ...

क्या सच में ग्रहों की चाल प्रभावित करती है हमारे जीवन को, जानिए कैसे
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड 360 अंशों में विभाजित है। इसमें 12 राशियों में से प्रत्येक राशि के 30 ...

राजा हिरण्यकश्यप के अंत के लिए भगवान विष्णु ने किया था ...

राजा हिरण्यकश्यप के अंत के लिए भगवान विष्णु ने किया था पुरुषोत्तम मास का निर्माण
तेरहवें महीने के निर्माण के संबंध में किंवदंती है कि भगवान ब्रह्मा से राजा हिरण्यकश्यप ने ...

राशिफल