ईश्वर के बारे में क्या कहता है हिन्दू धर्म?

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
।।ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम् भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।।
अर्थात: उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, तेजस्वी, पापनाशक, परमात्मा को हम अंतःकरण में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे। ही सत्य है
> हिन्दू धर्म के ग्रंथ वेद में को 'ब्रह्म' कहा गया है। ब्रह्म को प्रणव, सच्चिदानंद, परब्रह्म, ईश्वर, और परमात्मा भी कहा जाता है। इसी कारण हिन्दू धर्म को 'ब्रह्मवादी' धर्म भी कहा जाता है। इस ब्रह्म के बारे में उपनिषद (वेदांत) और गीता में सारतत्व समझाया गया है। उपनिषद और गीता के साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को 'ब्रह्मसूत्र' का अध्ययन करना चाहिए।
 
दुनिया के सभी धर्मों से अलग है हिन्दू धर्म में ईश्वर की धारणा, जो कि बिलकुल भी सतही नहीं है। यह ऋषियों का अनुभूत सत्य है। जांचा-परखा मार्ग है। ऋषियों ने ईश्वर की कल्पना नहीं की बल्कि उसका अनुभव किया और जाना। जो जाना वही कहा। आओ जानते हैं कि हिन्दू धर्म ईश्वर के बारे में क्या कहता है?
 
अगले पन्ने पर कौन नहीं है ईश्‍वर...
 

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

बांग्लादेश में हैं माता के ये 5 शक्तिपीठ

बांग्लादेश में हैं माता के ये 5 शक्तिपीठ
भारत का बंटवारा जब हुआ था तब भारतीय हिन्दुओं ने अपने कई तीर्थ स्थल, शक्तिपीठ और प्राचीन ...

अतिथि देवो भव:, जानिए अतिथि को देवता क्यों मानते हैं?

अतिथि देवो भव:, जानिए अतिथि को देवता क्यों मानते हैं?
अतिथि कौन? वेदों में कहा गया है कि अतिथि देवो भव: अर्थात अतिथि देवतास्वरूप होता है। अतिथि ...

यह रोग हो सकता है आपको, जानिए 12 राशि अनुसार

यह रोग हो सकता है आपको, जानिए 12 राशि अनुसार
12 राशियां स्वभावत: जिन-जिन रोगों को उत्पन्न करती हैं, वे इस प्रकार हैं-

मांग में सिंदूर क्यों सजाती हैं विवाहिता?

मांग में सिंदूर क्यों सजाती हैं विवाहिता?
मांग में सिंदूर सजाना एक वैवाहिक संस्कार है। सौभाग्यवती स्त्रियां मांग में जिस स्थान पर ...

वास्तु : खुशियों के लिए जरूरी हैं यह 10 काम की बातें

वास्तु : खुशियों के लिए जरूरी हैं यह 10 काम की बातें
रोजमर्रा में हम ऐसी गलतियां करते हैं जो वास्तु के अनुसार सही नहीं होती। आइए जानते हैं कुछ ...

हिंदू धर्मग्रंथों का सार, जानिए किस ग्रंथ में क्या है?

हिंदू धर्मग्रंथों का सार, जानिए किस ग्रंथ में क्या है?
अधिकतर हिंदुओं के पास अपने ही धर्मग्रंथ को पढ़ने की फुरसत नहीं है। वेद, उपनिषद पढ़ना तो ...

हिन्दू धर्मग्रंथ गीता : कब, कहां, क्यों?

हिन्दू धर्मग्रंथ गीता : कब, कहां, क्यों?
3112 ईसा पूर्व हुए भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। कलियुग का आरंभ शक संवत से 3176 वर्ष ...

केदारनाथ के प्रादुर्भाव से 2013 तक के इतिहास पर लेजर शो 28 ...

केदारनाथ के प्रादुर्भाव से 2013 तक के इतिहास पर लेजर शो 28 अप्रैल से
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को कहा कि इस बार केदारनाथ में ...

क्या मोबाइल का नंबर बदल कर चमका सकते हैं किस्मत के तारे...

क्या मोबाइल का नंबर बदल कर चमका सकते हैं किस्मत के तारे...
अंकशास्त्र के अनुसार अगर मोबाइल नंबर में सबसे अधिक बार अंक 8 का होना शुभ नहीं होता है। ...

याद रखें यह 5 वास्तु मंत्र, हर संकट का होगा अंत

याद रखें यह 5 वास्तु मंत्र, हर संकट का होगा अंत
निवास, कारखाना, व्यावसायिक परिसर अथवा दुकान के ईशान कोण में उस परिसर का कचरा अथवा जूठन ...

राशिफल