इन दो देवताओं के कारण जीते थे पांडव महाभारत का युद्ध

Last Updated: बुधवार, 28 जून 2017 (16:39 IST)
महाभारत के युद्ध में जीत का श्रेय निश्‍चित ही भगवान श्रीकृष्ण को जाता है लेकिन भगवान श्रीकृष्ण को भी यह युद्ध जीतने के लिए अन्य देवी और देवताओं की मदद लेना पड़ी थी। हालांकि आप शायद जानते होंगे लेकिन फिर भी हम यहां बताना चाहते हैं उन लोगों के लिए जो यह नहीं जानते हैं।
शोधानुसार जब महाभारत का युद्ध हुआ, तब श्रीकृष्ण की आयु 83 वर्ष थी। के 36 वर्ष बाद उन्होंने देह त्याग दी थी।

इसका मतलब 119 वर्ष की आयु में उन्होंने देहत्याग किया था। भगवान श्रीकृष्ण द्वापर के अंत और कलियुग के आरंभ के संधि काल में विद्यमान थे। ज्योतिषिय गणना के अनुसार कलियुग का आरंभ शक संवत से 3176 वर्ष पूर्व की चैत्र शुक्ल एकम (प्रतिपदा) को हुआ था। वर्तमान में 1936 शक संवत है। इस प्रकार कलियुग को आरंभ हुए 5112 वर्ष हो गए हैं।

इस प्रकार भारतीय मान्यता के अनुसार श्रीकृष्ण विद्यमानता या काल शक संवत पूर्व 3263 की भाद्रपद कृ. 8 बुधवार के शक संवत पूर्व 3144 तक है। भारत का सर्वाधिक प्राचीन संवत जिसकी गणना कलियुग से 40 वर्ष पूर्व से की जाती है, उक्त मान्यता को पुष्ट करता है। कलियुग के आरंभ होने से 6 माह पूर्व मार्गशीर्ष शुक्ल 14 को महाभारत का युद्ध का आरंभ हुआ था, जो 18 दिनों तक चला था। आओ जानते हैं महाभारत युद्ध के 18 दिनों के रोचक घटनाक्रम को।

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