इन दो देवताओं के कारण जीते थे पांडव महाभारत का युद्ध

महाभारत के युद्ध में जीत का श्रेय निश्‍चित ही भगवान श्रीकृष्ण को जाता है लेकिन भगवान श्रीकृष्ण को भी यह युद्ध जीतने के लिए अन्य देवी और देवताओं की मदद लेना पड़ी थी। हालांकि आप शायद जानते होंगे लेकिन फिर भी हम यहां बताना चाहते हैं उन लोगों के लिए जो यह नहीं जानते हैं।
शोधानुसार जब महाभारत का युद्ध हुआ, तब श्रीकृष्ण की आयु 83 वर्ष थी। के 36 वर्ष बाद उन्होंने देह त्याग दी थी।

इसका मतलब 119 वर्ष की आयु में उन्होंने देहत्याग किया था। भगवान श्रीकृष्ण द्वापर के अंत और कलियुग के आरंभ के संधि काल में विद्यमान थे। ज्योतिषिय गणना के अनुसार कलियुग का आरंभ शक संवत से 3176 वर्ष पूर्व की चैत्र शुक्ल एकम (प्रतिपदा) को हुआ था। वर्तमान में 1936 शक संवत है। इस प्रकार कलियुग को आरंभ हुए 5112 वर्ष हो गए हैं।

इस प्रकार भारतीय मान्यता के अनुसार श्रीकृष्ण विद्यमानता या काल शक संवत पूर्व 3263 की भाद्रपद कृ. 8 बुधवार के शक संवत पूर्व 3144 तक है। भारत का सर्वाधिक प्राचीन संवत जिसकी गणना कलियुग से 40 वर्ष पूर्व से की जाती है, उक्त मान्यता को पुष्ट करता है। कलियुग के आरंभ होने से 6 माह पूर्व मार्गशीर्ष शुक्ल 14 को महाभारत का युद्ध का आरंभ हुआ था, जो 18 दिनों तक चला था। आओ जानते हैं महाभारत युद्ध के 18 दिनों के रोचक घटनाक्रम को।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

महाभारत के पांच मामाओं के 'कारनामे' जानकर चौंक जाएंगे

महाभारत के पांच मामाओं के 'कारनामे' जानकर चौंक जाएंगे
महाभारत में मामाओं के बड़े जलवे रहे हैं। एक ओर मामाओं ने लुटिया डुबोई है तो दूसरी ओर पार ...

जानिए क्या है केमद्रुम योग, यह योग जातक को बना देता है

जानिए क्या है केमद्रुम योग, यह योग जातक को बना देता है कंगाल
लग्न चक्र के विविध योगों में केमद्रुम योग एक ऐसा योग है, जिसके कारण बहुत कठिनाइयां सामने ...

क्या है पुरी की जगन्नाथ रथयात्रा का राज, इन 15 बिंदुओं से ...

क्या है पुरी की जगन्नाथ रथयात्रा का राज, इन 15 बिंदुओं से जानिए संपूर्ण रथयात्रा का महत्व
विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा जगन्नाथ यात्रा का उत्साह चरम पर है। देश-विदेश से लोग इसमें शामिल ...

आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि के मुहूर्त और पूजन का शुभ समय, ...

आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि के मुहूर्त और पूजन का शुभ समय, जानिए...
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पर्व 13 जुलाई 2018 से शुरू हो रहा है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकम तिथि ...

उड़ीसा में एक जगन्नाथ मंदिर ऐसा भी है जहां नहीं निकलती ...

उड़ीसा में एक जगन्नाथ मंदिर ऐसा भी है जहां नहीं निकलती रथयात्रा, जानिए आप भी...
गंजाम के मरदा स्थित जगन्नाथ मंदिर में कोई देवी-देवता ही स्थापित नहीं हैं। कहते हैं, सन ...

16 जुलाई 2018 से सूर्य कर्क राशि में, जानिए क्या उलटफेर ...

16 जुलाई 2018 से सूर्य कर्क राशि में, जानिए क्या उलटफेर होगा आपकी राशि में ...
16 जुलाई 2018 सोमवार को 22:42 बजे कर्क राशि में गोचर करने जा रहे हैं। सूर्यदेव के इस ...

शिवपुराण में मिला धन कमाने का पौराणिक रहस्य, बहुत आसान है ...

शिवपुराण में मिला धन कमाने का पौराणिक रहस्य, बहुत आसान है मनचाही दौल‍त पाना
यदि आप भी शिवजी की कृपा से धन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं तो यहां बताया गया ...

श्रावण मास में मंदिर नहीं जा सकते, घर में रहकर करना है शिव ...

श्रावण मास में मंदिर नहीं जा सकते, घर में रहकर करना है शिव पूजन तो यह लेख आपके लिए है, पढ़ें राशि अनुसार शिव पूजन
प्रस्तुत है इस श्रावण मास में कुछ ऐसे उपाय जो आप घर में बैठकर ही आसानी से कर सकते हैं और ...

सावन मास में यह धारा शिव को चढ़ाने से मूर्ख भी हो जाता है ...

सावन मास में यह धारा शिव को चढ़ाने से मूर्ख भी हो जाता है बुद्धिमान, पढ़ें 7 विशेष जानकारी
सावन मास में शिव का पूजन पूरी विधि विधान से करना चाहिए। जानिए, अलग-अलग धाराओं से शिव ...

चातुर्मास में रखें इन बातों का विशेष ध्यान

चातुर्मास में रखें इन बातों का विशेष ध्यान
व्रत, भक्ति और शुभ कर्म के चार महीने को हिन्दू धर्म में 'चातुर्मास' कहा गया है। ध्यान और ...

राशिफल