Bhima's son Ghatotkacha Skeleton | भीम पुत्र घटोत्कच का कंकाल मिला!
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बताया जाता है कि कद-काठी के हिसाब से यह कंकाल महाभारत के भीम पुत्र घटोत्कच के विवरण से मिलता-जुलता है। हालांकि इसकी तुलना अमेरिका में पाए जाने वाले बिगफुट से भी की जा रही है जिनकी औसत हाइट अनुमानत: 8 फुट की है। इसकी तुलना हिमालय में पाए जाने वाले यति से भी की जा रही है, जो बिगफुट के समान ही है।
माना जा रहा है कि इस तरह के विशालकाय मानव 5 लाख वर्ष पूर्व से 1 करोड़ 20 लाख वर्ष पूर्व के बीच में धरती पर रहा करते थे जिनका वजन लगभग 550 किलो हुआ करता था।
खास बात यह है कि इतने बड़े मनुष्य के होने का कहीं कोई प्रमाण अभी तक प्राप्त नहीं हो सका था। क्या सचमुच इतने बड़े आकार के मानव होते थे? यह पहला प्रमाण है जिससे कि यह सिद्ध होता है कि उस काल में कितने ऊंचे मानव होते थे।
इस संबंध में क्या कहता है हिन्दू धर्म और सरकार की मंशा...
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हालांकि इस क्षेत्र में अभी किसी को जाने नहीं दिया जा रहा और आर्कलाजिकल सर्वे ऑफ इंडिया का कहना है कि सरकार से अनुमति प्राप्त होने के बाद ही इस पर कुछ कहा जाएगा। हालांकि भारत सरकार भारत से जुड़े ऐतिहासिक साक्ष्यों को अब तक छुपाकर ही रख रही है। क्यों? यह सरकार से ही पूछा जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि राम जन्मभूमि, रामसेतु आदि प्राचीन ऐतिहासिक साक्ष्यों को सरकार ने छुपाकर रखा है। फिलहाल यहां भारत सरकार ने किसी के भी जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
महाभारत में भीम पुत्र घटोत्कच और राक्षस बकासुर के इस तरह के विशालकाय होने का वर्णन मिलता है। भीम ने असुर पुत्री हिडिम्बा से विवाह किया था जिससे घटोत्कच और घटोत्कच से बर्बरीक का जन्म हुआ। महाभारतकाल में भी इतने विशालकाय मानव हुआ करते थे।
इस तरह के कंकाल विश्वभर में कई जगहों पर पाए गए हैं, लेकिन यह सबसे विशालकाय है। अब तक के सबसे प्राचीनतम ज्ञात जीवाश्म एशिया, चीन, जावा और भारत (शिवालिक हिल्स) से प्राप्त किया गया है।
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