सिंधु ने कहा, बलिदान और ईश्वर की कृपा से मिला रजत


Last Updated: सोमवार, 22 अगस्त 2016 (19:11 IST)
हैदराबाद। रियो ओलंपिक में रजत पदक जीतने के बाद यहां पहुंचने पर हुए भव्य स्वागत से अभिभूत भारत की चोटी की शटलर पी वी सिंधु ने कहा कि उनके बलिदानों और ईश्वर की कृपा से वह रियो में पोडियम तक पहुंचने में सफल रही। सिंधु रियो खेलों में बैडमिंटन के महिला एकल के फाइनल में स्पेन की विश्व में नंबर एक कैरोलिना मारिन से हार गई थी लेकिन वह ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी। 
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इस 21 वर्षीय खिलाड़ी का स्वदेश लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। सिंधु ने कहा, ‘मैंने इस तरह के स्वागत की उम्मीद नहीं की थी। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने मुझे बधाई दी। मैं सभी की आभारी और खुश हूं। पहली बात भगवान की कृपा है जो कि बहुत महत्वपूर्ण है।’ 
 
कोच पुलेला गोपीचंद ने भी उनकी हां में हां मिलाते हुए कहा, ‘हमारे सभी प्रयासों के लिए मैं निश्चित तौर कहूंगा कि भगवान ने हम पर कृपादृष्टि बनाए रखी, जो कि बहुत महत्वपूर्ण था। थोड़ी सी खांसी और जुकाम भी आपकी राह में बाधा बन सकती थी। हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते है और ईश्वर ने चाहा तो हम जीत सकते हैं और इस पूरी कहानी को मैं इसी तरह से देखता हूं।’ 
 
सिंधु ने कहा कि उन्होंने कभी पदक जीतने के बारे में नहीं सोचा लेकिन एक समय में केवल मैच पर ध्यान दिया और अपना शत-प्रतिशत प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, ‘ओलंपिक जाने से पहले मेरा खुद पर विश्वास था और मैंने हर मैच में अपनी तरह से हर संभव प्रयास किया। आज मैं गर्व महसूस कर रही हूं कि मैंने देश का मान बढ़ाया। इसलिए यह सुखद अहसास है। जिम्मेदारियां काफी थी। मैं आगे भी अच्छा प्रदर्शन जारी रखूंगी।’
 
गोपी ने कहा आंध्र या तेलंगाना नहीं, भारत की बेटी है सिंधु : आंध्रप्रदेश और तेलंगाना दोनों ही पीवी सिंधु पर अपना हक जता रहे हैं लेकिन इस ओलंपिक रजत पदक विजेता के कोच पुलेला गोपीचंद ने आज कहा कि वह भारत की बेटी है। जब एक पत्रकार ने सिंधु से दोनों राज्यों के बीच चली बहस के बारे में पूछा गया तो गोपीचंद बीच में ही बोल पड़े और उन्होंने इससे उन्होंने यह क्षेत्रीय विवाद भी समाप्त करने की कोशिश की। 
 
गोपीचंद ने कहा, ‘मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि वह (सिंधु) भारत की बेटी है। वह भारतीय है।’उन्होंने कहा कि यह अच्छा है कि कई सरकारें उनका समर्थन और प्रशंसा कर रही हैं। गोपीचंद ने कहा, ‘हमें खुशी है कि सभी (राज्य) इस उत्सव का हिस्सा बनना चाहते हैं और हमारा समर्थन कर रहे हैं।’> तेलंगाना सरकार ने आज गचीबावली स्टेडियम में सिंधु और गोपीचंद का सम्मान किया। आंध्रप्रदेश सरकार भी इस तरह की योजना है। इस समारेाह के दौरान तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री महमूद अली ने सिंधु को ‘तेलंगाना का गौरव’ जबकि गृहमंत्री एन नरसिम्हा रेड्डी ने ‘तेलंगाना की बेटी' बताया था।
 
सिंधु और गोपीचंद पर धनवर्षा : रियो में बैडमिंटन प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाली पीवी सिंधु और उनके कोच गोपचंद पर धनवर्षा की होड़ लग गई है। तेलंगाना सरकार सिंधु को पांच करोड़ रुपए, आन्ध्रप्रदेश सरकार 3 करोड़, दिल्ली सरकार 2 करोड़, हरियाणा सरकार 1 करोड़ और मध्यप्रदेश सरकार 50 लाख रुपए देगी। 
 
यही नहीं, हैदराबाद बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंधु को बीएमडब्ल्यू कार भेंट करेंगे। गोपीचंद को भी एक करोड़ रुपए देने की घोषणा हुई है। जितने भी सिंधु और गोपी को नकद इनाम देने की घोषणा हुई है, ये इनाम उस रजत से कहीं ऊपर हैं, जो सिंधु ने रियो ओलंपिक में जीतकर देश का मान बढ़ाया है। (भाषा/वेबदुनिया) 

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