दरगाह पर चढा़ई जाती है जलती सिगरेट!

...दरगाह, जहां जलती सिगरेट चढा़ई जाती है!

वार्ता|
WD

हर किसी ने किसी पर फूल, अगरबत्ती, सेहरा, चादर, गुड़ चढा़ने की बात तो सुनी होगी, पर दिल्ली की एक दरगाह पर जलती हुई चढा़कर मांगी जाती है।

यह दरगाह नई दिल्ली के पर मालचा मार्ग के अंदर घने जंगल में स्थित है। यहां हर को सैकड़ों लोग जिनमें अधिकांश हिन्दू स्त्री-पुरुष और विशेष कर पंजाबी लोग आकर दुआएं मांगते है। यह लोग फूल, अगरबत्ती, सेहरा, चादर, गुड़ के अलावा जलती सिगरेट भी दरगाह पर चढा़ते है।
दरगाह शरीफ हजरत ख्वाजा मोनुद्दीन चिश्ती ऊर्फ बरने वाला बाबा के गद्दीनशीन एम.अली. खान साबरी ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि जंगल में स्थित यह दरगाह 800 वर्ष पुरानी है। जिस पर लोगों की आस्थाएं है कि यहां आकर वह जो दुआएं मांगेंगे अवश्य पूरी होंगी।

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर. पीवी नरसिंह राव और अनेक फिल्म कलाकर भी इस दरगाह पर मन्नत मांगने आ चुके हैं। उनकी फोटो भी वहां लगी हुई है। जंगल में होने के कारण दरगाह सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक ही तिजारत के लिए खुलती है। इसके बाद वहां कोई नहीं रहता।
यह पूछे जाने पर कि दरगाह पर मांगी जाने वाली दुआओं में सबसे ज्यादा किस विषय पर होती है, उन्होंने बताया कि बच्चों की दुआएं मांगने वाली महिलाओं की संख्या सर्वाधिक होती है। (वार्ता)

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