ये जन्मभूमियां हैं खास

इस बार हम दिव्य दर्शन में आपके लिए लाए हैं दुनिया के प्रमुख धर्मों के अवतार, प्रॉफेट या संस्थापकों के जन्म स्थान की संक्षिप्त जानकारी।
*रामजन्मभूमि (अयोध्या, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश, भारत)
यह स्थान रामदूत हनुमान के आराध्य प्रभु श्रीराम का जन्म स्थान है। भगवान राम का जन्म 5114 ईस्वी पूर्व चैत्र मास की नवमी को हुआ था। कहते हैं कि 1528 में बाबर के सेनापति मीरबकी ने अयोध्या में राम मंदिर तोड़कर बाबरी मस्जिद बनवाई थी।
*श्रीकृष्ण जन्मभूमि (मथुरा, उत्तर प्रदेश)
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में हुआ था। मथुरा में भगवान कृष्ण की जन्मभूमि है और कहा जाता है कि उसी जन्मभूमि के आधे हिस्से पर बनी है ईदगाह। कहते हैं कि औरंगजेब ने 1660 में मथुरा में कृष्ण मंदिर को तुड़वाकर ईदगाह बनवाई थी।

*कुंडलपुर (नालंदा, वैशाली, बिहार, भारत)
कुंडलपुर में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म ईसा से 599 वर्ष पहले पिता सिद्धार्थ और माता त्रिशला के यहां तीसरी संतान के रूप में चैत्र शुक्ल तेरस को हुआ था।
देखें वीडियो...
*लुम्बिनी (नौगढ़, नेपाल)
यह स्थान नेपाल की तराई में पूर्वोत्तर रेलवे की गोरखपुर-नौतनवां लाइन के नौतनवां स्टेशन से 20 मील और गोरखपुर-गोंडा लाइन के नौगढ़ स्टेशन से 10 मील दूर है जहां भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था।

*मिस्र (उत्तरी अफ्रीका) : यहूदी धर्म के पैगंबर हजरत मूसा मिस्र के फराओ के जमाने में हुए थे। ऐसा माना जाता है कि उनको उनकी मां ने नील नदी में बहा दिया था। उनको फिर फराओ की पत्नी ने बचाया और बड़े होकर वे मिस्री राजकुमार बने। बाद में वे इसराइल चले गए।
*(संभवत: रेजेज, ईरान) पारसी धर्म के संस्थापक का जन्म प्राचीन ईरान में हुआ था। बचपन में उनका नाम स्पितमान था। ईसा पूर्व से लगभग छटी सदी तक ईराक का राजधर्म पारसी हुआ करता था। खाजेह पर्वत, हमुन झील, सिस्तान प्रांत, ईरान में आतिश बेहराम मंदिर है।

*बेथलेहम (फिलिस्तीन, इसराइल)
यह स्थान इसराइल की राजधानी यरुशलम से लगभग 10 किलोमीटर दूर दक्षिण में फिलिस्तीन इलाके में है जहां ईसा मसीह का जन्म 6 ई.पू. नाजारेथ के एक यहूदी बढ़ई के यहां हुआ था। आज इसे चर्च ऑफ नेटिविटी कहा जाता है।
*मक्का (सऊदी अरब)
पैगंबर हजरत मुहम्मद स.अलै. का जन्म मक्का में हुआ था। इस्लाम धर्म के पवित्रतम स्थलों में पहला मक्का और दूसरा मदीना है। मदीना का पूरा नाम मदीना रसूल अल्लाह है जिसका अर्थ होता है- अल्लाह के दूत की नगरी। यह पश्चिमी सऊदी अरब के हिजाज क्षेत्र में स्थित है। इस नगर को पहले 'यथरीब' कहा जाता था।

*नानकाना साहिब (तलवंडी रायभोय, लाहौर, पंजाब, पाकिस्तान)
गुरु नानकदेव सिखों के प्रथम गुरु थे। उनका जन्म 15 अप्रैल 1469 ई. (1526 विक्रमी संवत्‌) वैशाख सुदी 3 में तलवंडी रायभोय नामक स्थान पर हुआ। तलवंडी अब 'ननकाना साहिब' के नाम से जाना जाता है, जो पाकिस्तान के लाहौर जिले से 30 मील दक्षिण-पश्चिम में स्थित है

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :