
धर्मयात्रा की इस बार की कड़ी में हम आपको लेकर चलते हैं गुजरात के वडोदरा शहर के काशी विश्वनाथ मंदिर में। इस ऐतिहासिक मंदिर की स्थापना करीब 120 वर्ष पूर्व सयाजीराव गायकवाड़ महाराज के शासन के दौरान हुई थी।फोटो गैलरी देखने के लिए क्लिक करेंकालांतर में इस मंदिर को स्वामी वल्लभरावजी ने महाराज से दान में ले लिया। स्वामी वल्लभरावजी के बाद स्वामी चिदानंद सरस्वती ने मंदिर की जिम्मेदारी संभाली। सन् 1948 में उन्होंने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। चिदानंदजी स्वामी की मृत्यु के बाद मंदिर ट्रस्ट के हाथों में चला गया। अब मंदिर की देखरेख यही ट्रस्ट कर रहा है। काशी विश्वनाथ मंदिर गायकवाड़ महाराज के पैलेस के ठीक सामने स्थित है। मंदिर का प्रवेश द्वार अत्यंत सुंदर और नक्काशीदार है। मुख्य द्वार से प्रवेश करने पर रथनुमा छतरी में काले पत्थर से बनी नंदी की खूबसूरत प्रतिमा दिखाई देती है।नंदी के साथ-साथ सौभाग्य के प्रतीक कछुए की प्रतिमा भी है। नंदी की प्रतिमा के एक ओर स्वामी वल्लभरावजी की और दूसरी ओर स्वामी चिदानंदजी की पाषाण प्रतिमाएँ हैं। मुख्य मंदिर दो भागों में बँटा है। पहले भाग में एक विशाल हॉल जिसमें भक्त सत्संग और पूजा के लिए एकत्रित होते हैं और दूसरे भाग में मंदिर का गर्भगृह है। सत्संग भवन के स्तम्भों पर और मंदिर की दीवारों पर विभिन देवी-देवताओं की सुंदर और चित्ताकर्षक मूर्तियाँ तराशी गई हैं। मंदिर की छत पर भी सुंदर और मनमोहक नक्काशी की गई है।मंदिर का गर्भगृह सफेद संगमरमर से बना हुआ है। गर्भगृह के बीचोबीच शिवलिंग की स्थापना की गई है। शिवलिंग के आधार पर चाँदी की परत चढ़ाई गई है। गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित है। शिवलिंग पर जल, दूध इत्यादि चढ़ाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में काशी विश्वनाथ, हनुमान मंदिर तथा सोमनाथ महादेव मंदिर भी है। एक छोटे मंदिर में स्वामी चिदानंद सरस्वतीजी की चरण पादुकाएँ रखी गई हैं।श्रावण के प्रत्येक शनिवार और सोमवार को यहाँ मेला लगता है। मास शिवरात्रि (त्रयोदशी) के दिन भी काफी संख्या में लोग यहाँ दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर में तीर्थयात्रियों और साधु-संतों के ठहरने और भोजन की उत्तम व्यवस्था मंदिर ट्रस्ट द्वारा नि:शुल्क की जाती है। कैसे पहुँचें:सड़क मार्ग: वडोदरा गुजरात की राजधानी गाँधीनगर से 115 तथा अहमदाबाद से करीब 130 किमी दूर स्थित है।रेलमार्ग: वडोदरा पश्चिम रेलवे के दिल्ली-मुंबई रेलखंड का एक प्रमुख स्टेशन है। देश के कई भागों से वडोदरा के लिए सीधी रेल सर्विस है।वायुमार्ग: निकटतम हवाई अड्डा अहमदाबाद करीब 130 किमी दूर स्थित है।
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