क्या आप जानते हैं LGBT का मतलब ? अगर नहीं, तो इसे जरूर पढ़ें...

प्रीति सोनी|
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सेक्शन 377 पर फैसला सुनाते हुए संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया। इससे पहले तक समलैंगिक संबंधों को अपराध माना जाता रहा और समलैंगिक अपराधी की तरह दबे-छुपे रहने को मजबूर थे। समलैंगिकता अपराध है या नहीं, इस विषय पर बात बाद में, लेकिन पहला सवाल जो कई लोगों के दिमाग में कौंधा होगा कि आखिर LGBTक्या है? होमोसेक्सुअल, बाईसेक्सुअल, कई नाम हमने सुने हैं। तो इन सभी में क्या अंतर है?
दरअसल एक संयुक्त नाम है जो लैस्बियन, गे, और ट्रांसजेंडर को मिलाकर बना है। वैसे तो इनके अलावा भी कुछ उपनाम हैं, लेकिन मोटे तौर पर इन्हें समझना भी काफी है। समलैंगिकता का अस्तित्व सभी संस्कृतियों और देशों में पाया गया है, यद्यपि कुछ देशों की सरकारें इस बात का खण्डन करती है।
दरअसल इंसानी तौर पर हम विपरीत आकर्षण को सामान्य मानते हैं बाकी को असामान्य... जैसे पुरुष का स्त्री के प्रति आकर्षण और स्त्री का पुरुष के प्रति आकर्षण एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन इसके अलावा भी आकर्षण कई रूपों में हो सकता है, जिसे हम असामान्य करार देकर कई अलग-अलग कैटेगिरी में डिवाइड करते हैं।

इसमें स्त्री का स्त्री के प्रति आकर्ष‍ित होना कैटेगिरी में, जबकि पुरुष का पुरुष के प्रति आकर्षित होना गे कैटेगिरी में आता है। वहीं ऐसे लोग जो महिला एवं पुरुष दोनों की ओर आकर्षित होते हैं, इन्हें बायसेक्सुअल कहा जाता है।

कुछ लोग इस समुदाय के ऐसे भी हैं जो मेडिकल सांइस की मदद से सर्जरी द्वारा सेक्स चेंज करवा लेते हैं, इन लोगों को ट्रांसजेंडर कहा जाता है। इस तरह के लोगों में मन और शरीर दो धड़ों में बंटा होता है क्योंकि ये मन से वैसा
महसूस नहीं करते जैसा इनका शरीर है। उदाहरण के लिए पुरुष होते हुए भी ये महिलाओं की तरह महसूस करते हैं या महिला होते हुए पुरुष की तरह। लेकिन भारत में इस पूरे समुदाय के लिए एक ही शब्द प्रयोग किया जाता है... हिजड़ा या किन्नर।

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